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लंबित पुलिस Verifcation के आधार पर अभ्यर्थी के आवेदन को प्रभावित नहीं किया जाएगा: हाईकोर्ट

CDSE रेलवे सुरक्षा बल उड़ीसा को निर्देश याची की अभ्यर्थिता में उसके खिलाफ दर्ज अपराध का पुलिस Verifcation में देरी आड़े न आये

लंबित पुलिस Verifcation के आधार पर अभ्यर्थी के आवेदन को प्रभावित नहीं किया जाएगा: हाईकोर्ट

इलाहाबाद हाई कोर्ट ने अपने एक महत्वपूर्ण फैसले में कहा है कि लंबित पुलिस Verifcation के आधार पर अभ्यर्थी की अभ्यर्थना को प्रभावित नहीं किया जाएगा. हाईकोर्ट ने सीनियर डिविजनल सिक्योरिटी कमिश्नर रेलवे सुरक्षा बल उड़ीसा को निर्देश दिया है कि याची की अभ्यर्थिता में उसके खिलाफ दर्ज अपराध का पुलिस Verifcation में देरी आड़े न आये और प्रक्रिया प्रभावित न हो. कोर्ट ने चयनित अभ्यर्थी को बड़ी राहत प्रदान की है. यह आदेश जस्टिस सौरभ श्रीवास्तव की एकल पीठ ने बलिया के रोहित यादव एवं अन्य याचिका की सुनवाई करते हुए दिया है. कोर्ट ने स्पष्ट निर्देश दिया कि केवल लंबित पुलिस Verifcation के आधार पर अभ्यर्थी की अभ्यर्थना को प्रभावित नहीं किया जाएगा.

प्रकरण के तथ्यों के अनुसार बलिया जिले के रहने वाले याची रोहित यादव थाना नगरा के रहने वाले हैं. उनके खिलाफ नगरा थाने में एक मुकदमा दर्ज कराया गया है. पुलिस विवेचना के बाद चार्जशीट दाखिल कर चुकी है. कोर्ट भी चार्जशीट को संज्ञान ले चुकी है और समन जारी किया है. इसी आदेश को याचिका में चुनौती दी गयी है.

हाई कोर्ट में दाखिल की गयी याचिका में प्रार्थना की गयी है कि उनके खिलाफ जारी 20 जनवरी 2021 की चार्जशीट तथा 14 सितंबर 2021 के संज्ञान/समन आदेश को निरस्त करने के साथ-साथ राज्य बनाम संतकुमार यादव एवं अन्य) थाना नगरा, जनपद बलिया से संबंधित है की संपूर्ण कार्यवाही को निरस्त  किया. याचिका में यह भी निवेदन किया गया है कि वाद के लंबित रहने के दौरान आगे की कार्यवाही पर रोक लगाई जाए.

Verifcation लंबित होने से उसकी नियुक्ति प्रक्रिया प्रभावित होने की आशंका

उल्लेखनीय है कि याची रेलवे भर्ती बोर्ड की कांस्टेबल भर्ती अधिसूचना के अंतर्गत अंतिम रूप से चयनित अभ्यर्थी है. आपराधिक प्रकरण के कारण उसका पुलिस Verifcation लंबित होने से उसकी नियुक्ति प्रक्रिया प्रभावित होने की आशंका उत्पन्न हो गई थी. न्यायालय ने अपने आदेश में यह निर्देशित किया कि केवल लंबित आपराधिक प्रकरण अथवा पुलिस Verifcation के आधार पर अभ्यर्थी की अभ्यर्थना को निरस्त या प्रभावित नहीं किया जा सकता.

साथ ही न्यायालय ने संबंधित रेलवे प्राधिकारी वरिष्ठ मंडल सुरक्षा आयुक्त, रेलवे सुरक्षा बल, ईस्ट कोस्ट रेलवे, खुर्दा रोड, ओडिशा को इस आशय से अवगत कराए जाने का निर्देश दिया कि अभ्यर्थी के विरुद्ध लंबित प्रकरण के आधार पर उसकी नियुक्ति प्रक्रिया में कोई प्रतिकूल कार्यवाही न की जाए.

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न्यायालय ने केंद्र सरकार के अधिवक्ता प्रशांत सिंह सोम को आदेश के अनुपालन हेतु संबंधित प्राधिकारी को सूचित करने का निर्देश दिया है. मामले की अगली सुनवाई हेतु 09 अप्रैल 2026 की तिथि नियत की गई है. यह आदेश उन अभ्यर्थियों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है, जिनकी नियुक्ति केवल लंबित आपराधिक मामलों या पुलिस Verifcation के कारण प्रभावित हो रही है, जबकि उनके विरुद्ध अभी दोष सिद्ध नहीं हुआ है.

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