‘मृत व्यक्ति को Party बनाना सद्भावपूर्ण भूल के कारण हुआ और बाद में इसे सुधार लिया गया हो, तो कार्यवाही स्वतः ही ‘अमान्य’ नहीं हो जाती’
इलाहाबाद हाई कोर्ट ने कहा न्यायालयों और अधिकरणों को आवेदन के ‘स्वरूप’ के बजाय कार्यवाही के ‘मूल तत्व’ की जाँच अवश्य करनी चाहिए कार्यवाही की शुरुआत में किसी मृत व्यक्ति को Party बनाना, यदि किसी सद्भावपूर्ण भूल के कारण हुआ हो और बाद में कानूनी वारिसों को रिकॉर्ड पर लाकर…
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