22 साल पुराने सड़क हादसे में आरोपित acquitted

मेजा ग्राम न्यायालय प्रयागराज ने 22 वर्ष पुराने सड़क हादसे में आरोपी संतोष तिवारी को सभी आरोपों से बृहस्पतिवार को acquitted कर दिया. न्यायिक मजिस्ट्रेट रूपांशु आर्य की अदालत ने कहा कि पुलिस और अभियोजन पक्ष आरोपी की लापरवाही साबित करने के लिए कोई ठोस, प्रत्यक्ष व भरोसेमंद साक्ष्य प्रस्तुत नहीं कर सके.
घटना 9 अप्रैल 2003 की सुबह करीब 7 बजे की है. मांडा थाना क्षेत्र के ग्राम बिदौली निवासी अमजद अली अपने स्कूटर से सिकरा–बकुलिया की ओर जा रहे थे तभी मेजा की दिशा से आ रही एक कमांडर जीप ने सिकरा चौराहे पर उनके स्कूटर में टक्कर मार दी. हादसे में गंभीर रूप से घायल अमजद अली को तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मांडा ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया.
मांडा पुलिस ने जीप चालक के रूप में टडहड निवासी संतोष तिवारी को नामजद करते हुए उनके खिलाफ धारा 279, 304ए और 427 के तहत मुकदमा दर्ज किया था. उल्लेखनीय है कि हादसे के बाद स्वयं संतोष तिवारी ने ही घायल को अपनी जीप से अस्पताल पहुंचाया और शव को थाने भी लेकर आए थे.
अभियोजन अधिकारी विवेक श्रीवास्तव ने कुल छह गवाहों को पेश किया, लेकिन किसी ने भी दुर्घटना को अपनी आंखों से देखने की बात नहीं स्वीकारी. मृतक के बेटे और वादी मुकदमा दावर अली ने भी अदालत में कहा कि वे घटना स्थल पर मौजूद नहीं थे और न ही उन्हें वाहन संख्या या चालक की पहचान के बारे में कोई स्पष्ट जानकारी है. अन्य गवाहों ने भी सिर्फ सुनी-सुनाई बातों के आधार पर बयान दिए.
अदालत ने आदेश में कहा कि न तो कोई प्रत्यक्षदर्शी गवाह है और न ही ऐसा प्रमाण कि दुर्घटना संतोष तिवारी की लापरवाही से हुई थी. उपलब्ध साक्ष्य संदेह से परे दोष सिद्ध नहीं कर पाए. इसलिए आरोपी को संदेह का लाभ देते हुए दोषमुक्त (acquitted) किया जाता है.