ट्रायल कोर्ट का 19 अगस्त का आदेश रद, नाबालिग से दुष्कर्म मामले में Age document पर साक्ष्य के लिए स्कूल प्रिंसिपल को बुलाने का निर्देश
सम्मन जारी करने से इंकार करने का विशेष अदालत का आदेश रद्द

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अपर सत्र /विशेष न्यायाधीश पाक्सो प्रयागराज को निर्देश दिया है कि वे Age document पर साक्ष्य के लिए आरडी मेमोरियल पब्लिक स्कूल भुलई का पूरा, बाबूगंज के प्रधानाचार्य मनोज कुमार पाण्डेय को बतौर गवाह सम्मन जारी कर साक्ष्य दर्ज करें. विशेष लोक अभियोजक की अर्जी पर प्रधानाचार्य को बुलाया गया था, उन्हें दस्तावेज दिखा दिए गये, जिसे गवाह द्वारा साबित करना था, केवल मौखिक इंकार कर दिया कि यह उनके स्कूल का नहीं है.
बिना गवाह का साक्ष्य दर्ज किए पीड़िता की Age संबंधी दस्तावेज, नकार दिया गया और अभियोजन गवाह को पक्षद्रोही भी घोषित नहीं कराया गया और न ही सवाल पूछे गए. जिस पर कोर्ट ने ट्रायल कोर्ट का 19 अगस्त 25 का आदेश रद कर दिया और गवाह को बुलाकर साक्ष्य दर्ज करने का निर्देश दिया है. यह आदेश जस्टिस अवनीश सक्सेना की सिंगल बेंच ने गुलाब भारतीय की याचिका पर अधिवक्ता कुंजेश कुमार दूबे को सुनकर दिया है.
अर्जी देकर पीड़िता की Age document के सत्यापन के लिए प्रधानाचार्य को बुलाने का अनुरोध किया था
इनका कहना था कि थाना फूलपुर में दिलीप कुमार भारतीय के खिलाफ नाबालिग से दुष्कर्म के आरोप में एफआईआर दर्ज की गई. पुलिस ने विवेचना के बाद चार्जशीट दाखिल कर दी. इसके बाद स्पेशल कोर्ट में इसकी सुनवाई शुरू हुई. विशेष लोक अभियोजक ने धारा 311 की अर्जी देकर पीड़िता की आयु (Age) दस्तावेज के सत्यापन के लिए प्रधानाचार्य को बुलाने का अनुरोध किया था ताकि साक्ष्य दर्ज किया जा सके.
इस अर्जी को अदालत ने 19 अगस्त 25 के आदेश से निरस्त कर दिया. प्रधानाचार्य ने पुलिस को दिये अपने बयान को कोर्ट के सामने इंकार कर दिया कि अंकपत्र उनके स्कूल से जारी किया गया था. गवाह का परीक्षण भी नहीं किया गया. जिससे अभियोजन दस्तावेज संदेहास्पद हो गया. जिसे साबित किया जाना जरूरी था. यह निर्धारित मानदंडों के खिलाफ है.
2 thoughts on “ट्रायल कोर्ट का 19 अगस्त का आदेश रद, नाबालिग से दुष्कर्म मामले में Age document पर साक्ष्य के लिए स्कूल प्रिंसिपल को बुलाने का निर्देश”