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एपीओ भर्ती में disabled श्रेणी के वर्गीकरण पर आयोग से जवाब तलब, सुनवाई 19 नवंबर को

एपीओ भर्ती में disabled श्रेणी के वर्गीकरण पर आयोग से जवाब तलब, सुनवाई 19 नवंबर को

disabled श्रेणी के वर्गीकरण पर इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सहायक अभियोजन अधिकारी (एपीओ) भर्ती के लिए उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग के विज्ञापन की वैधता की चुनौती याचिका पर राज्य सरकार और आयोग से जवाब मांगा है और याचिका की अगली सुनवाई की तिथि  19 नवंबर  नियत की है.  कोर्ट ने यह भी कहा कि आयोग व राज्य सरकार चयनित अभ्यर्थियों को इस याचिका के लंबित होने के बारे में सूचित भी करेंगे.

यह आदेश जस्टिस विकास बुधवार ने दिया है. याचिका में दिव्यांग (disabled)  श्रेणी के वर्गीकरण को चुनौती दी गई है. कहा गया है कि इसमें पैर से दिव्यांग (लोकोमोटर disabled) वर्ग के अभ्यर्थियों को कोई रियायत नहीं दी गई है. आयोग ने ऐसा कर ऐसे दिव्यांग (disabled)  वर्ग के अभ्यर्थियों के साथ न्याय नहीं किया है. याचिका पर सोमवार को सुनवाई होने की संभावना है.

पैर से दिव्यांग (disabled)  बलिया के प्रवीन कुमार सोनी ने दाखिल की याचिका

पैर से दिव्यांग (disabled)  बलिया के प्रवीन कुमार सोनी ने याचिका दाखिल कर कहा है कि उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग ने गत 16 सितंबर को प्रदेश के जिला न्यायालयों में सहायक अभियोजन अधिकारियों की भर्ती के लिए आवेदन मांगे हैं. भर्ती कुल 182 पदों पर होनी है. इस भर्ती में दिव्यांग (disabled)  श्रेणी के लिए सात पद सुरक्षित हैं.

याची ने आवेदन करना चाहा तो उनका आवेदन स्वीकार नहीं हुआ जबकि दिव्यांग (disabled)  श्रेणी के दूसरी कटेगरी के अभ्यर्थी आवेदन कर रहे हैं. आयोग के अधिकारियों से इस संबंध में पूछने पर कहा गया कि याची दिव्यांग (disabled)  श्रेणी में आवेदन नहीं कर सकता. वह पिछड़ा वर्ग में आवेदन का लाभ ले सकता है. बताया गया कि शासन ने पैर से दिव्यांग (disabled)  श्रेणी के अभ्यर्थियों को छूट देने से मनाही कर रखी है. याची ने याचिका में कहा है कि यह आयोग का सौतेला व्यवहार है.

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आंसर Key पर आपत्ति स्वीकार करने पर यूपीएसएससी से मांगा जवाब

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अधीनस्थ सेवा चयन आयोग की जूनियर क्लर्क, जूनियर असिस्टेंट आदि पदों की मुख्य परीक्षा की अंतिम उत्तर कुंजी (Key) को चुनौती देने वाली याचिका पर आयोग से जवाब है. यह आदेश जस्टिस विकास बुधवार ने राधा पाल व 48 अन्य की याचिका पर अधिवक्ता प्रशांत मिश्र को सुनकर दिया है. याचिका में कहा गया कि 3831 पदों के लिए मुख्य परीक्षा गत 26 जून को आयोजित की गई. इसके तुरंत बाद आरंभिक उत्तर कुंजी (Key) जारी की गई, जिस पर अभ्यर्थियों से आपत्तियां मांगी गई.

याचियों ने बुकलेट सीरीज डी जी 3 के प्रश्न संख्या 26, 79 व 84 पर आपत्ति दाखिल की. इन प्रश्नों के उत्तर में दिए गए दो दो विकल्प सही बताए गए लेकिन आयोग ने गत 30 अगस्त को जारी अंतिम उत्तर कुंजी (Key) में याचियों की आपत्ति स्वीकार नहीं की. इससे उनके अंक कम हो गए हैं. कोर्ट ने आयोग के अधिवक्ता से इस मामले में 19 नवंबर तक जवाब दाखिल करने को कहा है.

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