38,600 से अधिक फैसले Hindi में देकर इलाहाबाद हाई कोर्ट के जस्टिस डॉ गौतम चौधरी ने कायम की मिशाल

न्यायिक कार्यप्रणाली में Hindi के व्यापक और प्रभावी उपयोग को लेकर जस्टिस डॉ गौतम चौधरी का योगदान मिसाल बनकर सामने आया है. उन्होंने न्यायिक दायित्वों का निर्वहन करते हुए उन्होंने अब तक 38,600 से अधिक निर्णय और आदेश हिन्दी (Hindi) भाषा में पारित किए हैं. जस्टिस डॉ चौधरी के लिए हिन्दी सिर्फ संवाद का माध्यम नहीं बल्कि अपनी जड़ों, संस्कृति और आमजन से जुड़ने की सहज कड़ी है.
जस्टिस डॉ गौतम चौधरी का दृढ़ विश्वास है कि केवल न्याय करना ही पर्याप्त नहीं है बल्कि जिस व्यक्ति के लिए न्याय किया जा रहा है, उसे वह स्पष्ट रूप से समझ में भी आना चाहिए. अपनी Hindi भाषा में निर्णय मिलने से एक सामान्य नागरिक के लिए न्याय की पहुंच अधिक सरल और सार्थक हो जाती है.
जस्टिस डॉ चौधरी के लिए हिन्दी (Hindi) का यह प्रयोग केवल औपचारिक या भाषाई विकल्प नहीं है. वह हिन्दी (Hindi) को मां का दर्जा देते हैं और मानते हैं कि हिन्दी में न्यायिक लेखन करना भाषा के प्रति सम्मान के साथ उस समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाना है, जिसके लिए न्यायपालिका कार्यरत है.
हिन्दी में विधिक अवधारणाओं को सटीकता से व्यक्त कर जस्टिस डॉ चौधरी ने यह साबित किया है कि हिन्दी (Hindi) में उच्च स्तरीय न्यायिक लेखन पूरी तरह संभव है और यह न्याय प्रणाली को अधिक मानवीय व जनोन्मुख बनाता है. उनके द्वारा दिए गए ये हजारों निर्णय आने वाले समय में न्यायिक अधिकारियों, वकीलों, विधि छात्रों और शोधार्थियों के लिए एक मूल्यवान अध्ययन स्रोत और विधिक शब्दावली की समृद्ध धरोहर साबित होंगे.
सनातन सेवा सत्संग समिति ने हिंदी दिवस (Hindi Diwas) की पूर्व संध्या पर मनीषियों को किया सम्मानित
इलाहाबाद हाईकोर्ट के पूर्व जस्टिस करुणा नंद बाजपेई ने सनातन की विस्तृत व्याख्या करते हुए कहा कि सनातन धर्म में जड़, चेतन समेत संपूर्ण मानवता को जोड़ने का काम किया गया है. इसीलिए सनातन सदा से था है आगे भी रहेगा . पूर्व न्यायमूर्ति वाजपेयी सनातन सेवा सत्संग समिति प्रयागराज इकाई द्वारा हिंदी दिवस (Hindi Diwas) की पूर्व संध्या पर रामबाग स्थित मेडिकल इंस्टीट्यूट में आयोजित कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि बोल रहे थे.
संस्था के संरक्षक डॉ लक्ष्मी शंकर ओझा ने संस्था के उत्तरोत्तर विकास के लिए तन मन धन से सहयोग करने का आश्वासन दिया. इस अवसर पर कई मनीषियों को अंगवस्त्र भेंटकर सम्मानित किया गया. सम्मानित होने वाले विद्वानों में पृथ्वी नाथ पांडेय व्याकरण वेत्ता एवं भाषा विज्ञानी,प्रोफेसर सुजीत सिंह आचार्य इलाहाबाद विश्वविद्यालय, संतोष त्रिपाठी वरिष्ठ अधिवक्ता उच्च न्यायालय, व्रत शील शर्मा चंडी कार्यालय आदि शामिल थे.
समिति ने सर्वसम्मति से प्रयागराज इकाई के स्थापना दिवस को संपन्न कराने के लिए पांच सदस्यीय कमेटी का गठन किया है. जिसमें प्रभाकर त्रिपाठी अनुपम शुक्ला, सुधीर द्विवेदी, महेंद्र मिश्रा दादा, श्याम मूरत पांडे का मनोनयन हुआ. अध्यक्षता संस्थापक आचार्य सुधीर भाई मिश्र व संचालन प्रमोद शुक्ल ने किया. धन्यवाद ज्ञापन जिला संयोजक चंद्र हास सिंह गौतम ने किया.
कार्यक्रम में प्रमुख रूप से बीसी शुक्ला कोषाध्यक्ष, ओंकार नाथ दुबे संगठन सचिव, प्रभाकर त्रिपाठी, कृष्ण जी शुक्ला,उदय शंकर तिवारी, शिशिर तिवारी, राधे रमण पांडेय, बृजेश कुमार मिश्रा, विपिन बिहारी पांडेय, बृज बिहारी उपाध्याय, भूपेंद्र यादव, केएम शर्मा, डॉक्टर विंध्यवासिनी शुक्ला, पंडित रंजन मिश्रा, संदीप गुलाटी, नवदीप गुलाटी, गौरव भार्गव, विनोद राय, राजीव वर्मा, शिव नरेश तिवारी सतीश चंद केसरवानी आदि रहे.