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Accident में मौत पर चालक दोषी, 2 साल की सजा, अर्थ दण्ड भी लगा

Accident में मौत पर चालक दोषी, 2 साल की सजा, अर्थ दण्ड भी लगा

मेजा ग्राम न्यायालय ने एक महत्वपूर्ण फैसले में Accident में मौत के मामले में अभियुक्त को दोषी करार देते हुए दो वर्ष की सजा सुनायी है. कोर्ट ने अलग अलग धाराओं में सजा सुनाते हुए अर्थदण्ड भी लगाया है. कोर्ट ने कहा है कि अर्थदण्ड का भुगतान न करने पर उसे अतिरिक्त कारावास की सजा भुगतनी होगी.

प्रकरण 2018 का है. इस संबंध में रिपोर्ट मेजा थाना क्षेत्र के मोहरिया औता निवासी रामेश्वर प्रसाद तिवारी ने दर्ज करायी थी. उनका कहना था कि 24 नवंबर 2018 को दोपहर करीब साढ़े तीन बजे उनके भाई मुनेश्वर प्रसाद तिवारी (48 वर्ष) औता पानी टंकी चौराहे पर खड़े थे. इसी दौरान डिघिया की ओर से आ रहे तेज रफ्तार और ओवरलोड डंपर ने उन्हें टक्कर (Accident) मार दी.

इस घटना (Accident) में मुनेश्वर प्रसाद तिवारी की घटनास्थल पर ही दर्दनाक मौत हो गई. Accident के बाद मौके पर स्थानीय लोगों की भीड़ जुट गयी और उन्होंने वाहन खड़ा कराकर चालक को पकड़ लिया. चालक की पहचान प्रदीप कुमार मिश्रा निवासी नेवढ़िया थाना मेजा के रूप में हुई. पुलिस ने रामेश्वर प्रसाद तिवारी की तहरीर के आधार पर घटना की रिपोर्ट दर्ज की और छानबीन शुरू हर दी.

घटना (Accident) की विवेचना पूरी होने के बाद मेजा पुलिस ने 16 फरवरी 2019 को न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया. पुलिस की तरफ से घटना की पु​ष्टि करने वाले छह गवाह पेश किये गये थे. ग्राम न्यायालय में दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद कोर्ट ने माना कि अभियुक्त ने लापरवाहीपूर्वक वाहन चलाते हुए मुनेश्वर प्रसाद तिवारी को टक्कर (Accident) मारी, जिससे उनकी मृत्यु हुई.

  • न्यायालय का फैसला, धाराएं और सजा
  • मेजा ग्राम न्यायालय के न्यायिक मजिस्ट्रेट रूपांशु आर्य (उत्तर प्रदेश न्यायिक सेवा) ने आदेश पारित करते हुए अभियुक्त प्रदीप कुमार मिश्रा को भारतीय दंड संहिता की धारा 279, 304ए दोष सिद्ध पाया. कोर्ट ने उन्हें दोनों धाराओं में अलग अलग दण्ड सुनाया.
  • धारा 279 आईपीसी में छह माह का साधारण कारावास और ₹1000 का अर्थदण्ड. अर्थदण्ड न अदा करने पर 15 दिन की अतिरिक्त कैद.
  • धारा 304 ए आईपीसी में दो वर्ष का साधारण कारावास और ₹5000 का जुर्माना. अर्थदण्ड का भुगतान न करने पर 120 दिन की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी.
  • मृतक के परिजनों को ₹25,000 क्षतिपूर्ति 30 दिन के भीतर अदा करनी होगी.

हमारी स्टोरी की वीडियो देखें…

Accident में आरोपित महेन्द्र पटेल कोर्ट से बरी

मेजा थाना क्षेत्र के बहुचर्चित सड़क दुर्घटना  (Accident) प्रकरण (मु.अ.सं. 389/2017) में स्थानीय न्यायालय ने अहम फैसला सुनाते हुए अभियुक्त महेन्द्र पटेल को दोषमुक्त कर दिया है. मामला वर्ष 2017 का है, जब 29 जून को शाहपुर कला निवासी 12 वर्षीय चंद्रमा प्रसाद और उसका भांजा अजय (16) घर लौटते समय तेज व लापरवाह गति से आ रहे एक ट्रैक्टर की चपेट में आ गए थे.

हादसे  (Accident) में चंद्रमा प्रसाद की मौके पर ही मौत हो गई थी. अजय गंभीर रूप से घायल हो गया था और उसका इलाज शहर के निजी अस्पताल में चला. घटनास्थल पर मौजूद प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार जिस ट्रैक्टर से दुर्घटना  (Accident) घटी, वह अभियुक्त महेन्द्र पटेल की पत्नी के नाम पर पंजीकृत था, किंतु घटना के समय ट्रैक्टर चलाने वाला व्यक्ति दीवान नामक चालक था.

अभियोजन द्वारा प्रस्तुत साक्ष्यों और चार गवाहों के बयानों के आधार पर न्यायालय ने पाया कि घटना  (Accident) के लिए सीधे तौर पर अभियुक्त महेन्द्र पटेल को जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता. अतः न्यायिक मजिस्ट्रेट रूपांशु आर्य (उ.प्र. न्यायिक सेवा) ने आदेश पारित करते हुए महेन्द्र पटेल को भारतीय दंड संहिता की धारा 279, 338 एवं 304ए के आरोपों से दोषमुक्त कर दिया.

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