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Final Report में IO द्वारा बताए गए कारणों पर सावधानी से विचार किया जाना चाहिए, कोर्ट को उस खास सामग्री की पहचान करनी चाहिए जो उसे जांच एजेंसी के नतीजों से असहमत होने के लिए प्रेरित करती है

जहां पुलिस जांच के नतीजे में Final Report आई हो, वहां जांच अधिकारी द्वारा बताए गए कारणों पर सावधानी से विचार किया जाना चाहिए. कोर्ट को Final Report में उस खास सामग्री की पहचान करनी चाहिए जो उसे जांच एजेंसी के नतीजों से असहमत होने के लिए प्रेरित करती है.…

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उत्तर प्रदेश में प्रधानों को ग्राम पंचायतों का administrators बनाना संविधान के अनुच्छेद 243-E का उल्लंघन

राज्य सरकार की तरफ से दी गई जानकारी सिर्फ छह महीने के लिए है administrators व्यवस्था, इसके बाद करा लिए जाएंगे चुनाव, हाई कोर्ट ने 10 जुलाई तक मांगा हलफनामा कार्यकाल समाप्त होने के बाद प्रदेश की ग्राम पंचायतों के प्रधानों को administrators के तौर पर नियुक्त कर दिये जाने…

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90 दिन बाद भी नहीं दी गई जानकारी, हाईकोर्ट का यूपी सीएम से आग्रह : समय आ गया है कि बड़े Officers को आपराधिक रूप से जिम्मेदार ठहराया जाए

कोर्ट ने मुख्य सचिव को दिया निर्देश, इस फैसले को सीधे उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री के समक्ष प्रस्तुत करें इलाहाबाद हाईकोर्ट ने एक अहम आदेश में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री से आग्रह किया कि वह इस बात को स्वीकार करें कि अब वह समय आ गया है जब वरिष्ठ Officers…

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Administrative Machinery में सुपीरियर रिस्पॉन्सिबिलिटी का सिद्धांत प्रभावी रूप से लागू किया जाना चाहिए: इलाहाबाद हाई कोर्ट

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने पुलिस जांच में बरती गई कथित लापरवाही और Administrative उदासीनता पर गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए कहा है कि आपराधिक न्याय प्रणाली की विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए निष्पक्ष, वैज्ञानिक और जवाबदेह जांच व्यवस्था आवश्यक है. जस्टिस विनोद दिवाकर की बेंच ने एक बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका की…

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Cockroach Janta Party के खिलाफ इलाहाबाद हाई कोर्ट की लखनऊ बेंच पहुंचे भाजपा नेता, कोर्ट ने कहा: यूपी राज्य से संबंधित कुछ नहीं, नहीं कर सकते सुनवाई

संगठन का गठन करने वालों को याचिका में बताया देश विरोधी तत्व, एनआईए से जांच कराने की थी मांग, सक्षम कोर्ट में याचिका दाखिल करने की छूट Cockroach Janta Party (काकरोच जनता पार्टी) नामक संगठन बनाकर चर्चा में आये अभिजीत दीपके को राष्ट्र विरोधी बताने और सोशल मीडिया पर उनकी…

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Trial Court भरण-पोषण (125 Cr. Pc) तय करते समय पत्नी की इनकम जरूर जांचे, रिविजनल कोर्ट के पास मेंटेनेंस बढ़ाने के दावे के लिए नए सबूतों का मूल्यांकन का अधिकार नहीं

आय के संबंध में जानकारी छिपाने वाली पत्नी को दी जाने वाली मेंटेनेंस की राशि पर हाई कोर्ट ने लगाई रोक, बेटे को मिलती रहेगी राशि भरण-पोषण के मामलों में फैसला लेने से पहले Trial Court का यह दायित्व है कि वह विवाद करने वाले पक्षों को उनकी आय, संपत्ति…

High Court Decision

Prima facie cognizable offence बनता हो, जांच में पर्याप्त साक्ष्य पाये गये हों तो केस को दुर्भावनापूर्ण मंशा का नतीजा नहीं मान सकते

Prima facie cognizable offence बनता हो, जांच में पर्याप्त साक्ष्य पाये गये हों तो मुकदमे को दुर्भावनापूर्ण मंशा का नतीजा नहीं माना जा सकता और केस रद नहीं किया जा सकता है. ट्रायल कोर्ट को cognizable offence के तथ्यों और सबूतों को परखने का पूरा मौका देना ही उचित होगा.…

High Court Decision

Revision Court ने रिकॉर्ड की जांच और पक्षों की बात सुन ली और विवादों के गुण-दोष से जुड़े निष्कर्ष दर्ज कर लिए तो मामलों को नए सिरे से विचार के लिए वापस भेजने से बचना चाहिए

विवादित आदेशों को रद्द करने के बाद मामलों को नए सिरे से विचार के लिए ट्रायल कोर्ट को वापस भेजने की प्रथा बंद करें एक बार जब Revision Court ने रिकॉर्ड की जांच कर ली. पक्षों की बात सुन ली और विवादों के गुण-दोष से जुड़े निष्कर्ष दर्ज कर लिए…

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इलाहाबाद हाई कोर्ट ने स्टडी पाथवे Fraud के 8 मामलों की जांच आर्थिक अपराध शाखा को सौंपी

इलाहाबाद हाई कोर्ट ने शिक्षा परामर्श फर्म स्टडी पाथवे द्वारा कई लोगों से की गई कथित Fraud के मामले में बड़ा फैसला सुनाते हुए आठ अलग-अलग Fraud cases की जांच आर्थिक अपराध शाखा लखनऊ सौंप दी है. जस्टिस राजीव मिश्रा और जस्टिस पद्म नारायण मिश्रा की बेंच ने आचार्य राजेश…

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“आपराधिक मुकदमा और Departmental Disciplinary Proceeding अलग दायरे में चलती हैं और दोनों एक-दूसरे पर निर्भर नहीं होतीं”

इलाहाबाद हाई कोर्ट ने रद की आरक्षी के खिलाफ दूसरी शादी के आरोप के आधार पर की गयी Departmental Disciplinary Proceeding, याची को मिलेंगे कानून के अनुसार सभी लाभ कानूनी स्थिति एकदम साफ है कि एक आरोप के लिए आपराधिक मुकदमा और Departmental Disciplinary Proceeding अलग-अलग दायरे में चलती हैं…