संदेह कितना भी प्रबल क्यों न हो वह प्रमाण का स्थान नहीं ले सकता, 1987 में Murder के आरोपित की आजीवन कारावास की सजा रद
फर्रुखाबाद में हुई थी घटना, हाई कोर्ट ने कहा, जब तीन के खिलाफ समान साक्ष्य थे और दो को बरी कर दिया गया तो केवल एक आरोपी को दोषी ठहराना न्यायसंगत नहीं इलाहाबाद हाईकोर्ट ने फर्रुखाबाद के वर्ष 1987 के बहुचर्चित Murder मामले में आरोपी खुन्नी लाल की आजीवन कारावास…
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