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Allahabad high court

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आम सभा में चर्चा होने से पहले तक रोका जाय हाई कोर्ट में अधिवक्ताओं को Chamber Allotment की प्रक्रिया, 517 अधिवक्ताओं से हस्ताक्षरित ज्ञापन चीफ जस्टिस को सौंपा

इलाहाबाद हाईकोर्ट अधिवक्ता Chamber Allotment नियमावली के विरोध में अधिवक्ताओं ने परिसर के बाहर विरोध प्रदर्शन किया और अंबेडकर चौराहे पर बैठक की. बार एसोसिएशन के पूर्व उपाध्यक्ष धर्मेंद्र सिंह यादव के नेतृत्व में  अधिवक्ताओं ने मुख्य न्यायाधीश, महानिबंधक व बार एसोसिएशन को 517 अधिवक्ताओ से हस्ताक्षरित ज्ञापन सौंपा. अधिवक्ताओं…

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उत्तर प्रदेश में प्रधानों को ग्राम पंचायतों का administrators बनाना संविधान के अनुच्छेद 243-E का उल्लंघन

राज्य सरकार की तरफ से दी गई जानकारी सिर्फ छह महीने के लिए है administrators व्यवस्था, इसके बाद करा लिए जाएंगे चुनाव, हाई कोर्ट ने 10 जुलाई तक मांगा हलफनामा कार्यकाल समाप्त होने के बाद प्रदेश की ग्राम पंचायतों के प्रधानों को administrators के तौर पर नियुक्त कर दिये जाने…

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90 दिन बाद भी नहीं दी गई जानकारी, हाईकोर्ट का यूपी सीएम से आग्रह : समय आ गया है कि बड़े Officers को आपराधिक रूप से जिम्मेदार ठहराया जाए

कोर्ट ने मुख्य सचिव को दिया निर्देश, इस फैसले को सीधे उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री के समक्ष प्रस्तुत करें इलाहाबाद हाईकोर्ट ने एक अहम आदेश में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री से आग्रह किया कि वह इस बात को स्वीकार करें कि अब वह समय आ गया है जब वरिष्ठ Officers…

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Administrative Machinery में सुपीरियर रिस्पॉन्सिबिलिटी का सिद्धांत प्रभावी रूप से लागू किया जाना चाहिए: इलाहाबाद हाई कोर्ट

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने पुलिस जांच में बरती गई कथित लापरवाही और Administrative उदासीनता पर गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए कहा है कि आपराधिक न्याय प्रणाली की विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए निष्पक्ष, वैज्ञानिक और जवाबदेह जांच व्यवस्था आवश्यक है. जस्टिस विनोद दिवाकर की बेंच ने एक बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका की…

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Trial Court भरण-पोषण (125 Cr. Pc) तय करते समय पत्नी की इनकम जरूर जांचे, रिविजनल कोर्ट के पास मेंटेनेंस बढ़ाने के दावे के लिए नए सबूतों का मूल्यांकन का अधिकार नहीं

आय के संबंध में जानकारी छिपाने वाली पत्नी को दी जाने वाली मेंटेनेंस की राशि पर हाई कोर्ट ने लगाई रोक, बेटे को मिलती रहेगी राशि भरण-पोषण के मामलों में फैसला लेने से पहले Trial Court का यह दायित्व है कि वह विवाद करने वाले पक्षों को उनकी आय, संपत्ति…

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यूपी से गुजरने वाले माल पर GST Penalty लगाना अवैध : हाई कोर्ट

इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने कहा है कि उत्तर प्रदेश राज्य के जीएसटी अधिकारियों को उन वस्तुओं पर Penalty लगाने का कोई अधिकार नहीं है, जो केवल ट्रांजिट में यूपी से होकर गुजर रही हों और जिनका उद्गम एवं गंतव्य दोनों ही यूपी से बाहर हों. कोर्ट ने याचियों पर जीएसटी…

High Court Decision

Prima facie cognizable offence बनता हो, जांच में पर्याप्त साक्ष्य पाये गये हों तो केस को दुर्भावनापूर्ण मंशा का नतीजा नहीं मान सकते

Prima facie cognizable offence बनता हो, जांच में पर्याप्त साक्ष्य पाये गये हों तो मुकदमे को दुर्भावनापूर्ण मंशा का नतीजा नहीं माना जा सकता और केस रद नहीं किया जा सकता है. ट्रायल कोर्ट को cognizable offence के तथ्यों और सबूतों को परखने का पूरा मौका देना ही उचित होगा.…

High Court Decision

Revision Court ने रिकॉर्ड की जांच और पक्षों की बात सुन ली और विवादों के गुण-दोष से जुड़े निष्कर्ष दर्ज कर लिए तो मामलों को नए सिरे से विचार के लिए वापस भेजने से बचना चाहिए

विवादित आदेशों को रद्द करने के बाद मामलों को नए सिरे से विचार के लिए ट्रायल कोर्ट को वापस भेजने की प्रथा बंद करें एक बार जब Revision Court ने रिकॉर्ड की जांच कर ली. पक्षों की बात सुन ली और विवादों के गुण-दोष से जुड़े निष्कर्ष दर्ज कर लिए…

High Court Decision

इलाहाबाद हाई कोर्ट ने स्टडी पाथवे Fraud के 8 मामलों की जांच आर्थिक अपराध शाखा को सौंपी

इलाहाबाद हाई कोर्ट ने शिक्षा परामर्श फर्म स्टडी पाथवे द्वारा कई लोगों से की गई कथित Fraud के मामले में बड़ा फैसला सुनाते हुए आठ अलग-अलग Fraud cases की जांच आर्थिक अपराध शाखा लखनऊ सौंप दी है. जस्टिस राजीव मिश्रा और जस्टिस पद्म नारायण मिश्रा की बेंच ने आचार्य राजेश…

High Court Decision

“आपराधिक मुकदमा और Departmental Disciplinary Proceeding अलग दायरे में चलती हैं और दोनों एक-दूसरे पर निर्भर नहीं होतीं”

इलाहाबाद हाई कोर्ट ने रद की आरक्षी के खिलाफ दूसरी शादी के आरोप के आधार पर की गयी Departmental Disciplinary Proceeding, याची को मिलेंगे कानून के अनुसार सभी लाभ कानूनी स्थिति एकदम साफ है कि एक आरोप के लिए आपराधिक मुकदमा और Departmental Disciplinary Proceeding अलग-अलग दायरे में चलती हैं…