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Evidence

High Court Decision

केवल मुकदमे के Final stage में होना या रक्षा साक्ष्य जुटाना जमानत का स्वतः आधार नहीं, 1 साल से जेल में बंद आरोपी को राहत नहीं

इलाहाबाद हाई कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि मुकदमा Final stage पर होने के आधार पर आरोपी को जमानत नहीं दी जा सकती. जमानत याचिका इसलिए भी मंजूर नहीं की जा सकती कि अभियोजन पक्ष की गवाही समाप्त हो रही है या आरोपी को अपना बचाव पक्ष तैयार करने के…

High Court Decision

किसी Decision में वैधानिक कारणों या साक्ष्यों का उचित विश्लेषण नहीं तो वह कानून की नजर में टिक नहीं सकता

इलाहाबाद हाई कोर्ट ने कहा, समान कार्य के लिए समान वेतन का सिद्धांत संविदा श्रमिकों का भी अधिकार इलाहाबाद हाई कोर्ट ने महत्वपूर्ण Decision में कहा है कि किसी Decision में वैधानिक कारणों या साक्ष्यों का उचित विश्लेषण नहीं तो वह कानून की नजर में टिक नहीं सकता. कोर्ट ने…

High Court Decision

Child witness के बयान पर सजा सुनाया जाना संभव लेकिन संदेह होने पर भरोसेमंद सबूतों का महत्व ज्यादा, 41 साल बाद हत्या के आरोप बरी

कोई Child witness तथ्यों के बारे में बयान देने में सक्षम है, तो उसके बयान के आधार पर सजा सुनाई जा सकती है. लेकिन सावधानी के नियम के तौर पर कोर्ट को रिकॉर्ड पर मौजूद अन्य भरोसेमंद सबूतों से उसके बयान की पुष्टि देखनी चाहिए. कम उम्र होने के कारण…

High Court Decision

Evidence की अनदेखी करने पर फिर से आदेश के लिए मामला वापस

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने Evidence पैरवी की रसीद की अनदेखी कर अर्जी खारिज करने के अधीनस्थ अदालत के आदेश को रद कर फिर से आदेश पारित करने के लिए केस वापस भेज दिया है. यह आदेश जस्टिस रोहित रंजन अग्रवाल ने हरिमोहन सैनी की याचिका पर अधिवक्ता धर्मेंद्र सिंह को सुनकर…

High Court Decision

Trial Court की जिम्मेदारी है कि वह अभियोजन पक्ष के सबूतों का कानूनी और सही तरीके से मूल्यांकन करे, 45 साल पुराने हत्याकांड के जिंदा बचे तीन आरोपी बरी

इलाहाबाद हाई कोर्ट ने कहा, Trial Court ने अभियोजन पक्ष के गवाहों के उन सबूतों पर भरोसा किया, जिन्हें हम कानूनी सिद्धांतों और मामले के तथ्यों के अनुसार पूरी तरह से अविश्वसनीय पाते हैं Trial Court की जिम्मेदारी है कि वह अभियोजन पक्ष के सबूतों का कानूनी और सही तरीके…

High Court Decision

Evidence उचित संदेह से परे प्रमाणित नहीं तो संदेह का लाभ आरोपित को, 38 साल पुराने हत्या के मामले में दो भाइयों की सजा रद्द

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा है कि Evidence उचित संदेह से परे प्रमाणित नहीं तो संदेह का लाभ आरोपित को भी दिया जाना चाहिए. इस कमेंट के साथ कोर्ट ने Evidence उचित संदेह से परे प्रमाणित न न होना मानते हुए मुरादाबाद के एक चर्चित हत्या मामले में सत्र न्यायालय के…

High Court Decision

संदेह, चाहे कितना भी मजबूत क्यों न हो, सबूत की जगह नहीं ले सकता, इंडियन आयल कारपोरेशन का रिटेल Dealership आउटलेट खत्म करने का आदेश रद

संदेह, चाहे कितना भी मजबूत क्यों न हो, सबूत की जगह नहीं ले सकता. इस महत्वपूर्ण कमेंट के साथ इलाहाबाद हाई कोर्ट ने इंडियन आयल कारपोरेशन का रिटेल Dealership आउटलेट खत्म करने का आदेश रद कर दिया है. इलाहाबाद हाई कोर्ट की लखनऊ बेंच के जस्टिस इरशाद अली ने बलरामपुर…

High Court Decision

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा, अपराध में Evidence के अभाव में बरी तो विभागीय जांच नहीं होगी प्रभावित, अध्यापक पर 4 छात्राओं से अश्लील हरकत करने का है आरोप

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा है कि यदि आपराधिक केस में evidence के अभाव के कारण आरोप है बरी कर दिया गया है तो इससे विभागीय जांच कार्यवाही प्रभावित नहीं होगी. कोर्ट ने कहा अपराध मुक्ति सम्मानजनक होनी चाहिए, evidence की कमी से बरी होने से यह नहीं कहा जा सकता…

High Court Decision

ठोस Evidence के अभाव में केवल दुश्मनी के आधार पर किसी को 396 IPC का दोषी नहीं ठहराया जा सकता, HC ने रद की उम्र कैद की सजा

इलाहाबाद हाई कोर्ट ने डकैती से जुड़े मामले में चार अभियुक्तों की उम्रकैद की सजा रद कर दी है. कहा है कि किसी ठोस Evidence के बिना केवल दुश्मनी के आधार पर दोषी नहीं ठहराया जा सकता. जस्टिस जेजे मुनीर और जस्टिस विनय कुमार द्विवेदी की बेंच ने अपीलार्थी अमर…

High Court Decision

जब तक कोई विशेष कानून नकारात्मक बोझ नहीं डालता, आरोपी को निर्दोषता साबित करने के लिए Evidence पेश करने की जरूरत नहीं

इलाहाबाद हाई कोर्ट ने अपहरण और बलात्कार में सुनायी गयी सजा को रद किया, आरोपित को जेल से रिहा करने का आदेश सुप्रीम कोर्ट के फैसले इस बात की पुष्टि करते हैं कि जब तक कोई विशेष कानून नकारात्मक बोझ नहीं डालता, आरोपी को निर्दोषता साबित करने के लिए Evidence…