Relationship में खटास से बैंक मैनेजर के खिलाफ दर्ज दुष्कर्म केस समझौते के आधार पर रद

इलाहाबाद हाई कोर्ट के जस्टिस विवेक कुमार सिंह ने फर्रुखाबाद निवासी बैंक मैनेजर ऋषभ पांडेय के खिलाफ Relationship में खटास से दुष्कर्म के आरोप में दर्ज आपराधिक मामले को रद कर दिया. याची अधिवक्ता उपेंद्र उपाध्याय ने कहा पीड़िता ने हलफनामा देकर कहा दोनों के Relationship में मन-मुटाव के कारण केस दर्ज किया था, अब सुलह हो चुकी है और वह याची के खिलाफ आपराधिक कार्यवाही नहीं चाहती.
याची विवाहिता है, दो बच्चों की मां है. याची से डेढ़ साल से प्रेम संबंध (Relationship) थे. शादी का दबाव डालने के लिए आपराधिक केस दर्ज किया था. विवेचना अधिकारी व एसपी फर्रुखाबाद को हलफनामा देकर केस खत्म करने की मांग की थी. इस पर कोर्ट ने सीजेएम फर्रुखाबाद की अदालत में चल रहे आपराधिक केस को रद कर दिया है.
यह मामला थाना फतेहगढ़ कोतवाली, जिला फर्रुखाबाद में बीएनएस की धारा 351(2) और 69 के तहत दर्ज था. पीड़िता ने 7 जुलाई 2025 को ऋषभ पांडेय के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कराई थी. आरोप था कि दोनों के बीच 10 दिसंबर 2023 से 22 मई 2025 तक प्रेम संबंध (Relationship) रहे और जब रिश्ता (Relationship) टूटा तो मुकदमा दर्ज हुआ. जांच के दौरान पीड़िता ने स्वयं हलफनामा देकर कहा कि एफआईआर किसी गलतफहमी के कारण दर्ज कराई गई थी और वह अब अभियुक्त के विरुद्ध मुकदमा नहीं चलाना चाहती.
Relationship के बीच समझौता हो जाए तो न्यायालय अपनी अंतर्निहित शक्तियों के तहत कार्यवाही रद्द कर सकता है
न्यायालय ने कहा कि जब पीड़िता स्वयं मुकदमा वापस लेना चाहती हो और दोनों पक्षों (Relationship) के बीच समझौता हो जाए, तो न्यायालय अपनी अंतर्निहित शक्तियों के तहत कार्यवाही रद्द कर सकता है. कोर्ट ने स्पष्ट किया कि इस मामले में दोषसिद्धि की संभावना नगण्य है और मुकदमा जारी रखना न्यायालय के समय की बर्बादी होगी. तदनुसार, चार्जशीट और संज्ञान आदेश 05 फरवरी 2026 सहित समस्त कार्यवाही रद कर दी गई.
बिना वैध लाइसेंस शराब की दूकान होगी बंद, आबकारी अधिकारी ने कोर्ट को दिया आश्वासन
इलाहाबाद हाईकोर्ट में तलब जिला आबकारी अधिकारी आगरा कृष्ण पाल भारती ने कहा याची के घर के सामने शराब की दूकान तुरंत बंद की जायेगी.और व्यक्तिगत हलफनामा दाखिल किया. कार्रवाई के लिए अपर महाधिवक्ता ने कोर्ट से समय मांगा जिसपर याचिका की अगली सुनवाई की तिथि 6 जुलाई नियत की गई है.
कोर्ट ने आबकारी अधिकारी को अगली सुनवाई की तिथि पर भी हाजिर होने का निर्देश दिया है. यह आदेश जस्टिस सरल श्रीवास्तव और जस्टिस गरिमा प्रसाद की बेंच ने विजय कुमार कुशवाहा की याचिका पर दिया है. याचिका पर अधिवक्ता श्रीकृष्ण शुक्ल ने बहस की. इनका कहना था कि बिना वैध लाइसेंस के रिहायशी एरिया में शराब की दूकान खोली गई है.
इसपर कोर्ट में विपक्षी दूकानदार ने 3 मार्च 25 का अस्थाई लाइसेंस पेश किया. जिसमें दूकान का विवरण नहीं था. दूकान की बाउंड्री देना जरूरी है. जिस पर कोर्ट ने जिला आबकारी अधिकारी आगरा को स्पष्टीकरण के साथ तलब किया. पूछा बिना दूकान का विवरण दिये शराब बेचने का लाइसेंस कैसे जारी किया. आबकारी अधिकारी हाजिर हुए और कहा तुरंत दूकान बंद करेंगे.