Criminal Conviction को केवल संभावना या संदेह के आधार पर कायम नहीं रखा जा सकता, 42 साल बाद दो आरोपितों की सजा रद
1983 में हुई थी हत्या, 1984 में सुनायी गयी थी सजा, दो आरोपित हो चुके दिवंगत, जिंदा बजे दो को तत्काल रिहा करने का आदेश किसी भी Criminal Conviction को केवल संभावना या संदेह के आधार पर कायम नहीं रखा जा सकता. जहाँ रिकॉर्ड पर मौजूद सबूतों से दो अलग-अलग…
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Там, где раньше хватало одного тяжёлого утра, теперь требуются дни детоксикации. И чем позже подключается врач, тем сложнее вернуть организм…
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