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Home Guard Recruitment में ऊंचाई मापने को लेकर विवाद, कोर्ट ने मेडिकल बोर्ड गठित करने का दिया आदेश

Home Guard Recruitment में ऊंचाई मापने को लेकर विवाद, कोर्ट ने मेडिकल बोर्ड गठित करने का दिया आदेश

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने Home Guard Recruitment में ऊंचाई मापने के नाम पर योग्य अभ्यर्थियों की छंटनी कर दिये जाने को गंभीरता से संज्ञान लिया है और प्रयागराज के सीएमओ को आदेश दिया है कि वह मेडिकल बोर्ड का गठन करके ऊंचाई मापने की वास्तविकता को सामने लाएं. जस्टिस मनीष कुमार निगम  ने संदेश कुमार और एक अन्य याचिकाकर्ता की याचिका पर सुनवाई करते हुए यह निर्देश दिया.

याचिकाकर्ताओं ने Home Guard Recruitment 2025 कैडर में आवेदन दिया था. Home Guard Recruitment 2025 कैडर में भर्ती प्रक्रिया के दौरान दोनों याचिकाकर्ताओं की ऊंचाई 167.7 सेंटीमीटर मापी गई, जो निर्धारित न्यूनतम मानक से कम बताई गई. उत्तर प्रदेश में होमगार्ड के रिक्त पदों को भरने के लिए भर्ती की प्रक्रिया पिछले साल शुरू हुई थी. Home Guard Recruitment से जुड़ी प्रक्रियाओं के तहत पहले लिखित परीक्षा आयोजित की गयी.

Home Guard Recruitment के अभ्यर्थियों के शारीरिक परीक्षण में अनियमितता को लेकर रिट याचिकाएं इलाहाबाद हाई कोर्ट में

इसमें सफल होने वाले अभ्यर्थियों का शारीरिक परीक्षण शुरू हुआ. Home Guard Recruitment के अभ्यर्थियों के शारीरिक परीक्षण में अनियमितता को लेकर कई रिट याचिकाएं इलाहाबाद हाई कोर्ट में दाखिल हुईं. इसमें आरोप लगाया गया है कि ऊंचाई मापने में व्यापक तौर पर अनियमितता की जा रही है. अभ्यर्थियों के आपत्ति दर्ज कराने और पूर्व की इसी स्तर की भर्ती में माप सही होने का हवाला देते हुए प्रमाण भी पेश किया लेकिन उनकी सुनवाई नहीं हुई हो उन्होंने हाई कोर्ट की शरण ली.

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याचिकाकर्ताओं का कोर्ट में पक्ष रखते हुए अधिवक्ता अशीष श्रीवास्तव और विकाश कुमार ने अदालत के समक्ष यह तर्क रखा कि याचिकाकर्ता Home Guard Recruitment 2025 शामिल होने से पहले प्रवर्तन सिपाही और पुलिस सिपाही पदों की परीक्षाओं में शामिल हो चुके हैं. उन दोनों स्थानों पर उनकी ऊंचाई निर्धारित कटऑफ से अधिक पाई गई थी. जबकि होम गार्ड भर्ती में ऊंचाई मापने के दौरान उन्हें निर्धारित कटआफ से छोटा मानकर रिजेक्ट कर दिया गया है. उन्होंने तर्क दिया कि स्वतंत्र तौर पर इन अभ्यर्थियों की ऊंचाई की माप करायी जा सकती है.

सुनवाई के बाद कोर्ट ने माना कि चूंकि याचिकाकर्ता पहले भी उतनी ही ऊंचाई की कसौटी पर खरा उतर चुका है, जितनी वर्तमान भर्ती में अपेक्षित है, इसलिए यह उचित होगा कि Home Guard Recruitment 2025 के दोनों याचिकाकर्ताओं की ऊंचाई का पुनः मापन मुख्य चिकित्साधिकारी, प्रयागराज द्वारा गठित तीन डॉक्टरों के एक बोर्ड से कराया जाए.

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कोर्ट ने कहा मुख्य चिकित्साधिकारी, प्रयागराज द्वारा गठित तीन सदस्यीय मेडिकल बोर्ड 18 अगस्त 2026 को Home Guard Recruitment 2025 के दोनों याचिकाकर्ताओं की ऊंचाई मापेगा. स्थायी अधिवक्ता को निर्देश दिया गया कि वे 24 घंटे के भीतर यह आदेश मुख्य चिकित्साधिकारी, प्रयागराज तक पहुंचाएं.

बेंच ने कहा कि Home Guard Recruitment 2025 के याचिकाकर्ता बिना किसी अतिरिक्त सूचना के 18 अगस्त 2026 को सुबह 10:00 बजे मुख्य चिकित्साधिकारी कार्यालय, प्रयागराज में उपस्थित होंगे. मेडिकल बोर्ड को अगली सुनवाई की तारीख से पहले अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करनी होगी. मामले की अगली सुनवाई 24 अगस्त 2026 को निर्धारित की गई है.

पेंशन विवाद में हाईकोर्ट ने सुनवाई 10 सितंबर तक टाली

इलाहाबाद हाईकोर्ट के जस्टिस अरिंदम सिन्हा और जस्टिस सत्य वीर सिंह की बेंच ने चूना कंकड़ गली, मथुरा के निवासी प्रकाश चंद्र अग्रवाल की याचिका की सुनवाई की अगली तिथि 10 सितंबर 2026नियत की है. राज्य सरकार की ओर से स्थायी अधिवक्ता  शरद चंद्र उपाध्याय ने अदालत को बताया कि 13 जुलाई 2026 के आदेश के अनुपालन में याचिकाकर्ता के खाते में पेंशन राशि जमा कर दी गई है, जिसका लेन-देन सफलता प्रमाण संलग्न किया गया.

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याचिकाकर्ता ने स्वयं पैरवी करते हुए बताया कि उनके खाते में केवल 1,000 रुपये जमा हुए हैं, जबकि उनकी मासिक पेंशन 1,500 रुपये है, जो जनवरी 2026 से देय है. उन्होंने 11 अगस्त 2026 को प्रतिशपथपत्र भी दाखिल किया. राज्य सरकार ने योजना के अनुपालन की इच्छा जताई है, लेकिन बकाया राशि और पेंशन को 1,000 से बढ़ाकर 1,500 रुपये करने का मुद्दा अब भी लंबित है. अदालत ने मामले की अगली सुनवाई 10 सितंबर 2026 को अनुपालन रिपोर्ट के लिए तय की है.

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