Retire Employee से नहीं वसूला जा सकता अधिक भुगतान, कटौती आदेश रद, वसूली राशि 6 फीसदी ब्याज सहित वापस करने का निर्देश

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने एक गलत इंक्रीमेंट देने के कारण वरिष्ठ अभियोजन अधिकारी देवरिया के सेवानिवृत्ति (Retire Employee) के बाद 68619 रूपये की कटौती को अवैध करार देते हुए रद कर दिया है और काटी गई राशि छः फीसदी ब्याज सहित आठ हफ्ते में याची को वापस करने का निर्देश दिया है. कोर्ट ने कहा यह कटौती सुप्रीम कोर्ट के रफीक मसीह केस के फैसले का उल्लघंन है. जिसमें कहा गया है कि विभागीय गलती से अधिक भुगतान की वसूली Retire Employee से नहीं की जा सकती.
यह आदेश जस्टिस अनीस कुमार गुप्ता ने प्रभाकर पंडित की याचिका पर अधिवक्ता राधेकृष्ण पांडेय को सुनकर दिया है. सरकारी वकील का कहना था कि याची की सहमति से अधिक भुगतान की वसूली की गई है. अनुचित लाभ का उसे अधिकार नहीं है. याची Retire Employee के अधिवक्ता का तर्क था कि अधिक भुगतान में उसकी कोई भूमिका नहीं थी.
Retire Employee से अधिक भुगतान की वसूली को गलत माना
विभाग अपनी गलती के लिए उसे दंडित नहीं कर सकता. अधिक भुगतान होने का निर्धारण उसके सेवानिवृत्त होने के बाद किया गया था. जिसे चुनौती दी गई थी. हाईकोर्ट ने नियमानुसार याची (Retire Employee) के प्रत्यावेदन को तय करने का निर्देश दिया था. इसके बावजूद उसकी अर्जी निरस्त कर दी गई. जिसे फिर चुनौती दी गई. कोर्ट ने सेवानिवृत्त कर्मचारी (Retire Employee) से अधिक भुगतान की वसूली को गलत माना और वसूली गई राशि मत ब्याज वापस करने का निर्देश दिया है.
हाईकोर्ट जज की फोटो दिखाकर शिकायतकर्ता को फोन कर कपट करें के आरोपी को मिली सशर्त जमानत
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने संदीप कुमार की सशर्त जमानत मंजूर कर ली है. 50 हजार के व्यक्तिगत मुचलके व दो प्रतिभूति लेकर रिहा करने का आदेश दिया है. याची पर आरोप है कि मोबाइल फोन पर हाईकोर्ट के सिटिंग जज की फोटो दिखाकर शिकायतकर्ता को फोन कर कपट करने की कोशिश की.
यह आदेश जस्टिस जितेन्द्र कुमार सिन्हा ने दिया है. कोर्ट ने कहा याची से कोई बरामदगी नहीं की गई. उसका कोई आपराधिक इतिहास नहीं है. रूपये का कोई लेन देन नहीं किया गया. वह नवंबर 24 से जेल में बंद हैं. बिना मेरिट पर विचार किए कोर्ट ने कहा याची जमानत पाने का हकदार हैं.