जेल में 3 के Murder के आरोपियों की उम्र कैद की सजा रद

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने गाजीपुर जिला जेल में जून 2010 में तीन विचाराधीन कैदियों की जहरीला पदार्थ खाने से हुई मौत (Murder) के मामले में आरोपी राम सिंह उर्फ राम सिंघा उर्फ राम सिंघवा और सुरेंद्र यादव को संदेह का लाभ देते हुए उम्रकैद की सजा रद कर दी है. यह आदेश जस्टिस सौमित्र दयाल सिंह और जस्टिस तेज प्रताप तिवारी की बेंच ने दिया है.
राम वचन यादव, वसीम अहमद व गुड्डू की कथित रूप से जहरीला पदार्थ मिला शीतल पेय ‘जेल में 3 के Murder के आरोपियों की उम्र कैद की सजा रद. जेल में बंद अपीलकर्ताओं को आरोपी बनाया गया. वर्ष 2016 में निचली अदालत ने दोनों आरोपियों को हत्या (Murder) के अपराध में दोषी ठहराते हुए उम्रकैद और जुर्माने की सजा सुनाई थी. इसे हाईकोर्ट में चुनौती दी गई थी.
हाईकोर्ट में बचाव पक्ष ने देरी से दर्ज एफआईआर, विरोधाभासी गवाहियों और संदिग्ध बरामदगी का हवाला देते हुए आरोपों की विश्वसनीयता पर सवाल उठाए. न्यायालय ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने और साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद पाया कि अभियोजन पक्ष आरोप (Murder) सिद्ध करने में विफल रहा. इस आधार पर अदालत ने अपील स्वीकार करते हुए दोषसिद्धि को रद्द कर दिया और दोनों अभियुक्तों को संदेह का लाभ देते हुए रिहा करने का आदेश दिया.