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High Court Decision

Family Court के आदेश से पत्नी से 5 हजार रुपये गुजारा भत्ता पाने वाले पति पर 15 लाख रुपये जुर्माना, हाई कोर्ट ने खारिज की याचिका

Family Court और हाई कोर्ट में गलत व भ्रामक तथ्य पेश करना किसी रियायत से वंचित करने का पर्याप्त कारण: इलाहाबाद HC उच्च न्यायालय कोई दिखावा करने वाला मंच नहीं है. याचिकाकर्ता ने गलत और भ्रामक तथ्यों के साथ और हाई कोर्ट और Family Court में याचिकाओं और आवेदनों के…

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22 महीने की सजा पर हाईकोर्ट का हस्तक्षेप, Maintenance न देने पर जेल भेजे गए पति की तत्काल रिहाई का आदेश

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने पत्नी को भरण -पोषण (Maintenance) राशि न देने के मामले में 22 महीने की सजा काटने का आदेश देने के फैमिली कोर्ट झांसी के आदेश पर रोक लगाते हुए पति की तत्काल रिहाई का आदेश दिया है. अदालत ने कहा कि (Maintenance) राशि न देने के मामले…

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पति की मृत्यु के बाद भी खत्म नहीं होती Maintenance की जिम्मेदारी, विधवा, ससुर से मांग सकती है गुजारा भत्ता: इलाहाबाद हाईकोर्ट

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने एक महत्वपूर्ण फैसले में कहा है कि पति की मौत के साथ उसकी विधवा के लिए Maintenance (भरण पोषण) की जिम्मेदारी खत्म नहीं हो जाती है. विधवा का पति की मौत के बाद भी यह अधिकार बना रहता है. यदि उसके ससुर के साथ आय का स्रोत…

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भरण-पोषण है एक सतत अधिकार, जहां पत्नी का आवास वहां की Court को है क्षेत्राधिकार, कमांडिंग आफिसर 60 दिन में फैसला करें

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अपने महत्वपूर्ण फैसले में कहा है कि पत्नी के भरण-पोषण का अधिकार “सतत  अधिकार”है और जहां पत्नी रहती है वहां की Court को भी सुनवाई का अधिकार है. इसलिए याचिका सुनने का इस हाईकोर्ट को भी क्षेत्राधिकार प्राप्त है. कोर्ट ने भारत सरकार के अधिवक्ता द्वारा सुनवाई…

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125 Cr PC के तहत Maintenance देने का मकसद यह पक्का करना है कि पत्नी पति की स्थिति के हिसाब से इज्जत से जी सके

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा है कि सीआरपीसी की धारा 125 (Maintenance) का मकसद सिर्फ गरीबी को रोकना नहीं है, बल्कि यह पक्का करना है कि पत्नी पति की स्थिति के हिसाब से इज्जत से जी सके. Maintenance  के मामले की सुनवाई करते हुए जस्टिस मदन पाल की बेंच ने कहा…

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पत्नी की वेल एजुकेटेड होना 125 Cr PC के तहत Maintenance क्लेम में बाधा नहीं, फैमिली कोर्ट को मेंटेनेंस देने के लिए आदेश पारित करने का निर्देश

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने महत्वपूर्ण फैसले में कहा है कि पत्नी को सिर्फ इसलिए सीआरपीसी की धारा 125 के तहत Maintenance (गुजारा भत्ता) देने से मना नहीं किया जा सकता, क्योंकि वह वेल एजुकेटेड है या उसके पास वोकेशनल स्किल्स हैं. इससे यह नतीजा नहीं निकाला जा सकता कि पत्नी पैसे…

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2nd wife का Maintenance बताना 1st wife को मेंटेनेंस देने से इनकार करने का आधार नहीं हो सकता: हाई कोर्ट

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने एक महत्वपूर्ण फैसले में कहा है कि दूसरी पत्नी का भरण-पोषण (Maintenance) करने वाला पति, कानूनी तौर पर पहली पत्नी को मेंटेनेंस (Maintenance) देने से इनकार नहीं कर सकता जो पूरी तरह से आर्थिक मदद के लिए अपने माता-पिता पर निर्भर है. जस्टिस हरवीर सिंह की बेंच…

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पति का साथ छोड़ने वाली पत्नी 125 CrPC के तहत Maintenance का दावा नहीं कर सकती

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया है कि पत्नी केवल पति की गरीबी या आर्थिक स्थिति ठीक न होने के कारण उसे छोड़ देती है तो वह Maintenance (भरण-पोषण) की हकदार नहीं है. कोर्ट ने धारा 125 सीआरपीसी के तहत भरण-पोषण (Maintenance) की मांग वाली पत्नी की रिवीजन पिटीशन खारिज कर…

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MP चौथी पत्नी को 30,000 रुपये प्रति माह भरण-पोषण का भुगतान करें

इलाहाबाद हाई कोर्ट ने SP MP को चेताया, भरण पोषण न देने पर भुगतने होंगे कानूनी परिणाम इलाहाबाद हाई कोर्ट ने समाजवादी पार्टी के सांसद (MP)  मोहिबुल्लाह नदवी को आदेश दिया है कि वह अपनी चौथी पत्नी को भरण पोषण भत्ते के रूप में हर महीने 30 हजार रुपये का…

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जब तक विवाह रद्द नहीं होता, पत्नी की maintenance पाने की हकदार

इलाहाबाद हाई कोर्ट ने रद किया फैमिली कोर्ट चंदौली का फैसला इलाहाबाद हाई कोर्ट ने कहा है कि जब तक विवाह रद नहीं हो जाता तब तक पत्नी को अपने पति से maintenance (भरण पोषण) पाने का हक है. वह भी तब जबकि जोड़े ने विवाद रद कराने की दिशा…