अधिवक्ता Chamber के लिए किराया माफी की मांग को दिखी उम्मीद की लौ,अधिवक्ता भवन के बिजली-रखरखाव खर्च के लिए 24 करोड़ रुपये सालाना अनुदान की सिफारिश
हाईकोर्ट बार एसोसिएशन, इलाहाबाद के अध्यक्ष व महासचिव ने 12 फरवरी 2026 को मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश को पत्र लिखकर नवनिर्मित अधिवक्ता Chamber और मल्टीलेवल पार्किंग भवन के बिजली व रख-रखाव खर्च के लिए 24 करोड़ रुपये प्रति वर्ष का बजटीय अनुदान/सब्सिडी देने का अनुरोध किया था, ताकि यह भार अधिवक्ताओं पर न पड़े. बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने 7 जून 2026 को मुख्यमंत्री से मुलाकात भी की जिसमें मुख्यमंत्री ने सकारात्मक रुख दिखाया.
इसके बाद बार एसोसिएशन ने 3 जुलाई 2026 को मुख्य न्यायाधीश, इलाहाबाद हाईकोर्ट को पत्र लिखकर अनुरोध किया कि यह मामला सकारात्मक सिफारिश के साथ राज्य सरकार को भेजा जाए, ताकि बजटीय सहायता मिल सके. रजिस्ट्रार जनरल ने मुख्य न्यायाधीश के निर्देश पर यह सारे पत्र संलग्न करते हुए राज्य सरकार से अनुरोध किया है कि यह मामला मुख्यमंत्री, उत्तर प्रदेश के समक्ष सहानुभूतिपूर्वक विचार व आदेश हेतु प्रस्तुत किया जाए. पत्र की प्रति बार एसोसिएशन के अध्यक्ष राकेश पांडे और एडवोकेट्स एसोसिएशन के अध्यक्ष सगरर अहमद को भी भेजी गई है.
नवनिर्मित अधिवक्ता Chamber के आवंटन की प्रक्रिया वर्तमान में जारी है. Chamber किराये का विरोध अधिवक्ता लंबे समय से कर रहे हैं. मांग है कि कुछ निश्चित राशि जमा कराकर Chamber आवंटित किया जाय. किराया न लिया जाए. महानिबंधक के पत्र से उम्मीद की किरण दिखाई देने लगी है.
Chamber आवंटन नियमावली 2026 को निरस्त करते हुए नि:शुल्क चैंबर आवंटन सुनिश्चित करने की मांग

Chamber आवंटन प्रक्रिया के विरोध में रविवार को उच्च न्यायालय स्थित डॉ अंबेडकर की प्रतिमा के पास अधिवक्ताओं की एक सभा आहूत की गई जिसकी अगवाई वरिष्ठ अधिवक्तागण द्वारा की गई. सभा को बड़ी संख्या में सम्मानित अधिवक्ता गणों ने संबोधित किया और एक स्वर में वर्तमान Chamber आवंटन नियमावली 2026 को निरस्त करते हुए निशुल्क Chamber आवंटन सुनिश्चित करने की मांग की.
वरिष्ठ अधिवक्ताओं ने विस्तार पूर्वक आवंटन प्रक्रिया की कमियों को अधिवक्ताओं के सम्मुख रखा और सभी से पूरी मजबूती के साथ वर्तमान Chamber आवंटन प्रक्रिया के निरस्त होने तक एकजुट होकर विरोध करने का अनुरोध किया. विगत एक महीने से लगातार अधिवक्ताओं के विरोध के बावजूद बार एसोसिएशन द्वारा उचित समाधान ना निकाले जाने तथा इस पर आम सभा न बुलाकर अधिवक्ताओं के साथ किये जा रहे अन्याय से अधिवक्ताओं में भारी रोष है.
2 जून 2026 से धर्मेंद्र सिंह के नेतृत्व मे किये जा रहे आंदोलन के क्रम में 6 जुलाई 2026 को Chamber अलॉटमेंट की दूषित प्रक्रिया के संशोधन तक, प्रस्तावित बायलॉज संशोधन का पुरजोर विरोध किए जाने का निर्णय लिया गया और यह भी कहा गया यदि बार एसोसिएशन द्वारा तत्काल अधिवक्ताओं की मांगों पर विचार नहीं किया गया तो कल प्रातः 10:00 बजे हाई कोर्ट बायलाज अधिनियम की धारा 32 के अंतर्गत आमसभा आहूत कर आम सहमति से आंदोलन के प्रारूप पर विचार किया जाएगा. सभा का संचालन अनिल कुमार वर्मा ने किया.
वरिष्ठ अधिवक्ता राधाकांत ओझा, अनिल कुमार श्रीवास्तव, डॉ सीपी उपाध्याय, प्रभा शंकर मिश्रा, अशोक सिंह, राय साहब यादव, धर्मेंद्र प्रताप सिंह, हरिन्द्र प्रसाद, संतोष कुमार मिश्रा, आनंद मोहन पांडे, अभिषेक तिवारी, आरके गुप्ता, धर्मेंद्र शुक्ला, विष्णु पांडे, गिरीश कुमार सिंह, मनोज कुमार द्विवेदी, कमलेश कुमार तिवारी, आशुतोष त्रिपाठी, संतोष सिंह बबलू, नबी उल्ला, चंद्रकांत द्विवेदी, अरविन्द कुमार पाण्डेय, शक्ति सिंह, विवेक शुक्ला, कमलेश प्रसाद, विनोद कुमार, अरविंद कुमार पाल आदि अधिवक्ता उपस्थित रहे.
Chamber एलॉटमेंट रूल्स पर अभिलंब हाई कोर्ट बार एसोसिएशन की आमसभा ही प्राथमिकता होना चाहिए
Chamber एलॉटमेंट रूल्स पीड़ित अधिवक्ता संघर्ष समिति की एक विस्तारित बैठक आज संतोष सिंह बबलू के चुनाव कार्यालय पर हुई जिसकी अध्यक्षता एडवोकेट रामकुमार गौतम ने किया. बैठक में सर्व सम्मति से निर्णय लिया गया कि Chamber एलॉटमेंट रूल्स पर अभिलंब हाई कोर्ट बार एसोसिएशन की आमसभा ही प्राथमिकता होना चाहिए. बाकी बायलाज संशोधन अलॉटमेंट रूल्स पर विचार के बाद किया जाना चाहिए.
बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि Chamber एलॉटमेंट रूल्स के विरोध में विभिन्न अधिवक्ताओं, उनके समूह और व्यक्तियों द्वारा किए जा रहे आंदोलन को पीड़ित अधिवक्ता संघर्ष समिति समर्थन करेगी. संघर्ष समिति इस रूल्स के खिलाफ अधिवक्ता आंदोलन के व्यापक एकता के पक्षधर में है. अध्यक्ष अरविंद कुमार राय, सचिव आशुतोष कुमार तिवारी, प्रवक्ता संतोष सिंह बबलू, उपाध्यक्ष परमेश्वर कुमार चौधरी, सोनू निर्मल, संयुक्त सचिव दीपक निषाद, श्रीमती आबिदा खातून के अलावा सदस्यगण राम कुमार गौतम, राजेश कुमार चित्रगुप्त, चंद्रकांत द्विवेदी, आनंद स्वरूप गौतम, रामबली वर्मा, जितेंद्र नाथ पांडे, मयंक कुमार साहू, श्रीमती मीनू चौधरी, श्रीमती शमा फिरदौस आदि मौजूद रहे.