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High Court Decision

Final Report पेश होने पर Judicial Magistrate के पास एक विकल्प यह है कि वह कोड की धारा 190(1)(b) के तहत अपराध का संज्ञान ले और प्रक्रिया शुरू करे

इलाहाबाद हाई कोर्ट ने औरैया के सेशंस जज के आदेश को रद किया, कहा, Judicial Magistrate के आदेश में कोई खा​मी नहीं पुलिस की तरफ से Final Report पेश होने पर Judicial Magistrate के पास उपलब्ध विकल्पों में से एक विकल्प यह है कि वह कोड की धारा 190(1)(b) के…

High Court Decision

राहुल गांधी को ग्रेट ब्रिटेन का Citizen बताने वाली याचिका खारिज, दस्तावेजी सुबूत पेश नहीं कर पाया याचिकाकर्ता

इलाहाबाद हाई कोर्ट की लखनऊ बेंच ने खुद वापस ली गयी मानते हुए याचिका खारिज किया लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को ग्रेट ब्रिटेन का Citizen बताते हुए उनका रायबरेली संसदीय सीट से निर्वाचन रद करने की मांग में दाखिल की गयी एक और याचिका को इलाहाबाद हाई कोर्ट…

High Court Decision

लखनऊ डायोसिस के Former Bishop पीटर बलदेव की 2ndअपील मंजूर, निचली अदालतों के फैसलों पर अगली सुनवाई तक रोक

इलाहाबाद हाई कोर्ट ने चर्च ऑफ नॉर्थ इंडिया की लखनऊ डायोसिस के Bishop पद से Dr. Peter Baldev को हटाए जाने से जुड़े मामले में महत्वपूर्ण हस्तक्षेप किया है. जस्टिस पीयूष अग्रवाल ने मामले में उठाए गए कानूनी प्रश्नों को विचारण योग्य मानते हुए Former Bishop पीटर बलदेव की दूसरी…

Seminars Blog

विकसित भारत 2047 के लिए राष्ट्रीय न्यायिक नीति जरूरी: Justice Vinod Diwakar

इलाहाबाद हाई कोर्ट के Justice विनोद दिवाकर ने कहा है कि विकसित भारत 2047 के लिए राष्ट्रीय न्यायिक नीति का निर्माण किया जाना चाहिए. इंडिया हैबिटेट सेंटर स्थित गुलमोहर हॉल में न्यायिक सुधार और संवैधानिक नैतिकता विषय पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए Justice दिवाकर ने यह बात कही.…

High Court Decision

तय मात्रा वाला Codeine सिरप चिकित्सा उपयोग के लिए बेचा या भेजा जाता है तो वह मादक पदार्थ नहीं माना जाएगा

इलाहाबाद हाई कोर्ट ने कहा, वही सिरप नशे के लिए भंडारित, बेचा या परिवहन किया जाता है, तो पूरा मिश्रण ” Codeine तैयारी” मानते हुए एनडीपीएस एक्ट के दायरे में आएगा तय मात्रा वाला Codeine सिरप चिकित्सा उपयोग के लिए बेचा या भेजा जाता है तो वह मादक पदार्थ नहीं…

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किसी कर्मचारी के Seasonal Collection Amin या वर्क-चार्ज्ड कर्मचारी के तौर पर की गई सेवा को उन्हें पेंशन का फायदा देने के लिए गिना जाना चाहिए

किसी कर्मचारी द्वारा Seasonal Collection Amin या वर्क-चार्ज्ड कर्मचारी के तौर पर की गई सेवा को उन्हें पेंशन का फायदा देने के लिए गिना जाना चाहिए. उनकी नियुक्ति का नाम चाहे वे दिहाड़ी मजदूर हो, अस्थायी हो या कुछ और, पेंशन और रिटायरमेंट के फायदे पाने के उनके दावे पर…

High Court Decision

तीसरा बच्चा होने पर Maternity leave देने से इन्कार नहीं कर सकते, अवकाश की सीमा घटाकर 12 सप्ताह कर सकते हैं

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने तीसरे बच्चे के जन्म पर Maternity leave देने से इन्कार करने के आदेशों को रद्द कर दिया है और मामले को संबंधित अधिकारी के पास दोबारा विचार के लिए भेज दिया है. याचिकाकर्ता गीता चौधरी ने याचिका दाखिल कर 16 जुलाई 2026 और 25 जुलाई 2026 के…

High Court Decision

20 साल के आसपास की उम्र में Youth अक्सर नासमझी में गलतियाँ कर बैठते हैं, ऐसी गलतियों को अक्सर माफ किया जा सकता है

मुकदमे की जानकारी न देने के आधार पर सेवा से बर्खास्त किये गये पुलिस आरक्षी को बहाल करने के सिंगल बेंच के आदेश ​के खिलाफ सरकारी अपील खारिज 20 साल के आसपास की उम्र में Youth अक्सर नासमझी में गलतियाँ कर बैठते हैं. Youth की ऐसी गलतियों को अक्सर माफ…

High Court Decision

इलाहाबाद हाई कोर्ट बार Association अध्यक्ष और रजिस्ट्रार जनरल के खिलाफ अवमानना याचिका दाखिल

इलाहाबाद हाईकोर्ट में अधिवक्ता ऋतेश श्रीवास्तव ने हाईकोर्ट बार Association, इलाहाबाद के अध्यक्ष राकेश पांडेय और हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल मनजीत सिंह श्योराण के खिलाफ सिविल अवमानना याचिका दाखिल की है. याचिकाकर्ता के अनुसार, हाईकोर्ट प्रशासन ने 22 नवंबर 2024 को कार्यालय ज्ञापन संख्या 998/एडमिन. जी-1/इलाहाबाद जारी किया था, जिसमें…

High Court Decision

राष्ट्रपति की पूर्व स्वीकृति के बिना पारित यूपी का Tenancy विनियमन कानून 2021 आंशिक रूप से असंवैधानिक करार

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने उत्तर प्रदेश शहरी परिसर Tenancy विनियमन अधिनियम, 2021  की धारा 8, 9, 10, 38 और 42 को असंवैधानिक  घोषित कर दिया है. यह फैसला इंदर भूषण सावनी बनाम कंचन कुमारी जैन और अन्य की याचिका सहित कुल 16  याचिकाओं को एक साथ सुनवाई के बाद आया है.…