+91-9839333301

legalbulletin@legalbulletin.in

| Register

Security मांगने कोर्ट आयी युवती अवैध रूप से विपक्षियों द्वारा निरूद्ध, 18 को कोर्ट में पेश करने का निर्देश

कोर्ट के बाहर से उठा ले गये विपक्षी, कोर्ट शनिवार को दोपहर 12 बजे करेगी सुनवाई

Security मांगने कोर्ट आयी युवती अवैध रूप से विपक्षियों द्वारा निरूद्ध, 18 को कोर्ट में पेश करने का निर्देश

अन्तर धार्मिक विवाह के बाद सुरक्षा (Security) की मांग की गुहार लगाने हाई कोर्ट आयी युवती और उसके पति को विपक्षियों ने कोर्ट से निकलने के बाद गायब कर दिया. इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अवैध रूप से विपक्षियों द्वारा निरूद्ध रश्मि को 18 अक्टूबर शनिवार को अदालत में 12 बजे पेश करने का निर्देश दिया है. इस दिन छुट्टी होने के कारण महानिबंधक को कोर्ट संख्या 43 में बैठने का इंतजाम करने का भी आदेश दिया है. यह आदेश जस्टिस सलिल कुमार राय और जस्टिस दिवेश चंद्र सामंत की बेंच ने तहसीम व अन्य की बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका की सुनवाई करते हुए दिया है.

रश्मि व शाने अली यह अन्तर धार्मिक जोड़ा इसी सप्ताह की शुरुआत में अदालत में पेश होने के तुरंत बाद कथित तौर पर लापता हो गया था. जिसके बाद उनकी सुरक्षा और स्वतंत्रता को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं. मामले की गंभीरता को देखते हुए कोर्ट सुनवाई के लिए छुट्टी में भी बैठेगी. याचिका में आरोप लगाया गया है कि बालिग दंपति, शाने अली और रश्मि 15 अक्टूबर को हाई कोर्ट कैंपस से निकलने के बाद लापता हो गए. बता दें कि वह हाई कोर्ट में अपने रिश्ते से संबंधित आपराधिक रिट याचिकाओं में उपस्थित हुए थे.

“हमें पता है कि कल कार्यदिवस नहीं है. फिर भी, प्रतिवादी न्याय कक्ष संख्या 43 में कॉर्पस प्रस्तुत करेंगे और कार्यालय न्यायालय की बैठक के लिए आवश्यक व्यवस्था करेगा.”
हाई कोर्ट

हमारी स्टोरी की वीडियो देखें…

भाई को फोन करके बताया कुछ लोग उनका पीछा कर रहे (Security)

याचिका के अनुसार, सुनवाई पूरी होने के बाद दोनों अदालत परिसर से चले गए और तब से उन्हें नहीं देखा गया. उसी दिन शाम लगभग 5 बजे शाने अली ने कथित तौर पर अपने भाई को फोन करके बताया कि वह और रश्मि प्रयागराज के पीवीआर सुभाष चौराहे के पास एक ई-रिक्शा में हैं और रश्मि के पिता और कुछ अन्य लोग उनका पीछा कर रहे हैं. इस कॉल के कुछ ही देर बाद शाने अली का फोन बंद हो गया. तब से न तो उसका और न ही रश्मि का कोई पता चल पाया है.

याचिका में आरोप लगाया गया है कि उसी शाम यह घटना अदालत के संज्ञान में लाई गई थी, जिसके बाद सरकारी वकील को प्रयागराज के सिविल लाइंस थाने के प्रभारी को सूचित करने का निर्देश दिया गया था. हालांकि, याचिका में कहा गया है कि परिवार द्वारा थाने जाने के बावजूद कोई प्राथमिकी दर्ज (Security) नहीं की गई और पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की.

याचिका में यह भी बताया गया है कि 15 अक्टूबर की सुनवाई के दौरान रश्मि ने पीठ के समक्ष बयान दिया था कि वह अपनी मर्जी से शाने अली के साथ रह रही है और उससे शादी करना चाहती है. जोड़े ने पहले भी रश्मि के परिवार से मिल रही धमकियों का हवाला देते हुए सुरक्षा (Security) की गुहार लगाई थी.

याचिका के अनुसार, इस साल की शुरुआत में हाई कोर्ट ने रश्मि और शाने अली को दो महीने की सुरक्षा (Security) भी प्रदान की थी. इसके बावजूद पुलिस ने “सुरक्षा (Security) प्रदान नहीं की और शाने अली के परिवार के सदस्यों को परेशान करना जारी रखा.” याचिका में शाने अली के भाई को सितंबर में कथित रूप से अवैध हिरासत में रखने का भी उल्लेख किया गया है, जिसे एक अलग बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका के बाद रिहा किया गया था.

याचिका में दावा किया गया है कि रश्मि और शाने अली दोनों बालिग हैं, सहमति से साथ रह रहे हैं और उनके लापता होने के पीछे रश्मि के परिवार की भूमिका होने की आशंका है. मामले की गंभीरता और मानव स्वतंत्रता के हनन की आशंका को देखते हुए, उच्च न्यायालय ने अब खुद मामले को अपने हाथ में लिया है और विशेष सुनवाई का फैसला किया है.

इसे भी पढ़ें…

One thought on “Security मांगने कोर्ट आयी युवती अवैध रूप से विपक्षियों द्वारा निरूद्ध, 18 को कोर्ट में पेश करने का निर्देश

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *