भरण-पोषण है एक सतत अधिकार, जहां पत्नी का आवास वहां की Court को है क्षेत्राधिकार, कमांडिंग आफिसर 60 दिन में फैसला करें
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अपने महत्वपूर्ण फैसले में कहा है कि पत्नी के भरण-पोषण का अधिकार “सतत अधिकार”है और जहां पत्नी रहती है वहां की Court को भी सुनवाई का अधिकार है. इसलिए याचिका सुनने का इस हाईकोर्ट को भी क्षेत्राधिकार प्राप्त है. कोर्ट ने भारत सरकार के अधिवक्ता द्वारा सुनवाई…
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