हाई कोर्ट का जज पाता है कि Article 226 के तहत दायर याचिका आदर्श रूप से Article 227 के तहत दायर किया जाना चाहिए था तो वह उस पर सुनवाई और फैसला नहीं कर सकता
अगर हाई कोर्ट के जज को उसके चीफ जस्टिस द्वारा Article 226 के तहत याचिकाएं सुनने और फैसला करने के लिए सौंपी गई हैं और वह पाता है कि Article 226 के तहत दायर याचिका को आदर्श रूप से Article 227 के तहत दायर किया जाना चाहिए था, तो वह…
[…] इसे भी पढ़ें… सिर्फ 2 केस पर Gangster Act की कार… […]
[…] […]
[…] इसे भी पढ़ें… सिर्फ 2 केस पर Gangster Act की कार… […]
[…] इसे भी पढ़ें….राज्य सरकार दुष्कर्म के … […]
Hi it's me, I am also visiting this web page daily, this website is in fact good and the people…