आयोग की TGT Teacher Recruitment केवल हाईस्कूल (कक्षा 9 एवं 10) के लिए, आयोग को संशोधन जारी करने का निर्देश
इलाहाबाद हाई कोर्ट ने भर्ती विज्ञापन की वैधता की चुनौती देने वाली याचिका निस्तारित की

एक महत्वपूर्ण फैसले में इलाहाबाद हाई कोर्ट ने उत्तर प्रदेश राज्य को निर्देशित किया है कि वह सहायक अध्यापकों की नियुक्ति (Recruitment) हेतु शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) उत्तीर्ण करना एक अनिवार्य योग्यता के रूप में सम्मिलित करने के लिए लागू सेवा नियमों में संशोधन कराए. कोर्ट ने उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग को निर्देश दिया है कि वह (Recruitment) हेतु एक संशोधन/स्पष्टीकरण जारी कर यह स्पष्ट करे कि विवादित भर्ती (Recruitment) विज्ञापन केवल कक्षा IX एवं X के लिए नियुक्तियों से संबंधित है. दो जजों की बेंच ने रिट-ए संख्या 11604/2025 तथा सम्बद्ध याचिकाओं को उपर्युक्त सीमा तक स्वीकार कर लिया है.
यह आदेश जस्टिस अरिंदम सिन्हा और जस्टिस प्रशांत कुमार की बेंच ने सुनाया है. बेंच दो रिट याचिकाओं पर एक साथ सुनवाई कर रहा था. इसमें ‘उत्तर प्रदेश अधीनस्थ शैक्षिक (प्रशिक्षित स्नातक श्रेणी) सेवा नियमावली, 1983’ के नियम 8 को रद्द करने की मांग की गयी थी. यह नियम 30 जनवरी 2025 के छठे संशोधन द्वारा संशोधित किया गया है. याचिका में इसे इस हद तक रद्द करने की मांग की गई थी जिस हद तक यह ‘राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद’ (NCTE) की 23 अगस्त 2010 की अधिसूचना के विपरीत है.
याचिकाकर्ताओं का कहना था कि उक्त Recruitment अधिसूचना में कक्षा VI से VIII तक पढ़ाने के लिए ‘सहायक अध्यापक’ के पद पर नियुक्ति हेतु ‘शिक्षक पात्रता परीक्षा’ (TET) उत्तीर्ण करना अनिवार्य किया गया है. दूसरी रिट में भी इसी तरह की प्रार्थना की गई थी कि कथित रूप से आपत्तिजनक नियम 8 को ‘अधिकार-बाह्य’ घोषित करने तथा परिणामस्वरूप उक्त नियमों के तहत भर्ती (Recruitment) के लिए ‘उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग’ द्वारा 28 जुलाई, 2025 को जारी किए गए विज्ञापन को रद्द करने की मांग की गई थी.
एनसीटीई की अधिसूचना के अनुसार आवश्यक पात्रता के तहत कोई भर्ती (Recruitment) हुई है
अधिवक्ता ने तर्क दिया कि राज्य सरकार ने यह नहीं बताया कि 23 अगस्त, 2010 की एनसीटीई की अधिसूचना के अनुसार आवश्यक पात्रता के तहत कोई भर्ती (Recruitment) हुई है या उससे संबंधित भर्ती (Recruitment) अधिसूचना जारी की गई है. यह नहीं कह सकते कि कक्षा VI से VIII पढ़ाने वाले शिक्षकों के पदों में कोई रिक्ति नहीं आई है. विशेषकर जब अतिरिक्त शिक्षा निदेशक के हलफनामे में यह स्वीकार किया गया है कि 904 संस्थान ऐसे हैं जहाँ छात्र कक्षा छः से आठ तक अध्ययन करते हैं.
याचिकार्थियों ने इस चूक को प्रदर्शित किया है और अधिक महत्वपूर्ण यह कि 28 जुलाई, 2025 की भर्ती (Recruitment) अधिसूचना में यह स्पष्ट नहीं किया गया कि भर्ती (Recruitment) किए जाने वाले शिक्षकों को किन कक्षाओं में पढ़ाना होगा. इस पर राज्य सरकार ने संशोधन की बात स्वीकार की.

