Daughter in law और उसके मायके के लोग इस्तेमाल कर रहे एसी गीजर, बिल भर रहे ससुर, कनेक्शन काटने का मामला पहुंचा हाई कोर्ट, सुनवाई 25 को

याचिकाकर्ता की तरफ से कोर्ट में पेश हुए अधिवक्ता का कहना था कि याची ने 30 मार्च 2026 को बिजली विभाग को स्थायी रूप से बिजली कनेक्शन काटने के लिए आवेदन दिया था और न्यायालय से संबंधित अधिकारियों को निर्धारित अवधि के भीतर उस आवेदन पर कार्रवाई करने का निर्देश देने की मांग की. सुनवाई के दौरान बिजली विभाग की ओर से अधिवक्ता ने न्यायालय को बताया कि आपूर्ति कंपनी की ओर से 15 मई 2026 को अधिशासी अभियंता द्वारा बिजली कनेक्शन काटने के लिए पुलिस सहायता मांगी गई थी.
राज्य सरकार के अधिवक्ता ने भी पुलिस सहायता के संबंध में आवश्यक कदम उठाने के लिए समय मांगा. इसके बाद न्यायालय ने मामले को 25 सितंबर 2026 को अनुपालन रिपोर्ट के लिए सूचीबद्ध किया है. याची का कहना है कि वह स्वयं अपने मकान में नहीं रह रहा है और उसका पुत्र भी विवाद के कारण किराए के मकान में रह रहा है. इसके बावजूद मकान का बिजली कनेक्शन उसके नाम पर है और बिजली का बिल भी उसे ही देना पड़ रहा है. इसी कारण उसने अपने मकान का कनेक्शन स्थायी रूप से कटवाने के लिए बिजली विभाग में आवेदन किया था.
याची ऋषिपाल सिंह के पुत्र आदर्श सिंह, जो एनसीआर में इंजीनियर हैं, की शादी स्वाति वर्मा (Daughter in law) पुत्री सुशील कुमार निवासी ग्राम नंगली साधारण, सकौती टांडा, मेरठ से हुई. वैवाहिक विवाद के बाद स्वाति वर्मा (Daughter in law) ने याची, उसके पुत्र और परिवार के सदस्यों के विरुद्ध दहेज उत्पीड़न, मारपीट, जहरीला पदार्थ खिलाकर गर्भ गिराने, जान से मारने के प्रयास तथा चचिया ससुर पर दुष्कर्म जैसे गंभीर आरोप लगाते हुए मुकदमा दर्ज कराया है.
आरोप है कि Daughter in law ने अपनी मां, बहनों तथा भाई को बुलाकर मकान का ताला तुड़वा दिया

मुकदमा दर्ज होने के बाद याची और उसका पुत्र मकान में ताला लगाकर वहां से चले गए. आरोप है कि इसके बाद Daughter in law ने अपनी मां अलका देवी, बहनों शिखा एवं शालिनी तथा भाई वंश छोकर आदि को बुलाकर मकान का ताला तुड़वा दिया और मकान पर कब्जा कर लिया.
याची की ओर से यह भी बताया गया कि बहू ने भौतिक विज्ञान से एमएससी की पढ़ाई की है. बहु (Daughter in law) ने अपने नाम 3 करोड़ का मकान कराने को लेकर विवाद किया था,न करने पर परिवार के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कराया गया. याची का यह भी कहना है कि पुलिस जांच में दुष्कर्म, जहरीला पदार्थ देकर गर्भ गिराने तथा जानलेवा हमले जैसे गंभीर आरोप सही नहीं पाए गए.
पूर्व में बहु (Daughter in law) ने अपने ही वकील के खिलाफ भी झूठी शिकायत किया था. याची मकान को बेचना चाहता है और इसी उद्देश्य से बिजली विभाग को कनेक्शन काटने तथा मीटर हटाने के लिए आवेदन किया गया था. विभाग की ओर से मीटर हटाने के लिए पुलिस सहायता मांगी गई, लेकिन कार्रवाई आगे नहीं बढ़ सकी.
याची का आरोप है कि बहू (Daughter in law) और उसके मायके के लोग मकान में रहकर एयर कंडीशनर सहित बिजली के उपकरणों का इस्तेमाल कर रहे हैं, जबकि बिजली का बिल उसके नाम पर आ रहा है. याची के अनुसार बहु (Daughter in law) के द्वारा लगभग 3 करोड़ रुपये मूल्य के मकान पर कब्जा करने के साथ वहां बड़े अक्षरों में “यह मकान विवादित है” भी लिखवा दिया गया है.
अधिवक्ता ने यह भी बताया कि याची ने पानी एवं सीवर कनेक्शन काटने के संबंध में पहले भी हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था, जिस पर हाइकोर्ट ने संबंधित प्रत्यावेदन पर विचार कर आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दे चुका है. मामले की सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने बिजली विभाग की ओर से पुलिस सहायता के लिए भेजे गए 15 मई 2026 के पत्र को संज्ञान में लिया और पुलिस सहायता उपलब्ध कराने के संबंध में आवश्यक कदम उठाने के लिए मामला आगे की अनुपालन सुनवाई हेतु 25 सितंबर 2026 को सूचीबद्ध कर दिया.