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High Court Decision

बिना किसी विशिष्ट intention के केवल गुस्से में बोले गए शब्द आपराधिक धमकी या धारा 504/506 के दायरे में नहीं आते हैं

इलाहाबाद हाईकोर्ट का बड़ा फैसला: सोहम गौड़ उर्फ दीपक के खिलाफ आपराधिक कार्यवाही और चार्जशीट रद्द इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने एक महत्वपूर्ण फैसले में कहा है कि बिना किसी विशिष्ट आशय (intention) के केवल गुस्से में बोले गए शब्द आपराधिक धमकी या धारा 504/506 के दायरे में नहीं आते हैं,…

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Medical Officer के लिए PG डिप्लोमा कोर्स में प्रवेश का विकल्प 2016-17 की पॉलिसी के बाद बंद, चिकित्सक की याचिका खारिज

इलाहाबाद हाई कोर्ट ने कहा, राष्ट्रीय स्तर की प्रवेश परीक्षा नीट पीजी में शामिल होने के अलावा कोई दूसरा विकल्प नहीं Medical Officer के लिए पोस्ट ग्रेजुएट (पीजी) डिप्लोमा कोर्स में प्रवेश के लिए राष्ट्रीय स्तर की प्रवेश परीक्षा (NEET-PG) में शामिल होना अनिवार्य है. 2016-17 में प्रवेश की व्यवस्था…

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जैन इंटर कॉलेज, जेवर के 7 Assistant teachers के चयन मंजूरी और वेतन भुगतान पर हाई कोर्ट की डबल बेंच ने सिंगल बेंच के फैसले को आंशिक रूप से बदला

सिंगल बेंच के फैसले के खिलाफ स्टेट ने दाखिल की थी स्पेशल अपील, कोर्ट ने कहा संयुक्त शिक्षा निदेशक मूल चयन रिकॉर्ड और दस्तावेजों की सत्यता की जांच करें इलाहाबाद हाई कोर्ट ने एक महत्वपूर्ण फैसले में जैन इंटर कॉलेज, जेवर के सात Assistant teachers को राहत दे दी है.…

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Remand Magistrate ने मांगी माफी, जस्टिस अतुल श्रीधरन की बेंच ने की अस्वीकार, कहा न्यायिक कार्य के भारी दबाव की आड़ में अपने कर्तव्यों से नहीं बच सकते Magistrate

इलाहाबाद हाई कोर्ट ने मंजूर की बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका, आरोपी को तत्काल रिहा करने का आदेश इलाहाबाद हाई कोर्ट ने एक महत्वपूर्ण फैसले में कहा है कि Remand Magistrate का दायित्व है कि वह गिरफ्तारी मेमा में कमियों को देखे और कोई भी फैसला लेते वक्त अपने न्यायिक विवेक का…

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37 साल पुराने Criminal Case में ‘कुंभकरण’ को आजीवन कारावास की सजा इलाहाबाद हाई कोर्ट ने रखी बरकरार

इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने एक Criminal Case पर अपना फैसला सुनाते हुए लगभग 37 साल पुराने मामले में निचली अदालत के फैसले को पूरी तरह से बरकरार रखा है. जस्टिस सिद्धार्थ वर्मा और जस्टिस जय कृष्ण उपाध्याय की बेंच ने Criminal अपील संख्या 1697/1989 में फैसला देते हुए अपीलकर्ता कृष्ण…

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Married हो जाने मात्र से कोई पुत्री अपने माता-पिता के प्रति कर्तव्यों और आश्रित होने के संवैधानिक अधिकारों से वंचित नहीं हो सकती

इलाहाबाद हाई कोर्ट ने Married Daughter के अनुकंपा अधिकार पर लगायी मुहर इलाहाबाद हाई कोर्ट ने एक महत्वपूर्ण फैसले में कहा है कि केवल Married हो जाने मात्र से कोई पुत्री अपने माता-पिता के प्रति कर्तव्यों और आश्रित होने के संवैधानिक अधिकारों से वंचित नहीं हो सकती. इस कमेंट के…

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इलाहाबाद हाई कोर्ट का महत्वपूर्ण फैसला: किसी व्यक्ति का मृतक का Legal heir होना अपने आप उसे फैमिली पेंशन का हकदार नहीं बनाता

कोर्ट ने कहा, उत्तराधिकार प्रमाणपत्र जारी करने वाली कोर्ट यह तय नहीं कर सकती कि मृत कर्मचारी की फैमिली पेंशन और अन्य सेवानिवृत्ति लाभ पाने का हकदार कौन है इलाहाबाद हाई कोर्ट ने कहा है कि किसी व्यक्ति का मृतक का Legal heir होना ही उसे फैमिली पेंशन का हकदार…

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45 साल पुराने Murder मामले में दो दोषियों को हाई कोर्ट ने माना किशोर, सजा रद्द कर मामला किशोर न्याय बोर्ड को भेजा गया

इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने 28 सितंबर 1980 को सुल्तानपुर जिले में हुई बहुचर्चित चार Murder और कातिलाना हमले से जुड़े 45 साल पुराने आपराधिक मामले में दो जीवित बचे दोषियों सिराज अहमद और अब्दुल वाहिद को किशोर मान लिया और उन्हें सुनायी गयी सजा को रद कर दिया…

High Court Decision

किसी Decision में वैधानिक कारणों या साक्ष्यों का उचित विश्लेषण नहीं तो वह कानून की नजर में टिक नहीं सकता

इलाहाबाद हाई कोर्ट ने कहा, समान कार्य के लिए समान वेतन का सिद्धांत संविदा श्रमिकों का भी अधिकार इलाहाबाद हाई कोर्ट ने महत्वपूर्ण Decision में कहा है कि किसी Decision में वैधानिक कारणों या साक्ष्यों का उचित विश्लेषण नहीं तो वह कानून की नजर में टिक नहीं सकता. कोर्ट ने…

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Criminal Proceeding को केवल इस आधार पर खारिज नहीं किया जा सकता कि पक्षों के बीच दीवानी उपाय या मध्यस्थता का प्रावधान मौजूद

आर्थिक अपराधों पर इलाहाबाद हाईकोर्ट का सख्त रुख: विजय जिंदल और अन्य की अग्रिम जमानत याचिका खारिज इलाहाबाद हाईकोर्ट ने एक महत्वपूर्ण फैसले में कहा है कि केवल इस आधार पर Criminal Proceeding को खारिज नहीं किया जा सकता कि पक्षों के बीच दीवानी उपाय या मध्यस्थता का प्रावधान मौजूद…