हाईकोर्ट की female lawyer जागृति शुक्ला की मौत मामले में कोर्ट ने Investigation की प्रगति रिपोर्ट मांगी, बुधवार सुबह 10 बजे कोर्ट करेगी सुनवाई

इलाहाबाद हाईकोर्ट की female lawyer जागृति शुक्ला प्रकरण में मंगलवार 9 जून को हाईकोर्ट की डबल बेंच में सुनवाई हुई. कोर्ट ने इस मामले में पुलिस द्वारा की जा रही Investigation की प्रगति रिपोर्ट तलब की है. कोर्ट कल बुधवार को सुबह 10 बजे फिर सुनवाई करेगी. यह आदेश जस्टिस सलिल कुमार राय एवं जस्टिस स्वरूपमा चतुर्वेदी की खंडपीठ ने इस घटना को लेकर दाखिल दो जनहित याचिकाओं, अनिल कुमार सिंह उर्फ सोनू सिंह तथा ममता सिंह व 11 अन्य की याचिकाओं पर पारित किया है.
बता दें कि हाईकोर्ट की female lawyer जागृति शुक्ला का सोमवार सुबह लखनऊ स्थित पीजीआई में उपचार के दौरान निधन हो गया. female lawyer 20 मई को हुए एक सड़क हादसे में गंभीर रूप से घायल हो गई थीं. उनके निधन के बाद अधिवक्ताओं में शोक और आक्रोश का माहौल है. हाईकोर्ट बार एसोसिएशन ने सोमवार को लंच के बाद न्यायिक कार्य से विरत रहने का निर्णय लिया, जबकि विभिन्न स्थानों पर अधिवक्ताओं ने प्रदर्शन और विरोध जताया.
झूंसी निवासी female lawyer जागृति शुक्ला 20 मई की सुबह महिला अधिवक्ताओं के क्रिकेट टूर्नामेंट की तैयारी के लिए स्कूटी से प्रैक्टिस करने जा रही थीं. इसी दौरान इंदिरा गांधी चौराहे के पास उनके साथ सड़क हादसा हो गया. हादसे में उनके दोनों पैरों और सिर में गंभीर चोटें आईं. उन्हें तत्काल स्वरूप रानी नेहरू चिकित्सालय में भर्ती कराया गया.
अस्पताल में उपचार के दौरान अधिवक्ताओं और जूनियर डॉक्टरों के बीच विवाद हो गया जो धक्का-मुक्की और मारपीट में बदल गया. घटना के बाद अस्पताल परिसर में तनाव का माहौल बन गया था. female lawyer ने आरोप लगाया था कि उनके साथ अभद्रता की गई और मारपीट की गई. वहीं डॉक्टरों की ओर से भी आरोप लगाए गए थे. पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित किया था.
18 दिनों तक चले इलाज के बाद सोमवार को female lawyer का निधन हो गया
विवाद के बाद परिजन female lawyer जागृति शुक्ला को एक निजी अस्पताल ले गए, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें 21 मई को लखनऊ स्थित संजय गांधी पीजीआई रेफर कर दिया गया. लगभग 18 दिनों तक चले इलाज के बाद सोमवार को उनका निधन हो गया. Female lawyer के निधन की सूचना मिलते ही इलाहाबाद हाई कोर्ट बार एसोसिएशन ने शोक व्यक्त किया. बार एसोसिएशन के सचिव अखिलेश शर्मा ने बताया कि दिवंगत अधिवक्ता के परिजनों को बार एसोसिएशन की ओर से पांच लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी. साथ ही लंच के बाद न्यायिक कार्य से विरत रहने का निर्णय लिया गया है.
इस बीच अंबेडकर मूर्ति चौराहे पर अधिवक्ताओं का एक समूह धरना-प्रदर्शन किया. प्रदर्शनकारी अधिवक्ताओं की मांग है कि अधिवक्ताओं से मारपीट के आरोप में निलंबित डॉक्टरों के नाम सार्वजनिक किए जाएं तथा दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाए. अधिवक्ता रितेश श्रीवास्तव ने कहा कि मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई सुनिश्चित की जानी चाहिए.
emale lawyer मामले में ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन और तेज किया जाएगा
उधर, जनपद न्यायालय के अधिवक्ताओं ने कलेक्ट्रेट गेट के सामने प्रदर्शन करते हुए पुतला दहन किया. उन्होंने चेतावनी दी कि यदि female lawyer मामले में ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन और तेज किया जाएगा. वहीं कुछ अधिवक्ताओं ने सिविल लाइंस स्थित एकलव्य चौराहे पर जाम लगाकर विरोध प्रदर्शन किया. प्रदर्शनकारियों का कहना है कि जब तक पीड़ित परिवार को समुचित सहायता और मामले में न्याय नहीं मिलता, उनका आंदोलन जारी रहेगा.
दूसरी ओर, अस्पताल के जूनियर डॉक्टरों ने भी ओपीडी सेवाएं बंद कर विरोध दर्ज कराया है. उनका आरोप है कि उनके एक साथी डॉक्टर को कुछ अज्ञात लोग घर से अपने साथ ले गए हैं. पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है. गौरतलब है कि 20 मई को स्वरूप रानी नेहरू चिकित्सालय में अधिवक्ताओं और जूनियर डॉक्टरों के बीच हुआ विवाद चर्चा का विषय बना था. अब अधिवक्ता जागृति शुक्ला के निधन के बाद यह मामला एक बार फिर सुर्खियों में आ गया है और दोनों पक्षों के बीच तनाव बढ़ गया है.