Insurance Policy जारी करने वाली बजाज आलियांज की याचिका खारिज, कारोबारी को 12.70 लाख का बीमा दावा भुगतान का निर्देश

अपने आदेश में लोक अदालत ने Insurance Policy लेने वाली फर्म अजय ट्रेडर्स को आंधी-तूफान से हुए नुकसान के एवज में 12,70,340 रूपये मुआवजा भुगतान करने का आदेश बजाज आलियांज कंपनी को दिया था. मेसर्स अजय ट्रेडर्स ने 17 मार्च 2021 को बीमा कंपनी से स्टैंडर्ड फायर एंड स्पेशल पेरिल्स Policy ली थी. 9/10 मई 2021 की रात आंधी, भारी बारिश और ओलावृष्टि से गोदाम की एस्बेस्टस शीट की छत टूट गई. गोदाम में रखा सनमाइका और प्लाईवुड भीगकर बर्बाद हो गया.
इसके बाद अजय ट्रेडर्स ने Insurance Policy के सामने नुकसान की भरपाई के लिए क्लेम किया. Insurance Policy जारी करने वाली बजाज आलियांज ने अजय ट्रेडर्स के क्लेम को यह कहकर खारिज कर दिया कि एस्बेस्टस शीट ठीक से नहीं लगी थीं और पानी का रिसाव बीमित जोखिम का हिस्सा नहीं है.
बजाज एलियांज कंपनी की तरफ से अधिवक्ता पवन कुमार सिंह ने तर्क दिया कि लोक अदालत ने धारा 22-सी (विधिक सेवा प्राधिकरण अधिनियम, 1987) के तहत सुलह की कार्यवाही नहीं की. उन्होंने तर्क दिया कि घटना के बाद निरीक्षण में शीट ठीक से जुड़ी नहीं मिलीं और नुकसान पूरी तरह आंधी-बारिश से नहीं हुआ. Insurance Policy निर्माण इकाई के लिए ली गयी थी, जबकि परिसर का उपयोग गोदाम के रूप में हो रहा था. उन्होंने तर्क दिया कि इस आधार पर लोक अदालत का मुआवजे का आदेश ठीक नहीं है और उसे निरस्त किया जाना चाहिए.
कोर्ट ने सुलह प्रक्रिया पर लोक अदालत की टिप्पणी को संतोषजनक नहीं माना, लेकिन दोनों पक्ष उपस्थित होने के कारण मामले की गुण-दोष पर सुनवाई की. कोर्ट ने कहा: Insurance Policy बीमा कंपनी द्वारा परिसर के निरीक्षण के बाद जारी की गई थी और तब कोई आपत्ति नहीं उठाई गई. इंश्योरेंस कंपनी ने अपने जवाब में निरीक्षण की बात स्वीकार भी की है. घटना Insurance Policy जारी होने के दो महीने के भीतर हुई, इसलिए यह दलील स्वीकार्य नहीं कि इस बीच शीटें ढीली हो गईं.
Insurance Policy में तूफान और चक्रवात से हुआ नुकसान कवर
भारी बारिश और आंधी वाले दिन एस्बेस्टस शीट का टिक पाना मुश्किल था. यह रिसाव का नहीं, बल्कि तेज बारिश का पानी भीतर आने का मामला है. Insurance Policy में तूफान और चक्रवात से हुआ नुकसान कवर है. नुकसान का आकलन इंश्योरेंस कंपनी के अपने सर्वेयर की रिपोर्ट पर आधारित है, जिस पर कोई खास विवाद नहीं है.
सर्वे रिपोर्ट में कुल आकलित नुकसान 28,33,292 रूपये था. इसमें से सैल्वेज, खरीद बिल के अभाव में दर-अंतर, अंडर-इंश्योरेंस और 5 प्रतिशत एक्सेस क्लॉज की कटौती के बाद शुद्ध राशि रूपए 12,70,340 तय हुई. लोक अदालत ने इस पर 20 सितंबर 2021 से ब्याज देने का भी आदेश दिया था. हाई कोर्ट ने कहा कि आदेश रिकॉर्ड पर उपलब्ध सामग्री और साक्ष्यों के मूल्यांकन के आधार पर पारित हुआ है, इसलिए उसमें हस्तक्षेप का कोई कारण नहीं है. इसके साथ ही याचिका खारिज कर दी गई.
देवेंद्र नारायण पाण्डेय वरिष्ठ पैनल अधिवक्ता केंद्र सरकार का कार्यकाल बढ़ा
इलाहाबाद हाई कोर्ट के अधिवक्ता देवेंद्र नारायण पाण्डेय वरिष्ठ अधिवक्ता केंद्र सरकार का कार्यकाल अगले तीन वर्ष के लिए बढ़ा दिया गया है. ये इलाहाबाद हाई कोर्ट व केंद्रीय प्रशासनिक न्यायाधिकरण प्रयागराज में भारत सरकार के वरिष्ठ पैनल अधिवक्ता है. इस आशय का आदेश विधि मंत्रालय में सहायक विधि सलाहकार मनींद्र चौधरी ने जारी किया है. एटा के मूल निवासी पांडेय विगत तीन वर्षों से इलाहाबाद हाई कोर्ट व कैट प्रयागराज में केंद्र सरकार के वरिष्ठ पैनल अधिवक्ता का कार्य कर रहे हैं.