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Crime

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गैंगस्टर एक्ट के तहत सिर्फ Gang Chart में मामले होने से अपराध साबित नहीं होता, इलाहाबाद हाईकोर्ट ने रद्द की 24 साल पुरानी कार्यवाही

इलाहाबाद हाई कोर्ट ने कहा है कि गैंगस्टर एक्ट के तहत सिर्फ Gang Chart में मामले होने से अपराध साबित नहीं होता. इस कमेंट के साथ साथ कोर्ट ने वर्ष 2002 से लंबित गैंगस्टर एक्ट के तहत चल रही एक 24 साल पुरानी आपराधिक कार्यवाही को पूरी तरह से रद्द…

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फैसले से पहले Trial court को कभी भी अपराध की धारा जोड़ने या हटाने का अधिकार, केस में धारा 307 जोड़ने का आदेश बरकरार

इलाहाबाद हाई कोर्ट ने महत्वपूर्ण फैसले में कहा है कि फैसला सुनाने से पहले Trial court को कभी भी अपराध की धारा जोड़ने या हटाने का पूरा अधिकार है. जस्टिस सौरभ श्रीवास्तव की बेंच ने इस कमेंट के साथ बस्ती के Trial court  के अपर सत्र न्यायाधीश द्वारा आरोप में…

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Final Report पेश होने पर Judicial Magistrate के पास एक विकल्प यह है कि वह कोड की धारा 190(1)(b) के तहत अपराध का संज्ञान ले और प्रक्रिया शुरू करे

इलाहाबाद हाई कोर्ट ने औरैया के सेशंस जज के आदेश को रद किया, कहा, Judicial Magistrate के आदेश में कोई खा​मी नहीं पुलिस की तरफ से Final Report पेश होने पर Judicial Magistrate के पास उपलब्ध विकल्पों में से एक विकल्प यह है कि वह कोड की धारा 190(1)(b) के…

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वकील को अभियुक्त से मिली फीस अपराध की Income नहीं, हाईकोर्ट ने अपर मुख्य सचिव (गृह) से मांगा व्यक्तिगत हलफनामा, 17 जुलाई को होगी सुनवाई

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा कि किसी अभियुक्त द्वारा अपने वकील को पेशेवर सेवाओं के बदले दी गई फीस (Income) को केवल इस आधार पर अपराध की आय नहीं माना जा सकता कि भुगतान आरोपी ने किया है. जब तक अधिवक्ता स्वयं किसी आपराधिक कृत्य में शामिल न हो तब तक…

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‘अपराध के किसी भी कृत्य के लिए कंपनी या फर्म के बोर्ड ऑफ Director ही जिम्मेदार’

फर्म द्वारा वायु और जल प्रदूषण के मामले में डायरेक्टर्स की तरफ से दाखिल याचिका हाई कोर्ट ने की खारिज, केस कार्यवाही रद करने से इंकार अपराध के किसी भी कृत्य के लिए कंपनी या फर्म के बोर्ड ऑफ Directors ही जिम्मेदार होते हैं. यह नहीं कहा जा सकता कि…

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नए Fact व अपराध विशिष्ट तो 2nd FIR पर कोई कानूनी प्रतिबंध नहीं

झांसा देकर फर्जी निवेश कराने वाले को HC से नहीं मिली राहत इलाहाबाद हाई कोर्ट ने कहा है कि यदि किसी मामले में नए तथ्य (Fact) व अवधि के आधार पर नए और विशिष्ट अपराधों का खुलासा होता है तो दूसरी एफआइआर दर्ज किए जाने पर कानूनी रूप से कोई…