याचिकाकर्ताओं की ओर से सुश्री तानिया पांडे ने कहा कि 31 मार्च 2010 को जारी (तथा 5 अप्रैल, 2010 को ‘भारत के राजपत्र’ के असाधारण अंक में प्रकाशित) एक अधिसूचना के माध्यम से, NCTE को ‘बच्चों का निःशुल्क और अनिवार्य शिक्षा का अधिकार अधिनियम, 2009’ की धारा 23 की उप-धारा (1) के तहत यह शक्ति प्रदान की गई थी कि वह एक ‘शैक्षिक प्राधिकारी’ के रूप में, शिक्षक के पद पर नियुक्ति हेतु किसी व्यक्ति की पात्रता के लिए आवश्यक ‘न्यूनतम योग्यताओं’ का निर्धारण करे.
इस प्राधिकार के अनुसरण में उक्त प्राधिकारी द्वारा 23 अगस्त, 2010 को एक अधिसूचना जारी की गई थी इस अधिसूचना में पात्रता मानदंड के रूप में अन्य योग्यताओं के अतिरिक्त, ‘TET उत्तीर्ण’ होने को अनिवार्य किया गया था. वह कथित तौर पर नियम 8 के उल्लंघन का हवाला देते हुए यह दर्शाती हैं कि अधिनियम और अधिसूचना के बाद उसमें किए गए संशोधन के बावजूद भर्ती (Recruitment) के उद्देश्य से अनिवार्य योग्यता TET (पास) को उसमें शामिल नहीं किया गया था.
अतिरिक्त महाधिवक्ता कार्तिकेय सरन ने कहा कि NCTE द्वारा 12 नवंबर 2014 को एक Recruitment अधिसूचना जारी की गई थी जिसमें कक्षा IX और X के शिक्षकों की भर्ती के लिए शैक्षिक योग्यताएँ अनिवार्य की गई थीं. इसके परिणामस्वरूप नियमों में दो संशोधन किए गए. पहला संशोधन वर्ष 2016 में किया गया था जिसमें स्नातक की डिग्री और B.Ed. (बी.एड.) या उसके समकक्ष योग्यता की अतिरिक्त शर्त जोड़ी गई थी.
दूसरा संशोधन वर्ष 2025 में किया गया था जो स्पष्टीकरण के रूप में था और जिसमें ‘स्नातक डिग्री’ शब्द को शामिल किया गया था. 28 जुलाई, 2025 को जारी की गई उपर्युक्त भर्ती अधिसूचना के लिए इन्हीं संशोधित नियमों का आधार लिया गया है. उन्होंने बताया कि उन्हें स्पष्ट निर्देश प्राप्त हैं कि कक्षा VI से VIII तक के शिक्षकों की भर्ती के लिए इन नियमों के तहत कोई भर्ती नहीं की गई है.
बेंच ने कहा कि एक खास सवाल पर प्रतिवादियों ने हमें यह नहीं दिखाया है कि 23 अगस्त 2010 की अधिसूचना पर NCTE द्वारा अनिवार्य की गई जरूरी योग्यताओं के अनुसार कोई भर्ती (Recruitment) हुई है या कम से कम भर्ती (Recruitment) की प्रक्रिया किसी भर्ती सूचना के जरिए शुरू की गई है.
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इसका मतलब है कि प्रतिवादी यह नहीं कह सकते कि कक्षा VI से VIII तक पढ़ाने वाले शिक्षकों के पदों पर कोई रिक्ति नहीं हुई है खासकर तब जब शिक्षा के अतिरिक्त निदेशक द्वारा दिए गए हलफनामे में यह स्वीकार किया गया है कि 904 ऐसे संस्थान मौजूद हैं जहाँ छात्र कक्षा VI से XII तक पढ़ाई करते हैं.