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सपा सांसद Iqra Hasan के खिलाफ आचार संहिता के उल्लंघन में चल रही केस प्रोसीडिंग पर हाई कोर्ट ने लगायी रोक

सपा सांसद Iqra Hasan के खिलाफ आचार संहिता के उल्लंघन में चल रही केस प्रोसीडिंग पर हाई कोर्ट ने लगायी रोक
Iqra-hasan

समाजवादी पार्टी की सांसद Iqra Hasan को इलाहाबाद हाई कोर्ट से आचार संहिता के उल्लंघन के मामले में बड़ी राहत मिल गयी है. इलाहाबाद हाई कोर्ट के जस्टिस विक्रम डी चौहान की बेंच ने सपा सांसद Iqra Hasan के खिलाफ शामली जिले के मजिस्ट्रेट/विशेष न्यायाधीश एमपी/एमएलए की कोर्ट में केस नंबर 3974 की आगे की कार्यवाही 2023 (राज्य बनाम इकरा हसन एवं अन्य) पर पर रोक लगा दी है.

सुनवाई के दौरान स्टेट की तरफ से काउंटर एफीडेविट दाखिल करने के लिए समय मांगे जाने पर कोर्ट ने एजीए को तीन सप्ताह का समय देते हुए केस को 24 अक्टूबर को लिस्ट करने का आदेश दिया है. बता दें सपा सांसद Iqra Hasan 2024 में पहली बार लोकसभा सांसद चुनी गयी हैं. उनके भाई नाहिद हसन तीन बार विधायक रह चुके हैं. इकरा हसन ने दिल्ली के लेडी श्रीराम कॉलेज से बीए और दिल्ली यूनिवर्सिटी से कानून की पढ़ाई की है.

Iqra Hasan 2024 में समाजवादी पार्टी के टिकट पर चुनाव मैदान में उतरीं थी. उनके खिलाफ पुलिस उपनिरीक्षक मुकेश दिनकर ने शामली जिले के कांधला थाने में आदर्श चुनाव आचार संहिता के उल्लंघन का आरोप लगाया था. एसआई मुकेश दिनकर की तहरीर पर सपा प्रत्याशी Iqra Hasan के खिलाफ आईपीसी की धारा 188 और 171-H के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था.

यह प्रकरण वर्तमान समय में स्पेशल एमपी एमएलए कोर्ट में विचाराधीन है. चुनाव में सांसद निर्वाचित होने वाली Iqra Hasan ने इस केस की प्रोसीडिंग पर रोक लगाने की मांग में इलाहाबाद हाई कोर्ट में याचिका ​दाखिल की थी. याचिका पर सुनवाई के दौरान कोर्ट ने दोनों पक्षों के वकीलों के तर्कों को सुना.

सांसद Iqra Hasan के खिलाफ सीधे मुकदमा चलाना कानूनी रूप से ठीक नहीं

सांसद Iqra Hasan की तरफ से उनका पक्ष रखते हुए सीनियर एडवोकेट ने तर्क दिया कि आवेदक पर आईपीसी की धारा 188 एवं 171-एच के तहत कार्यवाही की जा रही है. आईपीसी की धारा 188 और 171-एच असंज्ञेय अपराध वाली हैं इसलिए, अदालत इस पर संज्ञान नहीं ले सकती. इसके स्थान पर पुलिस रिपोर्ट और शिकायत दर्ज की जानी चाहिए थी. इसके स्थान पर सीधे मुकदमा चलाना कानूनी रूप से ठीक नहीं है.

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Vikram D Chauhan J.

सांसद Iqra Hasan के अधिवक्ता ने जाकिर अली बनाम यूपी राज्य और अन्य, 2024: एएचसी: 143622, आवेदन 2018 की धारा 482 संख्या 3977 के तहत (हाजी अकबर हुसैन बनाम यूपी राज्य और अन्य), 2024: एएचसी: 129962 और आवेदन यू/एस 528 बीएनएसएस नंबर 37793 2025 (अजय राय बनाम उत्तर प्रदेश राज्य एवं अन्य), 2025: एएचसी: 174335 पर भरोसा जताया और तर्क दिया कि ऐसे ही मामलों में यह कोर्ट मुकदमा चलाने पर रोक लगाने का आदेश दे चुकी है। ऐसे में Iqra Hasan को भी ऐसी ही राहत दी जानी चाहिए.

स्टेट की तरफ से एजीए ने केस के तथ्यों पर काउंटर दाखिल करने के लिए समय मांगा तो कोर्ट ने उसे मंजूर कर लिया और काउंटर दाखिल होने के बाद रिजवाइंडर दाखिल करने का समय देते हुए सुनवाई की तिथि 24.10.2026 को मुकर्रर कर दी. कोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि लिस्टिंग की अगली तारीख तक केस नंबर 3974 की आगे की कार्यवाही 2023 (राज्य बनाम इकरा हसन एवं अन्य) प्रकरण अपराध से उत्पन्न क्रमांक 0108/2024, आईपीसी की धारा 188 और 171-एच के तहत चल रहे केस की प्रोसीडिंग पर रोक रहेगी.

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बता दें कि इस मामले में ट्रायल कोर्ट में पुलिस द्वारा Iqra Hasan के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की जा चुकी है. चार्जशीट को नोटिस लेते हुए कोर्ट ने सांसद Iqra Hasan के खिलाफ समन जारी कर दिया है. इलाहाबाद हाईकोर्ट में इसी समन आदेश को चुनौती देते हुए सम्पूर्ण केस की प्रोसीडिंग पर रोक लगाने की मांग करते हुए यह याचिका दाखिल की गयी थी.

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