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33 ने याचिका लगायी, हाई कोर्ट ने की खारिज, 50 से दो लाख तक लगा हर्जाना

स्कूल में छात्र नदारद, प्रबंध समिति व अध्यापकों व स्टाफ ने वेतन व अन्य मामले के लिए दाखिल की याचिकाएं

वेतन पाने को 33 ने लगायी याचिका

वेतन और अन्य मामलों को लेकर इलाहाबाद हाईकोर्ट में 33 ने याचिका लगायी. प्रकरण जनक लघु माध्यमिक विद्यालय मड़ीपुर धनपुरवा, सलेमपुर देवरिया का था. कोर्ट ने प्रबंधक की दो याचिकाओं को डेढ़ व एक लाख कुल  ढाई लाख और सहायक अध्यापक अजय कुमार की दो याचिकाओं को डेढ़ व एक लाख कुल ढाई लाख का हर्जाना लगाते हुए खारिज कर दिया है. ऐसे ही 50 हजार से दो लाख हर्जाना लगाते हुए कोर्ट ने 33 याचिकाओ को खारिज कर दिया है.

वेतन भुगतान का समादेश जारी करने की मांग
यह आदेश जस्टिस सौरभ श्याम शमशेरी ने अध्यापकों, स्टाफ व प्रबंध समिति की 33 याचिकाओं की सुनवाई करते हुए दिया है. इससे पहले कोर्ट ने सौ रुपए प्रति याची हर्जाना लगाते हुए सभी को हाजिर होने का आदेश दिया था. इसके बावजूद न याची और न ही उनके वकील, कोई भी अदालत में पेश नहीं हुआ. कोर्ट ने प्रबंध समिति से स्कूल के कार्यरत होने व छात्र संख्या की जानकारी मांगी थी. जिसका पालन नहीं किया गया. प्रबंधन की याचिकाओं में अध्यापक व स्टाफ सहित 17 लोगों के वेतन भुगतान का समादेश जारी करने की मांग की गई थी.

एक सप्ताह में जमा करें हर्जाना राशि
कोर्ट ने हर्जाना राशि का भुगतान एक हफ्ते में विधिक सेवा प्राधिकरण देवरिया के पक्ष में जमा न करने की दशा में महानिबंधक को याचियों के खिलाफ वसूली कार्रवाई करने का निर्देश दिया है. बता दें कि वेतन भुगतान व अन्य मामलों के लिए विगत वर्षो में लगभग 95 याचिकाएं, 50 अवमानना याचिका और 25 विशेष अपील योजित किया गया, जिसमे से 33 याचिका की सुनवाई 2 मई 25 को हुई लेकिन याचियों के तरफ से कोई अधिवक्ता हाजिर नहीं हुए.

भौतिक सत्यापन में एक भी छात्र नहीं मिला
सरकार की ओर से बताया गया कि भौतिक निरीक्षण में एक भी छात्र का नामांकन नहीं पाया गया,जिसके कारण सभी याचिकाएं 50 हजार से दो लाख रूपए के हर्जाने के साथ खारिज कर दी गयी. बता दें कि 1995 से कई तरह की याचिकाएं दाखिल हुई, प्रबंधक ने समय समय पर कई नियुक्तियां की. वे भी हाईकोर्ट आये, प्रबंध समिति पर कार्रवाई हुई, उसको लेकर हाईकोर्ट में याचिका हुई.

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