संभल के DIOS पर लगाया एक लाख Compensation, इलाहाबाद हाई कोर्ट ने दिया नये सिरे से आदेश पारित करने का निर्देश

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने मनमाना आदेश पारित कर याची को हाईकोर्ट आने को मजबूर करने पर जिला विद्यालय निरीक्षक संभल पर एक लाख रुपए का Compensation (हर्जाना) लगाया है.और उनका आदेश रद करते हुए 19 जनवरी 26 के इस कोर्ट के आदेश के अनुसार नये सिरे से आदेश पारित करने का निर्देश दिया है. कोर्ट ने कहा है कि निरीक्षक अपने वेतन से Compensation (हर्जाने) का भुगतान एक हफ्ते में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण संभल में जमा करेंगे.
यह आदेश जस्टिस सौरभ श्याम शमशेरी ने राजकीय कन्या इंटर कालेज की प्रबंध समिति की याचिका को निस्तारित करते हुए दिया है. इससे पहले कोर्ट ने निरीक्षक का आदेश रद करते हुए नये सिरे से आदेश पारित करने का निर्देश दिया था. कहा था कि तय करें कि स्व वित्त पोषित योजना के अध्यापकों की नियुक्ति नियमानुसार की गई थी या नहीं और चयनित को तदर्थ प्रधानाचार्य का काम देखने की अनुमति दी थी. 19 जनवरी 26 को पारित हाईकोर्ट के आदेश को निरीक्षक ने कहा कि कोर्ट को गुमराह करके आदेश लिया गया है. आदेश की वजह नहीं बताई गई है अस्वीकार कर दिया तो फिर चुनौती दी गई थी.
बिना सदाशयता व खुलासे के दाखिल याचिका एक लाख रुपए Compensation के साथ खारिज
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने आउटसोर्सिंग पर बिजली विभाग में कार्यरत लाइनमैन की सेवा समाप्ति के खिलाफ याचिका एक लाख रुपए Compensation (हर्जाने) के साथ खारिज कर दी है. कोर्ट ने कहा कि याची ने सदाशयता के साथ याचिका दायर नहीं की थी. उसने अपनी नियुक्ति की प्रकृति का खुलासा किये बगैर सेवा समाप्ति को चुनौती दी. कोर्ट ने याची को Compensation राशि हाईकोर्ट विधिक सेवा समिति के बैंक खाते में जमा करने का निर्देश दिया है. यह आदेश जस्टिस सौरभ श्याम शमशेरी की बेंच ने कोंच, जालौन के शिवराज सिंह की याचिका पर दिया है.
याचिका पर बिजली विभाग के अधिवक्ता बालेश्वर चतुर्वेदी ने प्रतिवाद किया. याची की नियुक्ति 5 जनवरी 15 को दैनिक वेतनभोगी लाइनमैन के रूप में कोंच में की गई. जूनियर इंजीनियर उससे कंप्यूटर आपरेटर का काम भी लेते थे. वह आईटीआई इलेक्ट्रिकल था. 3 अप्रैल 25 को उसकी सेवा समाप्त कर दूसरे व्यक्ति को रख लिया गया. जबकि वह प्रशिक्षित नहीं है. सेवा समाप्ति के खिलाफ याची ने अधिशासी अभियंता उरई को प्रत्यावेदन दिया. एसडीओ विद्युत वितरण कोंच को याची के मामले में निर्णय लेने को कहा गया. किंतु कोई कार्रवाई न किए जाने पर यह याचिका दायर की गई थी.
मथुरा होली गेट सड़क अतिक्रमण हटाने पर नगर आयुक्त को आठ हफ्ते में निर्णय लेने का निर्देश
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने मथुरा में होली गेट से द्वारिकाधीश मंदिर की सड़क से अतिक्रमण, फुटपाथ पर अवैध कब्जा हटाने व सड़क चौड़ीकरण की मांग में दाखिल याचिका पर नगर आयुक्त को याची के 22 नवंबर 24 के प्रत्यावेदन पर आठ हफ्ते में निर्णय लेने का निर्देश दिया है. यह आदेश जस्टिस नीरज तिवारी और जस्टिस सुधांशु चौहान की खंडपीठ ने चूना कंकड़ गली, मथुरा निवासी प्रकाश चन्द्र अग्रवाल की याचिका को निस्तारित करते हुए दिया है. याची का यह भी कहना था कि सड़क के बीच डिवाइडर बनाकर स्ट्रीट लाइट भी लगाई जाय. फुटपाथ पर अवैध कब्जे से बढ़ रही भीड़भाड़ से मुक्ति दिलाई जाय.
सरोजनी नायडू मार्ग पर अर्बन बाजार मामले में नगर निगम से कोर्ट ने मांगा जवाब
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सरोजनी नायडू मार्ग प्रयागराज पर अर्बन बाजार के लिए जारी टेंडर के खिलाफ दाखिल याचिका पर नगर निगम से जवाब मांगा है. निगम की तरफ से कहा गया कि एरिया पहले से वेंडिंग जोन घोषित है.अर्बन बाजार चल रहा है. वह टेंडर के औचित्य का जवाब दाखिल करेंगे. जिसके लिए समय मांगा. याचिका की अगली सुनवाई 21 मई को होगी.
यह आदेश चीफ जस्टिस अरुण भंसाली और जस्टिस क्षितिज शैलेन्द्र की खंडपीठ ने अधिवक्ता सुनीता शर्मा की जनहित याचिका की सुनवाई करते हुए दिया है. याचिका पर अधिवक्ता विजय चंद्र श्रीवास्तव,व राज्य सरकार की तरफ से अपर मुख्य स्थाई अधिवक्ता रामानंद पांडेय व अधिवक्ता विभु राय ने पक्ष रखा. याची का कहना है कि इस मार्ग पर राजस्व परिषद, शिक्षा निदेशालय, पुलिस मुख्यालय, शिक्षा बोर्ड कार्यालय स्थित है. जहां पहले से भीड़ रहती है. अर्बन बाजार बनने से कार्यालय में काम करना मुश्किल हो जायेगा. इसलिए इसपर रोक लगाई जाए.