लोकोपयोगी जमीन से 90 दिन में Encroachment हटवाएं तहसीलदार
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने तहसीलदार बारा, प्रयागराज को ग्राम पंचायत सुरवल सहनी की नवीन पर्ती व बंजर जमीन से विपक्षियों द्वारा किए गए अतिक्रमण (Encroachment) 90 दिन में हटाने की कार्यवाही पूरी करने का निर्देश दिया है. कोर्ट ने कहा है कि अतिक्रमणकर्ताओं (Encroachment) को धारा 67 राजस्व संहिता की कार्यवाही में सुनवाई का मौका देकर अंतिम आदेश पारित करें और केवल आदेश ही न दे अतिक्रमण (Encroachment) हटाकर गांव सभा का कब्जा बहाल करे.

कोर्ट ने कहा जारी नोटिस में अतिक्रमण हटाने की क्षतिपूर्ति की शर्त रखी जाय, कार्रवाई पर अतिक्रमण करने वालों से क्षतिपूर्ति वसूली जाय. यह आदेश जस्टिस पीके गिरी ने मुन्नी लाल व दो अन्य की जनहित याचिका को निस्तारित करते हुए दिया है. याचिका पर अधिवक्ता अभिषेक यादव व आर एन यादव ने बहस की.
इनका कहना था कि गांव के पांच विपक्षियों ने गांव सभा की लोकोपयोगी नवीन पत्ती व बंजर भूमि पर अवैध कब्जा किया हुआ है. तहसीलदार ने अतिक्रमण हटाने का आदेश भी जारी किया है किन्तु कोई ऐक्शन नहीं लिया गया.भूमि प्रबंधक समिति के अध्यक्ष ग्राम प्रधान व सचिव लेखपाल भी अपनी जमीन खाली नहीं करा रहे है.जिसे खाली कराया जाय. कोर्ट ने कहा धारा 67 की कार्यवाही की जाय.
ग्राम प्रधान अतिक्रमण की सूचना तहसीलदार को दें और तहसीलदार 90 दिन में अंतिम आदेश जारी कर कार्रवाई करें. कोर्ट ने कहा विपक्षियों को कलेक्टर के समक्ष अपील का मौका दिया जाय.यदि उन्हें अपील में अंतरिम राहत नहीं मिलती तो केवल अपील लंबित रहने के कारण अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई न रोकी जाय.