‘जहाँ Kanoon कोई कर्तव्य या दायित्व निर्धारित करता है और संबंधित पक्ष बिना किसी दोष के उसे पूरा करने में असमर्थ हो तो सामान्यतः Kanoon उसे BNSS की धारा 187(4) का उल्लंघनमुक्त कर देता है’
हाई कोर्ट ने एटा में तैनात रहे डॉ आशीष शाक्य की गैरमौजूदगी में रिमांड अवधि बढ़ाने के ट्रायल कोर्ट के फैसले को सही ठहराया जहाँ Kanoon कोई कर्तव्य या दायित्व निर्धारित करता है और संबंधित पक्ष अपनी ओर से बिना किसी दोष के उसे पूरा करने में असमर्थ हो जाता…
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