हत्या मामले में वाहन चालक आरोपी की Bail Application खारिज

एफआईआर में मूल रूप से आरोपी प्रदीप बिंद और रवि यादव पर गोली चलाने का आरोप था, लेकिन जांच के दौरान चश्मदीद गवाहों टोनी और हिमांशु के बयानों में थोड़ा बदलाव आया उन्होंने कहा कि कुशल मिश्रा और रवि यादव ने गोली चलाई, रवि यादव आवेदक विकास यादव की मोटरसाइकिल पर सवार था.
तर्क दिया गया कि न तो एफआईआर में और न ही गवाहों के बयान में विकास यादव पर सीधे फायरिंग करने का आरोप है. साथ ही यह भी कहा गया कि आवेदक का कोई आपराधिक इतिहास नहीं है और वह 4 मई 2026 से जेल में बंद है. राज्य सरकार की ओर से अधिवक्ता और सूचनाकर्ता के वकील ने Bail Application का विरोध करते हुए कहा कि छह आरोपी दो अलग-अलग मोटरसाइकिलों पर आए थे, जिनमें से एक मोटरसाइकिल आवेदक खुद चला रहा था और उस पर बैठे रवि यादव ने ही फायरिंग की थी.
अदालत ने पाया कि भले ही सीधे फायरिंग का आरोप आवेदक पर नहीं है, लेकिन घटना में उसकी संलिप्तता मोटरसाइकिल चलाना, जिस पर शूटर सवार था प्रथमदृष्टया स्पष्ट है. इस आधार पर कोर्ट ने कहा कि इस स्तर पर आवेदक को निर्दोष नहीं माना जा सकता. 21 जुलाई 2026 को पारित आदेश में कोर्ट ने Bail Application खारिज करते हुए स्पष्ट किया कि ये टिप्पणियां केवल जमानत याचिका के निस्तारण तक सीमित हैं और ट्रायल में मामले के गुण-दोष पर इसका कोई असर नहीं पड़ेगा.
संजय भाटी को Interim anticipatory bail

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने गौतम बुद्ध नगर के दादरी थाना क्षेत्र में दर्ज मामले में आरोपी संजय भाटी को Interim anticipatory bail दे दी है. जस्टिस राजीव लोचन शुक्ला की अदालत ने यह आदेश पारित किया है. याची अधिवक्ता वीके चंदेल व मयंक कृष्ण चंदेल का कहना था कि उसे झूठा फंसाया गया है, फायरिंग की घटना में किसी को चोट नहीं आई और उनका कोई आपराधिक इतिहास नहीं है.
शिकायतकर्ता के वकील नवनाथ पांडेय ने Bail Application का विरोध करते हुए कहा कि आरोपियों द्वारा शिकायतकर्ता पर फायरिंग करने का सीसीटीवी फुटेज मौजूद है और उन्होंने इसे रिकॉर्ड पर लाने के लिए समय मांगा. मामले को 30 जुलाई 2026 को फिर से सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया गया है. तब तक, चोट न लगने के तथ्य को ध्यान में रखते हुए, गिरफ्तारी की स्थिति में भाटी को व्यक्तिगत मुचलके और दो जमानतियों पर Interim anticipatory bail पर रिहा करने का आदेश दिया गया.
कुछ शर्तों के साथ जैसे सबूतों से छेड़छाड़ न करना, गवाहों को धमकाना या प्रभावित न करना, देश छोड़ने से पहले अदालत की अनुमति लेना, और सुनवाई की तारीखों पर उपस्थित रहना. शर्तों के उल्लंघन की स्थिति में अभियोजन पक्ष Bail रद्द कराने के लिए आवेदन दे सकेगा.