Civil cases को क्रिमिनल केस की तरह ट्रीट नहीं कर सकते, इलाहाबाद हाई कोर्ट ने खारिज की याचिका
बिजनेस जगत में Civil cases को आपराधिक मामलों में बदलने की प्रवृत्ति बढ़ रही है. यह स्पष्ट रूप से इस आम धारणा के कारण है कि सिविल कानून के उपाय समय लेने वाले होते हैं और उधारदाताओं, लेनदारों के हितों की पर्याप्त रूप से रक्षा नहीं करते हैं. ऐसी प्रवृत्ति…
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