Printed Proforma सम्मन आदेश रद, मजिस्ट्रेट को न्यायिक विवेक से आदेश पारित करने का निर्देश
इलाहाबाद हाई कोर्ट ने कहा कई आदेशों के बावजूद प्रोफार्मा आदेश जारी करना दर्दनाक व दुर्भाग्यपूर्ण

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सुप्रीम कोर्ट व हाईकोर्ट के कड़े निर्देशों के बावजूद Printed Proforma में मजिस्ट्रेट द्वारा सम्मन आदेश जारी करने को दर्दनाक व दुर्भाग्यपूर्ण करार दिया है. कहा है कि आपराधिक मामले में Printed Proforma में आदेश जारी करना गंभीर मामला है. Printed Proforma भरकर जारी आदेश से स्पष्ट है कि मजिस्ट्रेट ने न्यायिक विवेक का इस्तेमाल नहीं किया और मकैनिकल आदेश जारी किया है.
कोर्ट ने गौतमबुद्ध नगर के मजिस्ट्रेट के आचरण को निंदनीय बताया और जारी सम्मन आदेश रद कर दिया तथा न्यायिक विवेक का इस्तेमाल कर नये सिरे से सम्मन आदेश जारी करने का निर्देश दिया है. यह आदेश जस्टिस संजय कुमार पचौरी ने पिंकी की याचिका पर दिया है. याचिका पर अधिवक्ता वीके चंदेल व मयंक कृष्ण चंदेल ने बहस की.
याची के खिलाफ थाना बेटा -दो में मारपीट गाली-गलौच करने के आरोप में एफआईआर दर्ज की गई. पुलिस चार्जशीट पर मजिस्ट्रेट ने Printed Proforma भरकर सम्मन आदेश जारी किया. जिसकी वैधता को चुनौती दी गई. कहा गया कि अंकित केस में हाईकोर्ट ने Printed Proforma आदेश को अवैध माना है और कहा है कि आदेश न्यायिक विवेक से पारित करना अनिवार्य है. कोर्ट ने कहा Printed Proforma में खाली स्थान स्टाफ द्वारा भरा गया है और मजिस्ट्रेट ने हस्ताक्षर कर जारी किया है.
आईजी कारागार प्रशासन व सुधार प्रेमचंद मीणा व वरिष्ठ अधीक्षक जिला जेल झांसी विनोद कुमार को अवमानना नोटिस

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने डीजी/आईजीपी कारागार प्रशासन एवं सुधार उ प्र प्रेमचंद मीणा एवं वरिष्ठ जेल अधीक्षक जिला कारागार झांसी विनोद कुमार को अवमानना नोटिस जारी कर एक माह में आदेश का अनुपालन हलफनामा दाखिल करने या कारण बताने कि क्यों न उनके खिलाफ अवमानना कार्यवाही शुरू की जाय. याचिका की अगली सुनवाई 16फरवरी को होगी. यह आदेश जस्टिस दिनेश पाठक ने श्रवण कुमार व अवधेश सिंह की अवमानना याचिकाओं की सुनवाई करते हुए दिया है.
याचिका पर अधिवक्ता धनंजय कुमार मिश्र ने बहस की.इनका कहना है कि हाईकोर्ट ने याचिका स्वीकार करते हुए याचीगण को10जून 90से सेवा नियमित कर सेवा जनित परिलाभ दिये जाने का आदेश दिया था. 2 नवंबर 22 को पारित आदेश की प्रति अनुपालन के लिए दी गई किन्तु कोई कार्रवाई नहीं की गई. जिस पर यह अवमानना याचिका दायर की गई है.
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