कोर्ट कार्यवाही की Recording करने वाले को नोटिस, सुनवाई 18 को

इलाहाबाद हाईकोर्ट कार्यवाही की वीडियो Recording करना पैरोकार के लिए भारी पड़ा, कोर्ट ने बिना अनुमति वीडियोग्राफी करने को कोर्ट कार्यवाही में व्यवधान माना और पैरोकार अमित को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा है कि क्यों न उनके खिलाफ आपराधिक अवमानना कार्यवाही शुरू की जाय. मामले की सुनवाई 18 दिसंबर को होगी. यह आदेश जस्टिस कृष्ण पहल ने रावेंद्र कुमार धोबी की जमानत अर्जी की सुनवाई करते हुए दिया है.
केस की सुनवाई के दौरान चित्रकूट,के गांव मोहनरवा निवासी अमित कुमार बिना अनुमति कोर्ट कार्यवाही की Recording कर रहे थे.जो याची के पैरोकार थे. रिकार्डिंग करना प्रथमदृष्टया गंभीर आपराधिक अवमानना की श्रेणी में आता है. अमित ने मोबाइल फोन से Recording स्वीकार भी की. कोर्ट ने इसे न्यायिक कार्यवाही में हस्तक्षेप माना.और नोटिस जारी कर सफाई मांगी है.
पुलिस पर परिवार को अवैध निरूद्ध करने का आरोप
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने पुलिस कमिश्नर वाराणसी व एस एच ओ कैंट को कथित अवैध रूप से पुलिस द्वारा निरूद्ध याची दीपक गुप्ता,इनकी मां कस्तूरी देवी व भाई गौरव गुप्ता को तीन दिसंबर को दो बजे पेश करने का निर्देश दिया है.और राज्य सरकार को याचिका पर जवाबी हलफनामा दाखिल करने का भी आदेश दिया है.
यह आदेश न्यायमूर्ति जे जे मुनीर तथा न्यायमूर्ति संजीव कुमार की खंडपीठ ने दीपक गुप्ता सहित अन्य के साथ इनकी पत्नी शालिनी गुप्ता की बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका की सुनवाई करते हुए दिया है. याची का कहना है कि कैंट थाना पुलिस ने उसके पति सास व देवर को 23नवंबर 25से थाने में बंद कर रखा है.
अभी तक न तो उनका चालान किया गया और न ही उन्हें मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किया गया है.उनके बारे में पुलिस कोई जानकारी भी नहीं दे रही है अवैध रूप से निरुद्ध रखा है. जिस पर कोर्ट ने याचियों को पेश करने का निर्देश दिया है.