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प्रमुख सचिव गृह व डीजीपी को निर्देश, पुलिस प्रशिक्षण का Mechanism बनाये ताकि कानून का न करें हनन

एसएसपी बरेली को निर्देश पुलिस के खिलाफ करें कार्रवाई, अधिकारियों से कोर्ट ने मांगी रिपोर्ट

प्रमुख सचिव गृह व डीजीपी को निर्देश, पुलिस प्रशिक्षण का Mechanism बनाये ताकि कानून का न करें हनन

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने प्रमुख सचिव गृह व डीजीपी को निर्देश, पुलिस प्रशिक्षण का Mechanism बनाये ताकि सभी पुलिस अफसर कानून का पालन करें और उसका हनन करने से बचें. झूठा वायदा कर सेक्स संबंध बनाने के बाद शादी से इंकार मामले में बरेली की सीबीगंज थाना पुलिस द्वारा एफआईआर दर्ज न करने व लचर विवेचना करने को गंभीरता से लिया है और एस एस पी बरेली को पुलिस कर्मियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई कर रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया है.

साथ ही प्रदेश के डीजीपी और प्रमुख सचिव गृह को निर्देश दिया है कि ऐसा Mechanism विकसित करें जिससे थाना पुलिस को कानून की बेहतर  जानकारी दिलाई जाय और लापरवाह पुलिस के खिलाफ उचित कदम उठाए. याचिका की अगली सुनवाई 27 अप्रैल को होगी. यह आदेश जस्टिस तेज प्रताप तिवारी ने शिवम सिंह की याचिका की सुनवाई करते हुए दिया है.

याची ने अपने खिलाफ न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में गाली-गलौज व दहेज उत्पीड़न केस कार्यवाही रद करने की मांग की थी. कोर्ट ने कहा पीड़िता के कथन से अपराध का खुलासा होता था किन्तु दर्ज एफआईआर भिन्न है. याची का दावा था कि दर्ज एफआईआर से किसी अपराध का खुलासा नहीं होता. इसके खिलाफ झूठा केस चलाया जा रहा है. पीड़िता का आरोप है कि शादी का झूठा वायदा किया और शारीरिक संबंध बनाये शादी से इंकार कर दिया फिर सरकारी नौकरी का लालच देकर संबंध बनाता रहा.

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एक स्टैम्प पर 3 जून 23 को शादी भी की किंतु वह पत्रावली पर नहीं है. कोर्ट ने पीड़िता को भी अगली तिथि पर हाजिर होने को कहा है. कोर्ट ने पुलिस के रवैए की तीखी आलोचना की है. कहा दुष्कर्म का आरोप है किन्तु एफआईआर में जिक्र नहीं. पुलिस कार्रवाई पर संदेह खड़ा करती है. पुलिस ने लापरवाही से कानून के खिलाफ काम किया. अपराध की सही विवेचना नहीं की. कोर्ट ने न्यायहित में डीजीपी, प्रमुख सचिव गृह व एसएसपी बरेली को निर्देश जारी किए हैं.

पत्नी की मौत पर हाईकोर्ट अधिवक्ता को एसबीआई ने दिया चेक

भारतीय स्टेट बैंक की हाईकोर्ट शाखा पर मुख्य शाखा प्रबंधक ने इलाहाबाद हाईकोर्ट के अधिवक्ता को उसकी पत्नी की मृत्यु हो जाने पर प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना अंतर्गत दो लाख रुपए का चेक दिया. एसबीआई के मुख्य शाखा प्रबन्धक अंकुर चौरसिया के नेतृत्व में राजेश निषाद अधिवक्ता उच्च न्यायालय इलाहाबाद को उनकी पत्नी के देहावसान होने पर स्वदेश श्रीवास्तव क्षेत्रीय प्रबंधक प्रथम भारतीय स्टेट बैंक के द्वारा रूपये 200000 का चेक प्रदान किया.

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अधिवक्ता राजेश निषाद की पत्नी संगीता निषाद ने प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा के तहत छोटी सी राशि रुपए 436 का बीमा कराई थी. उनकी मृत्यु होने पर इस बीमा के तहत बैंक के द्वारा उनकी बीमा के अनुसार दो लाख की राशि प्रदान की गई. इस मौके पर बैंक कर्मचारी मनोज कुमार सिंह, शिवम जी, संतोष चौधरी, श्याम सुन्दर, सुशील, अमित, तिलक राज व अधिवक्ता जय नारायण, अरविंद, मनोज सिंह, मनोज कुमार सिंह, राजेश्वर सिंह, मनोज श्रीवास्तव, राजेश सिंह, जितेंद्र सिंह जादौन, राजेंद्र, कर्मेंद्र एवं अन्य अधिवक्ता उपस्थित रहे.

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