Common man की जीविका का अधिकार भी कम महत्वपूर्ण नहीं, जमानत पर छूटे अध्यापक की सजा और दंड पर हाईकोर्ट ने लगाई रोक

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अपराध की सजा व दंड पर रोक लगाने की मांग में दाखिल याचिका की सुनवाई करते हुए कहा है कि सहायक अध्यापक याची एक Common man है, वह कोई राजनेता या सांसद नहीं है. किंतु वह भी संविधान के “हम भारत के लोग” के दायरे में Common man आता है. याची एक Common man जमानत पाने के समय क़ानून की जानकारी की कमी के कारण सजा व दंड को निलंबित रखने की मांग नहीं कर सका. जिसके आधार पर वह (Common man) बर्खास्त कर दिया गया है. उसकी जीविका का अधिकार कम महत्वपूर्ण नहीं है.
याची (Common man) की सजा व दंड को निलंबित कर दिया
कोर्ट ने सजा के खिलाफ अपील की अंतिम सुनवाई होने तक याची (Common man) की सजा व दंड को निलंबित कर दिया है. यह आदेश जस्टिस सिद्धार्थ और जस्टिस वीके द्विवेदी की बेंच ने सुनील कुमार की अपील में दाखिल अर्जी की सुनवाई करते हुए दिया है. याचिका पर अधिवक्ता धनंजय कुमार मिश्र ने बहस की. याची के खिलाफ कोतवाली हाथरस में केस दर्ज है. जिसमें उसे अपर सत्र न्यायाधीश ने सजा सुनाई. याची टुंडला, फिरोजाबाद इंटर कालेज में सहायक अध्यापक है.
पीएसी नैनी के कमांडेंट 27 मई को तलब, कोर्ट ने पूछा क्यों नही किया आदेश का पालन, क्यों न हो अवमानना कार्यवाही
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने आदेश का अनुपालन न करने पर कड़ा रूख अपनाया है और कमांडेन्ट 42वी बटालियन पीएसी, नैनी प्रयागराज को 27 मई को तलब किया है. कोर्ट ने उनसे स्पष्टीकरण मांगा है कि 6 अप्रैल को कोर्ट से जारी आदेश का पालन अब तक क्यों नहीं किया गया. क्यों न आदेश की अवहेलना करने के लिए उनके खिलाफ अवमानना कार्यवाही शुरू की जाय.
यह आदेश जस्टिस अनीस गुप्ता ने कहार उमाशंकर यादव की याचिका पर दिया है.याचिका पर अधिवक्ता बीएन सिंह राठौर ने बहस की. कोर्ट ने छः अप्रैल को याची के परिलाभों से की गई 369081 रूपये की कटौती 8 फीसदी ब्याज सहित वापस करने का आदेश दिया था और यह निर्देश भी दिया था कि आदेश का अनुपालन किये जाने की रिपोर्ट हलफनामा दाखिल करके दी जाय. कोर्ट के इस आदेश का अनुपालन पीएसी के कमांडेंट द्वारा नहीं किया गया तो कोर्ट ने सख्त रुख अख्तियार करते हुए उन्हें नोटिस जारी कर दिया और कमांडेंट को तलब किया है.