शिकायतकर्ता पक्ष के चोटिल witness का बयान तब तक सर्वोच्च महत्व नहीं रखता, जब तक वह चिकित्सकीय व अन्य साक्ष्यों से मेल न खाता हो
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने एक आदेश में कहा कि घटना का आरोपी भी चोटिल है तो शिकायतकर्ता पक्ष के चोटिल गवाह (witness) का बयान तब तक सर्वोच्च महत्व नहीं रखता, जब तक ऐसा बयान अन्य साक्ष्यों और चिकित्सकीय साक्ष्यों से मेल न खाता हो. इसी के साथ कोर्ट ने आगरा के…
[…] […]
[…] इसे भी पढ़ें… […]
[…] इसे भी पढ़ें… […]
[…] इसे भी पढ़ें… […]
[…] इसे भी पढ़ें… […]