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High Court Decision

Real Son को गुजारा-भत्ता देने का आदेश होने पर Step son से मेंटेनेंस (125 Cr PC) का दावा नहीं किया जा सकता

इलाहाबाद हाई कोर्ट ने सौतेले बेटे से मेंटेनेंस की मांग करने वाली महिला की रिविजन याचिका खारिज की इलाहाबाद हाई कोर्ट ने कहा है कि Real Son को गुजारा-भत्ता देने का आदेश होने पर Step son से मेंटेनेंस का दावा नहीं किया जा सकता. कोर्ट ने कहा कि गुजारा-भत्ता का…

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पत्नी के पक्ष में जारी भरण-पोषण Recovery warrant रद्द, हाईकोर्ट ने कहा सीपीसी की धारा 128 के उपबंधो के तहत की जा सकती है गुजारे भत्ते की वसूली

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने  गौतम बुद्ध नगर की प्रधान न्यायाधीश, परिवार अदालत द्वारा जारी उस Recovery warrant को रद्द कर दिया है, जो भरण-पोषण की बकाया राशि वसूलने के लिए एक पति के खिलाफ जारी किया गया था. परिवार अदालत ने श्रीमती पिंकी उर्फ मेघा बनाम अमित कुमार केस में दंड…

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Welfare scheme के तहत घर मिल जाने से धारा 125 के तहत मेंटेनेंस पाने का अधिकार खत्म नहीं हो जाता: इलाहाबाद हाई कोर्ट

इलाहाबाद हाई कोर्ट ने एक महत्वपूर्ण फैसले में कहा है कि Welfare scheme के तहत रिहायशी घर मिलना आजीविका का साधन नहीं माना जा सकता. ऐसी किसी Welfare scheme का लाभ मिल जाने मात्र से पत्नी का गुजारा-भत्ता पाने का अधिकार खत्म नहीं हो जाता है. यह फैसला जस्टिस गरिमा…

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CrPC की धारा 125 के तहत Maintenance तय करने की याचिका पर क्रूरता का पक्का सुबूत मांगना उचित नहीं: इलाहाबाद हाई कोर्ट

कोर्ट ने कहा, पति सिर्फ इसलिए Maintenance देने से मना नहीं कर सकता कि मुश्किल समय में उसके माता-पिता मदद कर रहे हैं इलाहाबाद हाई कोर्ट ने कहा है कि CrPC की धारा 125 के तहत Maintenance कार्यवाही संक्षिप्त होती है और Maintenance तय करने के लिए कोर्ट को आपराधिक…

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Trial Court भरण-पोषण (125 Cr. Pc) तय करते समय पत्नी की इनकम जरूर जांचे, रिविजनल कोर्ट के पास मेंटेनेंस बढ़ाने के दावे के लिए नए सबूतों का मूल्यांकन का अधिकार नहीं

आय के संबंध में जानकारी छिपाने वाली पत्नी को दी जाने वाली मेंटेनेंस की राशि पर हाई कोर्ट ने लगाई रोक, बेटे को मिलती रहेगी राशि भरण-पोषण के मामलों में फैसला लेने से पहले Trial Court का यह दायित्व है कि वह विवाद करने वाले पक्षों को उनकी आय, संपत्ति…

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पत्नी को 25% और नाबालिग बच्चों को 15% Maintenance के लिए आर्थिक सहायता प्रदान करना पति का पवित्र कर्तव्य : हाई कोर्ट

पत्नी की रिवीजन याचिका स्वीकार, पति की खारिज, केस दाखिल होने की तिथि से देना होगा Maintenance, राशि कोर्ट ने तय की सुप्रीम कोर्ट द्वारा रजनीश बनाम नेहा मामले में सुनाये गये फैसले में Maintenance के मामलों में दी गयी व्यवस्था पर भरोसा करते हुए इलाहाबाद हाई कोर्ट ने महत्वपूर्ण…

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Family Court के आदेश से पत्नी से 5 हजार रुपये गुजारा भत्ता पाने वाले पति पर 15 लाख रुपये जुर्माना, हाई कोर्ट ने खारिज की याचिका

Family Court और हाई कोर्ट में गलत व भ्रामक तथ्य पेश करना किसी रियायत से वंचित करने का पर्याप्त कारण: इलाहाबाद HC उच्च न्यायालय कोई दिखावा करने वाला मंच नहीं है. याचिकाकर्ता ने गलत और भ्रामक तथ्यों के साथ और हाई कोर्ट और Family Court में याचिकाओं और आवेदनों के…

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22 महीने की सजा पर हाईकोर्ट का हस्तक्षेप, Maintenance न देने पर जेल भेजे गए पति की तत्काल रिहाई का आदेश

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने पत्नी को भरण -पोषण (Maintenance) राशि न देने के मामले में 22 महीने की सजा काटने का आदेश देने के फैमिली कोर्ट झांसी के आदेश पर रोक लगाते हुए पति की तत्काल रिहाई का आदेश दिया है. अदालत ने कहा कि (Maintenance) राशि न देने के मामले…

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पति की मृत्यु के बाद भी खत्म नहीं होती Maintenance की जिम्मेदारी, विधवा, ससुर से मांग सकती है गुजारा भत्ता: इलाहाबाद हाईकोर्ट

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने एक महत्वपूर्ण फैसले में कहा है कि पति की मौत के साथ उसकी विधवा के लिए Maintenance (भरण पोषण) की जिम्मेदारी खत्म नहीं हो जाती है. विधवा का पति की मौत के बाद भी यह अधिकार बना रहता है. यदि उसके ससुर के साथ आय का स्रोत…

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भरण-पोषण है एक सतत अधिकार, जहां पत्नी का आवास वहां की Court को है क्षेत्राधिकार, कमांडिंग आफिसर 60 दिन में फैसला करें

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अपने महत्वपूर्ण फैसले में कहा है कि पत्नी के भरण-पोषण का अधिकार “सतत  अधिकार”है और जहां पत्नी रहती है वहां की Court को भी सुनवाई का अधिकार है. इसलिए याचिका सुनने का इस हाईकोर्ट को भी क्षेत्राधिकार प्राप्त है. कोर्ट ने भारत सरकार के अधिवक्ता द्वारा सुनवाई…