प्रयागराज की Church की जमीन पर 90 साल की लीज को चुनौती, यथास्थिति बनाए रखने का आदेश

याचिकाकर्ता का कहना है कि यह कार्रवाई अनुचित है क्योंकि यही जमीन पहले से ही एक पुरानी लीज के अधीन है. अधिवक्ता के अनुसार, इलाहाबाद के कलेक्टर ने 30 मार्च 1905 को यह जमीन अमेरिका के प्रेस्बिटेरियन Church को स्थायी रूप से लीज पर दी थी. बाद में यह संस्था ‘कमीशन ऑन इक्यूमेनिकल मिशन एंड रिलेशंस ऑफ द यूनाइटेड प्रेस्बिटेरियन Church’ में परिवर्तित हो गई.

याचिकाकर्ता पक्ष ने अदालत को बताया कि भारत में विभिन्न चर्चों की संपत्तियों की देखरेख कर रही संस्थाओं का विलय कर 29 नवंबर 1970 को ‘Church ऑफ नॉर्थ इंडिया’ का गठन किया गया. इसके बाद 3 मई 1982 को नए ट्रस्टियों की नियुक्ति और संपत्ति हस्तांतरण के दस्तावेजों के जरिये Church ऑफ नॉर्थ इंडिया के साथ एक ट्रस्ट बनाया गया, जिसे प्रबंधन और प्रशासन की जिम्मेदारी सौंपी गई. याचिकाकर्ता का दावा है कि ट्रस्ट डीड में दर्ज सीमाएं मूल लीज डीड की चतुः सीमाओं से पूरी तरह मेल खाती हैं.
इसी आधार पर याचिकाकर्ता ने तर्क दिया कि जब जमीन पहले से ही वैध लीज के अधीन है, तो राज्य सरकार अपनी किसी एजेंसी या प्राधिकरण के पक्ष में नई लीज जारी करके वहां निर्माण कार्य नहीं करवा सकती. अदालत ने उन्हें अगली सुनवाई तक मामले में निर्देश प्राप्त करने को कहा है. मामले की अगली सुनवाई 12 अक्टूबर 2026 को होगी. अदालत ने अंतरिम आदेश में स्पष्ट किया कि अगले आदेश तक विवादित जमीन पर यथास्थिति बनाए रखी जाए और किसी भी पक्ष को उस भूमि पर तीसरे पक्ष का कोई अधिकार सृजित करने से रोका गया है.
कटरा Church के पादरी अजीत ऑलिवर फ्रांसिस ने उच्च न्यायालय के इस न्यायसंगत निर्णय का स्वागत किया
कटरा Church के पादरी अजीत ऑलिवर फ्रांसिस ने उच्च न्यायालय के इस न्यायसंगत निर्णय का स्वागत किया है और विश्वास व्यक्त किया है कि ऐतिहासिक व चर्च संपत्तियों के अधिकारों की रक्षा कानून के दायरे में पूरी निष्पक्षता से होगी. इस आदेश के बाद ईसाई समुदाय में खुशी की लहर देखी गई.
डायोसिस ऑफ लखनऊ (सीएनआई) के बिशप मॉरिस एडगर दान ने उच्च न्यायालय से मिले अंतरिम आदेश का स्वागत किया और विश्वास जताया कि भविष्य में जीत मसीही समाज की होगी. आदेश आते ही कटरा मिशन कंपाउंड के मसीही समुदाय ने एक दूसरे को मिठाई खिलाकर बधाई दिया. यह जानकारी मीडिया प्रभारी Church ऑफ नॉर्थ इंडिया डायसिस ऑफ लखनऊ सुनील कुमार वर्मा ने दी है.
कायस्थ पाठशाला प्रयागराज वरिष्ठ अधिवक्ता विनोद कांत बने उपाध्यक्ष (खेलकूद)
कायस्थ पाठशाला, कमला नेहरू रोड, प्रयागराज के अध्यक्ष चौधरी राघवेंद्र नाथ सिंह ने इलाहाबाद हाईकोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता विनोद कांत मम्फोर्डगंज, प्रयागराज को संस्था का उपाध्यक्ष (खेलकूद) नियुक्त किया है. यह नियुक्ति अगले आदेश तक प्रभावी रहेगी.
अध्यक्ष ने आशा व्यक्त की कि विनोद कांत अपने व्यापक अनुभव और विशेषज्ञता से संस्था के सुचारु संचालन में मूल्यवान मार्गदर्शन प्रदान करेंगे और कायस्थ पाठशाला व उसकी संस्थाओं के विकास में महत्वपूर्ण योगदान देंगे. पत्र की प्रतिलिपि सूचनार्थ वरिष्ठ उपाध्यक्ष एवं हरगोविंद सिंह (एचजीएस), कायस्थ पाठशाला, प्रयागराज को भी भेजी गई है.