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Advocate जागृति शुक्ला की मौत में साथी वकीलों पर साजिश का आरोप, एफआईआर व जांच की मांग

Advocate जागृति शुक्ला की मौत में साथी वकीलों पर साजिश का आरोप, एफआईआर व जांच की मांग

महिला Advocate जागृति शुक्ला की मौत के मामले में हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के पूर्व वरिष्ठ उपाध्यक्ष Advocate डॉ अखिलेश कुमार द्विवेदी ने प्रदेश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुनराम मेघवाल, उपमुख्यमंत्री केशव मौर्य और स्वास्थ्य मंत्री बृजेश पाठक, मामले की न्यायिक जांच कर रहे न्यायमूर्ति अरुण टंडन व अन्य को पत्र लिखकर गहरी साजिश की आशंका जताई है. उन्होंने Advocate जागृति शुक्ला के साथ एसआरएन अस्पताल गई दो साथी Advocate के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर सख्त कार्रवाई करने की मांग की है.

​शिकायती पत्र के अनुसार Advocate जागृति शुक्ला का गत 20 मई को एक्सीडेंट हो गया था. हादसे के वक्त दो अन्य साथी अधिवक्ता उनके साथ थे. पत्र में डॉ अखिलेश कुमार द्विवेदी ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि एक्सीडेंट के बाद दोनों साथी Advocate जागृति शुक्ला को इलाज के लिए स्वरूपरानी हॉस्पिटल लेकर गए थे लेकिन वहां उन्होंने घायल जागृति का समुचित इलाज कराने की बजाय डॉक्टरों से मारपीट शुरू कर दी और वहां के वीडियो बनाने लगे.

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मय पर सही इलाज न मिल पाने के कारण Advocate जागृति शुक्ला की स्थिति बिगड़ती चली गई

​आरोप है कि यह सब एक सोची-समझी साजिश के तहत किया गया ताकि सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल करके अपनी पहचान बनाई जा सके. इस हंगामे और लापरवाही के कारण Advocate जागृति शुक्ला को समय पर इलाज नहीं मिल सका. ​समय पर सही इलाज न मिल पाने के कारण Advocate जागृति शुक्ला की स्थिति बिगड़ती चली गई और अंततः गत  आठ जून को पीजीआई लखनऊ में इलाज के दौरान उनकी मृत्यु हो गई.

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Advocate  डॉ अखिलेश द्विवेदी का आरोप है कि जागृति की मृत्यु के पीछे दोनों सहयोगियों की गहरी साजिश थी, जिन्होंने चिकित्सा प्रक्रिया में बाधा उत्पन्न की. उन्होंने जागृति शुक्ला को न्याय दिलाने के लिए दोनों अधिवक्ताओं के खिलाफ तत्काल एफआईआर दर्ज करने और मामले की निष्पक्ष जांच कर कड़ी से कड़ी कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है.

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