+91-9839333301

legalbulletin@legalbulletin.in

| Register

बेटे के इलाज के नाम पर मां का Rape करने वाले तांत्रिक को राहत से इंकार, HC ने कहा, आरोप पत्र और केस कार्यवाही रद्द नहीं कर सकते

बेटे के इलाज के नाम पर मां का Rape करने वाले तांत्रिक को राहत से इंकार, HC ने कहा, आरोप पत्र और केस कार्यवाही रद्द नहीं कर सकते

यह प्रकरण भदोही जिले से जुड़ा हुआ है. वर्तमान आवेदन धारा 528 BNSS के तहत, केस संख्या 68572/2024 (राज्य बनाम रोहित उपाध्याय) की कार्यवाही को रद्द करने की मांग के साथ दाखिल किया गया था. यह मामला केस क्राइम संख्या 17/2024 से उत्पन्न हुआ, जिसमें धारा 506, 376 (Rape), 384 आईपीसी के तहत, थाना कोइरौना, जिला भदोही में मुकदमा दर्ज है. वर्तमान समय में यह केस ट्रायल कोर्ट में विचाराधीन है.

पीड़िता एक विवाहित महिला है. उसने 16 पफरवरी 2022 की घटना के संबंध में 16 फरवरी 2024 को प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज कराई. पीड़िता ने आरोप लगाया है कि अभियुक्त/आवेदक जो खुद को एक तांत्रिक (ओझा) बताता था, ने उसके साथ बार-बार Rape किया. कथित ओझा ने दो वर्षीय बेटे के इलाज के बहाने पीड़िता को रात नौ बजे अपने घर बुलाया और उसे ‘प्रसाद’ के रूप में लड्डू दिया.

ब्लैकमेल किया गया और कई बार शारीरिक संबंध (Rape) बनाये गये

‘प्रसाद’ खाने के बाद पीड़िता बेहोश हो गई. होश आया तो उसके कपड़े अस्त-व्यस्त (खुले हुए) थे. उसने अभियुक्त से उसके इस कृत्य के बारे में शिकायत की, जिस पर अभियुक्त ने कथित तौर पर यह धमकी दी कि उसने पीड़िता के आपत्तिजनक वीडियो और तस्वीरें रिकॉर्ड कर ली हैं. धारा 161 और 164 के तहत दिए गए अपने बयान में पीड़िता ने कहा कि वीडियो और फोटोग्राफ वायरल कर देने का डर दिखाकर उसे ब्लैकमेल किया गया और कई बार शारीरिक संबंध (Rape) बनाये गये.

इसे भी पढ़ें….2005 की रेडियो आपरेटर भर्ती में कट आफ से अधिक अंक पाने वाले Candidates को नियुक्ति का अवसर दिया जाना चाहिए

आवेदक के अधिवक्ता ने कहा कि पीड़िता द्वारा अभियुक्त के विरुद्ध झूठा और मनगढ़ंत मुकदमा दर्ज कराया गया है. अभियुक्त पीड़िता के मायके में उसका पड़ोसी है. दोनों परिवारों के बीच आपसी रंजिश है जिसके परिणामस्वरूप यह एफआईआर दर्ज कराई गई है.

यह भी कहा कि शुरू में उसने केवल अपनी मर्यादा भंग किए जाने का आरोप लगाया था, जिसे बाद में बदलकर पीड़िता के साथ बलात्कार (Rape) किए जाने का आरोप बना दिया गया. आरोपी द्वारा कभी भी कोई अश्लील वीडियो या तस्वीरें रिकॉर्ड नहीं की गईं. यह भी कहा गया है कि आरोपी और पीड़िता के बीच प्रेम-संबंध थे. उनके बीच यौन संबंध (Rape) आपसी सहमति से बने थे.

इसे भी पढ़ें….अनुच्छेद 25 प्रत्येक धर्म और आस्था को मानने उसका आचरण करने और प्रचार करने का अधिकार देता है

एजीए और शिकायतकर्ता के वकील ने आवेदन का विरोध करते हुए कहा कि आरोपी एक तांत्रिक है, जिसने स्थिति का गलत फायदा उठाया. उसने पीड़ित के बच्चे का इलाज करने के बहाने झाड़-फूंक की आड़ में पीड़ित के साथ बलात्कार (Rape)  किया. वह कुछ अश्लील वीडियो और तस्वीरें वायरल कर चुका है जो अब मुकदमे का विषय बन गई हैं.

यह भी कहा गया है कि पीड़ित अपने पति के साथ रहने के लिए ओडिशा गई थी. आरोपी ने उसका पीछा किया और उसे ब्लैकमेल करके उससे यौन संबंध (Rape) बनाने की मांग की. इसी के चलते एफआईआर दर्ज कराई गई.

दहेज उत्पीड़न व खुदकुशी मामले में आरोपी शौहर की सशर्त जमानत मंजूर

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने दहेज प्रताड़ना से आजिज खुदकुशी करने को मजबूर करने के आरोपी शौहर की सशर्त जमानत मंजूर कर ली है. वह 21 जुलाई 25 से जेल में बंद था. यह आदेश जस्टिस समीर जैन ने परवेज अहमद की जमानत अर्जी को स्वीकार करते हुए दिया है.

अर्जी पर अधिवक्ता मयंक कृष्ण सिंह चंदेल का कहना था कि उसकी बीबी ने शादी के एक साल के भीतर गर्भ से होने के बावजूद जहर खाकर खुदकुशी कर ली. जिसकी पुष्टि बिसरा रिपोर्ट में की गई है. मृतका के पक्षद्रोही पिता व परिवार के लोगों ने भी अपने बयान में अभियोजन का समर्थन नहीं किया है. याची का आपराधिक इतिहास नहीं है.

दहेज उत्पीड़न का आरोप निराधार व झूठा है. कोर्ट ने कहा जब तक अभियुक्त दोषी न साबित हो जाय वह निर्दोष माना जाता है. जमानत का दंड या निरोधात्मक कार्रवाई के लिए इस्तेमाल नहीं किया जा सकता और जमानत अर्जी मंजूर कर ली.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *