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Gangster Act ही “मृत जन्मा” घोषित हो चुका तो केवल प्रशासनिक गैंग चार्ट के आधार पर किसी व्यक्ति पर मुकदमा चलाना कानून की प्रक्रिया का दुरुपयोग

इलाहाबाद हाई कोर्ट ने गैंगस्टर एक्ट की केस कार्यवाही रद्द की, कहा गैंगस्टर एक्ट अपने आप में कोई अपराध सृजित नहीं करता

Gangster Act ही "मृत जन्मा" घोषित हो चुका तो केवल प्रशासनिक गैंग चार्ट के आधार पर किसी व्यक्ति पर मुकदमा चलाना कानून की प्रक्रिया का दुरुपयोग

Gangster Act को सुप्रीम कोर्ट द्वारा “मृत जन्मा” घोषित किया जा चुका है, तो केवल प्रशासनिक गैंग चार्ट के आधार पर किसी व्यक्ति पर Gangster Act में मुकदमा चलाना कानून की प्रक्रिया का दुरुपयोग है. इसके साथ ही इलाहाबाद हाईकोर्ट ने रामपुर के आरोपी अखिलेश कुमार पांडे के खिलाफ यूपी Gangster Act, 1986 के तहत चल रही पूरी कार्यवाही रद्द कर दी है. यह आदेश जस्टिस डॉ. गौतम चौधरी की सिंगल बेंच ने दिया है.

रामपुर के सिविल लाइन थाने में वर्ष 2010 में दर्ज केस के आधार पर अखिलेश कुमार पांडेय और अन्य के खिलाफ गैंग चार्ट तैयार किया गया था. संबंधित अधिकारियों की मंजूरी के बाद यूपी Gangster Act की धारा 3(1) के तहत एफआईआर दर्ज हुई और चार्जशीट दाखिल होने के बाद सत्र न्यायालय ने संज्ञान ले लिया था. इसी कार्यवाही को रद्द करने के लिए हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई थी.

यूपी Gangster Act अपने मौजूदा स्वरूप में कोई अपराध सृजित ही नहीं करता

अदालत ने शिव प्रताप सिंह उर्फ चिनू बनाम उत्तर प्रदेश राज्य मामले  में सुप्रीम कोर्ट के फैसले का हवाला दिया, जिसमें शीर्ष अदालत ने कहा था कि यूपी Gangster Act अपने मौजूदा स्वरूप में कोई अपराध सृजित ही नहीं करता. यह सिर्फ “गैंग” और ” Gangster” को परिभाषित करता है और सजा तय करता है, लेकिन किसी कृत्य को अपराध घोषित नहीं करता. सुप्रीम कोर्ट ने इसे “मृत जन्मा” कानून करार दिया था और कहा कि अनुच्छेद 20(1) के तहत “बिना कानूनी अपराध के किसी को कोई सजा नहीं दी जा सकती” के सिद्धांत का यह सीधा उल्लंघन है.

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कोर्ट ने कहा कि जब मूल कानून ही “मृत जन्मा” घोषित किया जा चुका है, तो केवल प्रशासनिक गैंग चार्ट के आधार पर किसी व्यक्ति पर Gangster Act में मुकदमा चलाना कानून की प्रक्रिया का दुरुपयोग है. कोर्ट ने स्पष्ट किया कि इस आदेश का असर आवेदक के खिलाफ मूल आपराधिक मामलों  की अलग से चल रही जांच या मुकदमे पर नहीं पड़ेगा, वे सामान्य कानून के तहत अपने अनुसार आगे बढ़ते रहेंगे. हाईकोर्ट ने रामपुर की अदालत में लंबित सेशन ट्रायल को रद्द कर दिया. यह फैसला यूपी में Gangster Act के तहत दर्ज हजारों मामलों पर व्यापक असर डाल सकता है.

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आदित्य कुमार सिंह बने नगर पंचायत जगनेर के अधिवक्ता

आगरा की जगनेर नगर पंचायत ने आदित्य कुमार सिंह को इलाहाबाद हाईकोर्ट में अपना अधिवक्ता नियुक्त किया है. नगर पंचायत के अध्यक्ष व अधिशासी अधिकारी की ओर से जारी नियुक्ति पत्र के अनुसार आदित्य कुमार सिंह को नगर पंचायत जगनेर के विरुद्ध दाखिल होने वाले मामलों के नोटिस प्राप्त करने के लिए अधिकृत किया गया है.

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