बीएसएनएल के दो Retired employees को कैट से राहत, 15 मार्च 1984 से जोड़ी जाएगी सेवा, बहाल होगी पेंशन

केंद्रीय प्रशासनिक अधिकरण (कैट), प्रयागराज पीठ ने अलीगढ़ के दो Retired बीएसएनएल कर्मचारियों को बड़ी राहत दी है. न्यायिक सदस्य न्यायमूर्ति ओम प्रकाश ने आदेश दिया कि Retired employees की सेवा 15 मार्च 1984 से पेंशन के लिए गिनी जाए. कोर्ट ने आदेश दिया है कि जून 2020 से पेंशन से काटी गई राशि Retired employees को वापस की जाए और बकाया एरियर का भुगतान जीपीएफ दर पर स्वीकार्य ब्याज के साथ किया जाय. कैट ने आदेश का अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए रेस्पांडेंट को आदेश की प्रमाणित प्रति मिलने से तीन माह का समय निर्धारित किया है.
वादी अधिवक्ता ने कहा शोभा सिंह यादव (61) और राम कुमार गुप्ता (60) की नियुक्ति दूरसंचार विभाग में टेलीफोन ऑपरेटर के पद पर 28 नवंबर 1983 को हुई थी. प्रशिक्षण के बाद उन्होंने 15 मार्च 1984 को गुंजदुवारा, अलीगढ़ में कार्यभार संभाला. 17 फरवरी 1989 को उन्हें नियमित वेतनमान (975-1150) दिया गया और जीपीएफ कटौती शुरू हुई.
बाद में एनई-11 से एनई-12 में पदोन्नति मिली और 01 अक्टूबर 2019 से मूल वेतन 31,520 रुपये हुआ. दोनों Employees 31 जनवरी 2020 को ऑफिस सुपरिंटेंडेंट पद से सेवानिवृत्त हुए. सेवानिवृत्ति के बाद विभाग ने 15 मार्च 1984 से सेवा को पेंशन के लिए अर्हक सेवा मानने से इन्कार कर दिया और पेंशन में कटौती की गई.
Retired employees शुरू में रिजर्व ट्रेनिंग पूल में थे
बीएसएनएल की ओर से कहा गया कि आवेदक Retired employees शुरू में रिजर्व ट्रेनिंग पूल में थे, प्रशिक्षण नियुक्ति नहीं था और पहली नियमित नियुक्ति 17 फरवरी 1989 को हुई. 15 अक्टूबर 2004 का कार्यालय आदेश गलतफहमी में जारी हुआ था, जिसे बाद में सुधार दिया गया था.
अधिकरण ने विभाग के अपने ही दस्तावेज को आवेदकों के पक्ष में माना. इसमें नियुक्ति 17 फरवरी 1989 दर्शाई गई, लेकिन “आरटीपी अवधि गिनने के बाद” का अलग कॉलम था, जिसमें 15 मार्च 1984 से सेवा और वेतन प्रगति दर्ज थी. मेमो के अंत में लिखा था कि संशोधन “केवल सेवा गिनने के लिए” किया गया है. कैट ने कहा कि जब विभाग ने खुद आरटीपी अवधि को गिना और वेतन निर्धारण किया, तो Retired employees की सेवानिवृत्ति के बाद वह विरोधाभासी रुख नहीं अपना सकता.
कैट ने कहा कि आवेदकों पर कोई धोखाधड़ी या गलत बयानी का आरोप नहीं है और विभागीय गलती के आधार पर Retired employees की सेवानिवृत्ति के बाद पेंशन लाभ में छेड़छाड़ नहीं की जा सकती. कैट ने बीएसएनएल अलीगढ़ के आदेश पेंशन लाभ पर प्रतिकूल असर डालने की सीमा तक रद्द कर दिया और कहा आवेदकों की सेवा 15 मार्च 1984 से गिनी जाए.
Retired employees की पेंशन सेवानिवृत्ति की तिथि 31 जनवरी 2020 के अनुसार बहाल हो. जून 2020 से पेंशन से काटी गई राशि वापस की जाए. बकाया एरियर का भुगतान जीपीएफ दर पर स्वीकार्य ब्याज सहित हो. यह सब आदेश की प्रमाणित प्रति मिलने से तीन माह के भीतर हो.
राधाकांत ओझा का राज्यसभा का टिकट मिलने पर वकीलों में हर्ष
हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष एवं वरिष्ठ अधिवक्ता राधाकांत ओझा को भाजपा द्वारा राज्यसभा के लिए अपना अधिकृत प्रत्याशी बनाए जाने पर हाईकोर्ट के वकीलों में खुशी की लहर दौड़ गई. इसकी जानकारी होते ही श्री ओझा को बधाई देने की होड़ सी लग गई. श्री ओझा ने भी सभी का आभार जताया. हाईकोर्ट बार के पूर्व वरिष्ठ उपाध्यक्ष राजेश खरे ने कहा कि बहुत दिन बाद संगठन ने हाईकोर्ट से किसी अधिवक्ता को अपना प्रत्याशी घोषित किया है.
उन्होंने इसके लिए संगठन के शीर्ष नेतृत्व का आभार जताया है. श्री ओझा को बधाई देने वालों में वरिष्ठ अधिवक्ता प्रभाकर अवस्थी, अधिवक्ता एनके चटर्जी, मृत्युंजय त्रिपाठी, सभाजीत सिंह, बिपिन बिहारी पांडेय, उदयशंकर तिवारी, दिनेश राय, चंद्रहास सिंह गौतम, महेश शर्मा, बीके यादव, संजय चतुर्वेदी, शिशिर श्रीवास्तव, शिशिर तिवारी, अंकित अग्रवाल, पीयूष त्रिपाठी, बीपी शुक्ल, कृष्णजी शुक्ल, भानु देव पांडेय,आरपी तिवारी, अरविंद कुमार मिश्र आदि शामिल हैं.