+91-9839333301

legalbulletin@legalbulletin.in

| Register

Shyam Sharan

High Court Decision

Final Report से नहीं चलेगा काम, झूठी सूचना देने वाले पर BNSS की धारा 215(1)(a) के तहत शिकायत दर्ज कराएं

इलाहाबाद हाई कोर्ट ने जारी किया ज्यूडिशियल ​मजिस्ट्रेट और डीजीपी के लिए निर्देश, केस दर्ज न कराने पर अफसरों पर होगी कार्रवाई यदि कोई जांच अधिकारी जांच करता है और अंततः पाता है कि कोई अपराध नहीं हुआ है, तो वह न केवल उत्तर प्रदेश पुलिस विनियमों के पैराग्राफ 122…

High Court Decision

IAS का प्रोबेशनर के तौर पर रिटायर हो जाना Salary-Pension लाभ देने से इनकार करने का आधार नहीं माना जा सकता, 2 माह में लाभ दें

इलाहाबाद HC ने रिटायर IAS के वेतन रिवाइज करने को दी मंजूरी, सरकार को दो ​महीने में फैसला लेना होगा, ब्याज भी देना होगा याचिकाकर्ता दो साल की प्रोबेशन अवधि खत्म होने के तीन महीने बाद प्रोबेशनर के तौर पर रिटायर हो गया था, इसलिए इसे Salary-pension लाभ देने से…

High Court Decision

अच्छे इरादे वाले नेक विचार भी तब विफल हो जाते हैं जब वे खराब Administrators के हाथों में पड़ते हैं: इलाहाबाद हाई कोर्ट

गैंगस्टर एक्ट और कमिश्नरेट प्रणाली पर हाईकोर्ट सख्त, अपर मुख्य सचिव गृह को कारण बताओ नोटिस जारी सबसे अच्छे इरादे वाले और स्पष्ट रूप से नेक विचार भी तब विफल हो जाते हैं जब वे खराब Administrators के हाथों में पड़ते हैं. यानी, जो Administrators अपर्याप्त रूप से प्रशिक्षित हैं…

High Court Decision

पत्नी की वेल एजुकेटेड होना 125 Cr PC के तहत Maintenance क्लेम में बाधा नहीं, फैमिली कोर्ट को मेंटेनेंस देने के लिए आदेश पारित करने का निर्देश

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने महत्वपूर्ण फैसले में कहा है कि पत्नी को सिर्फ इसलिए सीआरपीसी की धारा 125 के तहत Maintenance (गुजारा भत्ता) देने से मना नहीं किया जा सकता, क्योंकि वह वेल एजुकेटेड है या उसके पास वोकेशनल स्किल्स हैं. इससे यह नतीजा नहीं निकाला जा सकता कि पत्नी पैसे…

High Court Decision

संग्रह अमीन को राजस्व निरीक्षक पद पर Promotion पर विचार कर 3 माह में DM गोरखपुर को आदेश पारित करने का निर्देश

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने जिलाधिकारी गोरखपुर को संग्रह अमीन याची की राजस्व निरीक्षक पद पर Promotion तीन माह में विचार कर आदेश पारित करने का निर्देश दिया है. यह आदेश जस्टिस विकास बुधवार ने भोला यादव की याचिका को निस्तारित करते हुए दिया है. याचिका पर अधिवक्ता सैयद वाजिद अली ने…

High Court Decision

प्राइमाफेसी मामले से ज्यादा Evidence हों तभी बुलाये जा सकते हैं सीआरपीसी की धारा 319 के तहत अतिरिक्त आरोपी

ट्रायल कोर्ट किसी अतिरिक्त आरोपी को सिर्फ ट्रायल के दौरान रिकॉर्ड किए गए Evidence के आधार पर ही बुला सकता है न कि चार्जशीट या केस डायरी में मौजूद चीजों के आधार पर. दहेज हत्या के एक मामले से जुड़ी एक क्रिमिनल रिवीजन याचिका को खारिज करते हुए इलाहाबाद हाई…

High Court Decision

वकील की Absence या चूक के तकनीकी आधार पर आपराधिक अपील खारिज करना सही नहीं

अपील खारिज करने का आदेश रद, गुण-दोष पर तय करने का निर्देश इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा कि किसी भी आपराधिक अपील को केवल अधिवक्ता की absence या चूक  के आधार पर खारिज करना सही नहीं है. यदि आरोपी का वकील उपस्थित नहीं होता (absence)  है, तो अदालत को न्याय मित्र…

High Court Decision

संविधान के अनुच्छेद 226 का इस्तेमाल किसी तीसरे पक्ष द्वारा सरकारी कर्मचारी के Transfer की मांग करने के लिए नहीं किया जा सकता

इलाहाबाद हाई कोर्ट की लखनऊ बेंच ने कहा, Transfer Policy सिर्फ सलाह देने वाली है इलाहाबाद हाई कोर्ट ने कहा है कि भारत के संविधान के अनुच्छेद 226 का इस्तेमाल किसी तीसरे पक्ष द्वारा सरकारी कर्मचारी के Transfer की मांग करने के लिए नहीं किया जा सकता है. यह मानते…

High Court Decision

Passport Renewal होगा लेकिन ट्रायल कोर्ट में जमा करना होगा, विदेश यात्रा की कोर्ट से लेनी होगी परमिशन

इलाहाबाद हाई कोर्ट ने कहा है कि सिर्फ कोर्ट में केस पेंडिंग होने के आधार Passport Renewal नहीं रोका जा सकता है, वह भी तब जबकि संबंधित कोर्ट से इसकी परमिशन दी गयी है. कोर्ट ने इस कमेंट के साथ पासपोर्ट को रिन्यू कराने की परमिशन दे दी है लेकिन…

High Court Decision

Civil cases को क्रिमिनल केस की तरह ट्रीट नहीं कर सकते, इलाहाबाद हाई कोर्ट ने खारिज की याचिका

बिजनेस जगत में Civil cases को आपराधिक मामलों में बदलने की प्रवृत्ति बढ़ रही है. यह स्पष्ट रूप से इस आम धारणा के कारण है कि सिविल कानून के उपाय समय लेने वाले होते हैं और उधारदाताओं, लेनदारों के हितों की पर्याप्त रूप से रक्षा नहीं करते हैं. ऐसी प्रवृत्ति…