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सपा सांसद Iqra Hasan के खिलाफ आचार संहिता के उल्लंघन में चल रही केस प्रोसीडिंग पर हाई कोर्ट ने लगायी रोक

समाजवादी पार्टी की सांसद Iqra Hasan को इलाहाबाद हाई कोर्ट से आचार संहिता के उल्लंघन के मामले में बड़ी राहत मिल गयी है. इलाहाबाद हाई कोर्ट के जस्टिस विक्रम डी चौहान की बेंच ने सपा सांसद Iqra Hasan के खिलाफ शामली जिले के मजिस्ट्रेट/विशेष न्यायाधीश एमपी/एमएलए की कोर्ट में केस…

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Child witness के बयान पर सजा सुनाया जाना संभव लेकिन संदेह होने पर भरोसेमंद सबूतों का महत्व ज्यादा, 41 साल बाद हत्या के आरोप बरी

कोई Child witness तथ्यों के बारे में बयान देने में सक्षम है, तो उसके बयान के आधार पर सजा सुनाई जा सकती है. लेकिन सावधानी के नियम के तौर पर कोर्ट को रिकॉर्ड पर मौजूद अन्य भरोसेमंद सबूतों से उसके बयान की पुष्टि देखनी चाहिए. कम उम्र होने के कारण…

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UP TET – 2019: कोर्ट ने कहा 15 दिन में जारी करें संशोधित अंकपत्र

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UP TET -2019) के विवादित प्रश्नों को लेकर दाखिल अवमानना याचिका पर  संशोधित अंकपत्र जारी करने का अतिरिक्त समय दिया है और याचिका निस्तारित कर दी है. यह आदेश जस्टिस विकास बुधवार की एकल पीठ ने अनुराधा एवं नौ अन्य की ओर…

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Alternative legal remedie मौजूद तो संविधान के अनुच्छेद 226 के तहत रिट याचिका पर फैसला सुनना उचित नहीं

इलाहाबाद हाई कोर्ट की लखनऊ बेंच ने खारिज की मे. नीलकंठ प्रा. लि. की याचिका, नोटिस का जवाब देने पर फैसला लें Alternative legal remedie की मौजूदगी अनुच्छेद 226 के तहत रिट अधिकार क्षेत्र पर पूरी तरह रोक नहीं लगाती है. लेकिन, यह देखना भी जरूरी है कि याचिका दाखिल…

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Appointment का आधार ही कानूनी रूप से दोषपूर्ण पाया जाता है तो कदाचार साबित करने के लिए अनुशासनात्मक जांच का सवाल नहीं

इलाहाबाद हाई कोर्ट ने बलिया के चार शिक्षकों की सेवा समाप्ति के BSA और सचिव बेसिक शिक्षा के आदेश को सही ठहराया जिस Appointment को रद करने की कार्रवाई को चुनौती दी जाए, वह सेवा के दौरान याचिकाकर्ताओं द्वारा किए गए किसी कदाचार के आरोप पर आधारित नहीं है और…

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Old Pension Scheme: केंद्रीय प्रशासनिक अधिकरण का फैसला डाक पाल से पदोन्नत डाकिया को 8 साल बाद मिलेगा पुरानी पेंशन का लाभ

आकस्मिक अथवा कार्यभारित आधार पर की गई पूर्व सेवा को Pension के प्रयोजन के लिए गिना जाना चाहिए. सुप्रीम कोर्ट द्वारा विभिन्न मामलों में तय की गयी इस व्यवस्था पर भरोसा करते हुए केंद्रीय प्रशासनिक अधिकरण (कैट), प्रयागराज पीठ ने डाक विभाग के एक सेवानिवृत्त कर्मचारी के पक्ष में महत्वपूर्ण…

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शराब पीने के आरोप में 2010 में Dismiss सिपाही बहाल, कोर्ट ने कहा: सजा असंगत, नये सिरे से कार्रवाई की छूट

अनुपस्थिति के आरोप में किसी कर्मचारी को सेवा से Dismiss करने का फैसला लेते समय जिम्मेदार अफसरों को सम्पूर्ण परिस्थितियों का आकलन करना चाहिए. खासतौर पर उन फैक्ट्स पर जिसके दम पर आरोप की पुष्टि की जा रही है. दण्ड आदेश पर दर्ज तारीखों में ही गलती पकड़ी जाती है…

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Incident की तारीख पर आरोपी की उम्र ही यह तय करने के लिए निर्णायक है कि वह नाबालिग कानून का लाभ पाने का हकदार है या नहीं, हाई कोर्ट ने 46 साल पुराने केस में दी आरोपी को राहत

Incident की तारीख पर आरोपी की उम्र ही यह तय करने के लिए निर्णायक होती है कि वह नाबालिग कानून का लाभ पाने का हकदार है या नहीं. बाद में बालिग हो जाने से उसे वह लाभ नहीं छिनता जो उसे अपराध करने की तारीख पर उसकी उम्र के कारण…

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Adoption की वैध कानूनी जरूरतें पूरी तो बायोलॉजिकल पिता का अपने नाजायज बच्चे को गोद लेना गैर कानूनी नहीं

बच्चे को Adoption के लिए निर्धारित प्रक्रियाओं को पूरा किया गया है तो किसी हिंदू पुरुष को, केवल नाजायज बच्चे का बायोलॉजिकल पिता होने के कारण, Hindu Adoption and Maintenance Act, 1956′ के तहत ऐसे Adoption से नहीं रोक नहीं है. इस कमेंट के साथ इलाहाबाद हाई कोर्ट के जस्टिस…

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Final Report पेश होने पर Judicial Magistrate के पास एक विकल्प यह है कि वह कोड की धारा 190(1)(b) के तहत अपराध का संज्ञान ले और प्रक्रिया शुरू करे

इलाहाबाद हाई कोर्ट ने औरैया के सेशंस जज के आदेश को रद किया, कहा, Judicial Magistrate के आदेश में कोई खा​मी नहीं पुलिस की तरफ से Final Report पेश होने पर Judicial Magistrate के पास उपलब्ध विकल्पों में से एक विकल्प यह है कि वह कोड की धारा 190(1)(b) के…