Cr PC की धारा 321 के तहत Prosecution वापस लेना तभी मंजूर, जब पब्लिक प्रॉसिक्यूटर स्वतंत्र रूप से और नेक नीयत से काम करे
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा है कि किसी खास मामले में राज्य सरकार द्वारा Prosecution वापस लेने की मंशा जाहिर करना न तो कोर्ट को बाध्य करता है, न ही पब्लिक प्रॉसिक्यूटर को. ऐसा न न्यायपालिका द्वारा स्वतंत्र जांच की कानूनी जरूरत को कम करता है. धोखाधड़ी और एससी-एसटी एक्ट के…
[…] […]
[…] इसे भी पढ़ें…अनुच्छेद 25 प्रत्येक धर्म… […]
[…] […]
[…] […]
[…] […]