100 साल के Accused को 40 साल बाद मिला न्याय, हाई कोर्ट ने किया बरी, 1982 के हुए मर्डर केस में था आरोपित
जब कोई व्यक्ति (accused) जीवन के आखिरी पड़ाव पर कोर्ट के सामने खड़ा होता है तो दशकों की प्रक्रियात्मक देरी के बाद दंडात्मक परिणामों पर ज़ोर देना न्याय को एक ऐसे अनुष्ठान में बदलने का जोखिम पैदा करता है जो अपने मूल उद्देश्य से अलग हो जाता है. जब सिस्टम…
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