MP, MLA के केस मानिटरिंग का पारदर्शी तंत्र सहित पोर्टल तैयार करने का निर्देश, 3 अप्रैल को सुनवाई
सरकार ने कहा अब किसी सांसद विधायक के खिलाफ केस वापसी का मामला मेच्योर नहीं

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने प्रदेश में सांसदों विधायकों (MP, MLA) के खिलाफ विशेष अदालतों में चल रहे आपराधिक केसों के ट्रायल की प्रभावी मानिटरिंग के लिए पारदर्शी तंत्र का उचित पोर्टल तेयार करने के हर कदम उठाने का निर्देश दिया है. कोर्ट ने कहा है कि काफी समय बीत चुका है अब आगे और देरी न की जाय. हाईकोर्ट के अधिवक्ता सुधीर मेहरोत्रा ने इसके लिए समय मांगा जिसपर कोर्ट ने अगली सुनवाई की तिथि 3 अप्रैल नियत की है.
यह आदेश जस्टिस एसडी सिंह और जस्टिस विवेक सरन की बेंच ने एमपीएमएलए (MP, MLA) विशेष अदालतों को लेकर स्वय:कायम जनहित याचिका की सुनवाई करते हुए दिया है. अपर महाधिवक्ता मनीष गोयल और कार्यकारी शासकीय अधिवक्ता पतंजलि मिश्र ने बताया कि अब किसी का केस वापस लेने का मामला नहीं है.
अपर महाधिवक्ता राहुल अग्रवाल ने पुराने लंबित आपराधिक केस ट्रायल की रिपोर्ट पेश की. बताया कि रूप चौधरी केस की मूल पत्रावली पुनरीक्षण याचिका में पारित आदेश के तहत तलब कर ली गई है. तीन साल बीत चुके हैं. सुनवाई रूकी है.
बृजेश सिंह केस में हाईकोर्ट से स्थगनादेश है. याचिका लंबित है. कपिल मुनि करवरिया केस में 31 दिसंबर 2002 से स्थगनादेश है. कोर्ट ने कहा प्रशासनिक स्तर पर हाईकोर्ट ने कहा है कि फोटो कापी रखकर केस की मूल पत्रावली ट्रायल कोर्ट को वापस कर दी जाय. कोर्ट ने हाईकोर्ट के अधिवक्ता से इन केसों के लिस्टिंग की जानकारी उपलब्ध कराने को भी कहा है.
सांसद अफजाल व अन्य परिवारजनों की कुर्क संपत्ति रिलीज करने के मामले में जवाब तलब
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सपा सांसद अफजाल अंसारी उनकी बेटी नुसरत अंसारी, मारिया अंसारी व नूरिया अंसारी और बीवी फरहत अंसारी की गैंगस्टर एक्ट की कार्यवाही में कुर्क संपत्ति को रिलीज करने की मांग में दाखिल याचिका पर राज्य सरकार से जवाब मांगा है. कोर्ट ने जवाब के लिए तीन सप्ताह का समय देते हुए याचिका की अगली सुनवाई 13 अप्रैल को होगी. यह आदेश जस्टिस सीडी सिंह और जस्टिस देवेंद्र सिंह की खंडपीठ ने अफजाल अंसारी की बेटी नुसरत अंसारी व अन्य की याचिका पर उनके अधिवक्ता उपेंद्र उपाध्याय को सुनकर दिया है.
उपाध्याय ने बताया कि मोहम्मदाबाद तहसील के शकूरपुर मौजा स्थित आराजी संख्या 402, 403, 407 व 408 को गैंगस्टर एक्ट में कुर्क किया गया था. याचियों की अर्जी पर सुनवाई के बाद गाजीपुर के विशेष न्यायाधीश एमपी एमएलए (MP, MLA) ने कुर्कशुदा संपत्ति कतिपय शर्तों पर रिलीज करने का आदेश दिया.
MP, MLA Court के आदेश के बाद कुर्क संपत्ति रिलीज करने के लिए डीएम को प्रार्थना पत्र दिया गया
कहा कि विशेष अदालत (MP, MLA) के आदेश के बाद कुर्क संपत्ति रिलीज करने के लिए डीएम को प्रार्थना पत्र दिया गया लेकिन जिलाधिकारी गाजीपुर ने गत 12 जनवरी के प्रार्थना पत्र पर अब तक कोई आदेश नहीं किया है. सरकारी वकील रूपक चौबे ने कोर्ट को बताया कि इसी आदेश के खिलाफ आपराधिक अपील लंबित है, जिसकी सुनवाई के लिए 10 अप्रैल की तारीख लगी है. साथ ही उन्होंने याचिका पर जवाब दाखिल करने के लिए समय मांगा. कोर्ट ने इसे स्वीकार करते हुए तीन हफ्ते में जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है.