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शुआट्स स्पष्ट करे कि 8.30 करोड़ रुपये के स्वीकृत Arrears का भुगतान तीन महीने के भीतर किस प्रकार करेगा

शुआट्स स्पष्ट करे कि 8.30 करोड़ रुपये के स्वीकृत Arrears का भुगतान तीन महीने के भीतर किस प्रकार करेगा

 यह आदेश जस्टिस सौमित्र दयाल सिंह एवं जस्टिस स्वरूपमा चतुर्वेदी की खंडपीठ ने दिया है. कोर्ट ने कहा कि विश्वविद्यालय द्वारा दाखिल हलफनामा अपर्याप्त है. हलफनामे में उन संपत्तियों का विवरण नहीं है, जिन्हें बेचकर बकाया (Arrears) का भुगतान किया जाना है, न ही यह बताया गया कि विश्वविद्यालय ने बैंक से वित्तीय सहायता लेने या अन्य वैकल्पिक संसाधनों की व्यवस्था के लिए क्या प्रयास किए हैं.

शिक्षकों का 8,30,50,180 रुपये बकाया (Arrears)

विश्वविद्यालय के 53 शिक्षकों को 10 विभाग बंद होने के कारण सेवा से अलग कर दिया गया था. विश्वविद्यालय ने कोर्ट में स्वीकार किया कि शिक्षकों का 8,30,50,180 रुपये बकाया (Arrears) है. हालांकि शिक्षक इस गणना से सहमत नहीं हैं. शिक्षकों की ओर से कहा गया कि कम से कम स्वीकृत राशि का भुगतान बिना देरी के कराया जाए.

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सुनवाई के दौरान विश्वविद्यालय की ओर से आगामी सेमेस्टर परीक्षाओं को लेकर चिंता जताई गई. कोर्ट को बताया गया कि परीक्षाएं 25 मई से 15 जून तक हैं. इस पर कोर्ट ने छात्रों के हित को सर्वोपरि बताते हुए जिला प्रशासन को परीक्षाओं के शांतिपूर्ण संचालन के लिए आवश्यक व्यवस्था करने का निर्देश दिया.

कोर्ट ने विश्वविद्यालय को सभी परीक्षाओं की तिथि, परीक्षार्थियों और ड्यूटी वाले कर्मचारियों की सूची 22 मई शाम पांच बजे तक डीएम प्रयागराज को उपलब्ध कराने का निर्देश दिया. राज्य सरकार की ओर से अपर महाधिवक्ता ने आश्वासन दिया कि जिला प्रशासन परीक्षाएं सुचारू रूप से कराने के लिए पर्याप्त व्यवस्था करेगा.

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