हाईकोर्ट अधिवक्ता चेंबर Allotment में महिला अधिवक्ताओं का कोटा तय करने की मांग में जनहित याचिका

इलाहाबाद हाईकोर्ट की महिला अधिवक्ताओं के लिए चैंबर Allotment में आरक्षण देने की मांग को लेकर दाखिल जनहित याचिका पर हाईकोर्ट बार एसोसिएशन तथा उच्च न्यायालय महानिबंधक कार्यालय की ओर से उपस्थित अधिवक्ताओं से जानकारी मांगी है. यह जनहित याचिका अधिवक्ता जाह्नवी सिंह सहित 12 महिला अधिवक्ताओं द्वारा दाखिल की गई है. याचिका की सुनवाई चीफ जस्टिस अरुण भंसाली और जस्टिस क्षितिज शैलेन्द्र की खंडपीठ द्वारा की गई. याचिका की अगली सुनवाई 30 मार्च को होगी.
याचिका में कहा गया है कि न्यायालय परिसर में अधिवक्ताओं के लिए चैंबर केवल एक सुविधा नहीं बल्कि पेशे के सुचारु संचालन के लिए आवश्यक आधारभूत संरचना है. याचिकाकर्ताओं का कहना है कि महिला अधिवक्ताओं को पेशे में कई प्रकार की संरचनात्मक और सामाजिक चुनौतियों का सामना करना पड़ता है. ऐसे में चैंबर Allotment की योजना में उनके लिए उचित प्रतिशत में आरक्षण सुनिश्चित किया जाना आवश्यक है, ताकि उन्हें समान और गरिमापूर्ण कार्य वातावरण उपलब्ध हो सके.
याचिका में अधिवक्ता सोम्या द्वादश श्रेणी, गौरी दुबे, वर्तिका श्रीवास्तव, प्रिया तिवारी, दीक्षा वर्मा, महजवी बेगम, देविना त्रिपाठी, पूजा मिश्रा, ममता मौर्य, शिवांगी नंदा तथा जागृति निगम को भी याचिकाकर्ता के रूप मेंइ शामिल किया गया है.
याचिकाकर्ताओं की ओर से अधिवक्ता जाह्नवी सिंह ने पक्ष रखा, जबकि हाईकोर्ट के महानिबंधक की ओर से अधिवक्ता आशीष मिश्रा, अशोक कुमार तिवारी तथा साई गिरधर उपस्थित हुए. वहीं हाईकोर्ट बार एसोसिएशन की ओर से अध्यक्ष वरिष्ठ अधिवक्ता राकेश पांडेय ने अपने तर्क प्रस्तुत किए.