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Salary-Pension भुगतान का उप्र राज्य कर्मचारी कल्याण निगम के कार्यकारी निदेशक आदेश का पालन करें या अवमानना आरोप निर्मित होने के लिए 19 मार्च को पेश हों

इलाहाबाद हाई कोर्ट ने प्रमुख सचिव खाद्य एवं आपूर्ति विभाग को भुगतान न करने की जांच कर दोषी कर्मचारियों पर कृत कार्रवाई रिपोर्ट सहित हलफनामा देने का निर्देश

Salary-Pension भुगतान का उप्र राज्य कर्मचारी कल्याण निगम के कार्यकारी निदेशक आदेश का पालन करें या अवमानना आरोप निर्मित होने के लिए 19 मार्च को पेश हों

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने उप्र राज्य कर्मचारी कल्याण निगम के कार्यकारी निदेशक कामता प्रसाद को रिटायर कर्मचारी याची के बकाया वेतन (Salary-Pension) सहित बिना किसी कटौती के एक माह में समस्त सेवानिवृत्ति परिलाभो का भुगतान करने अथवा अवमानना आरोप निर्मित होने के लिए 19 मार्च को हाजिर होने का निर्देश दिया है. कोर्ट ने प्रथमदृष्टया कार्यकारी निदेशक को आदेश (Salary-Pension) की अवहेलना के लिए दंडित किए जाने का हकदार माना और आदेश पालन करने के लिए एक माह का अंतिम अवसर दिया है.

कोर्ट ने प्रमुख सचिव खाद्य एवं आपूर्ति उ प्र लखनऊ को याची के बकाया वेतन व सेवानिवृत्ति परिलाभो (Salary-Pension) का भुगतान न करने की जांच कर लापरवाह दोषी अधिकारियों पर कृत कार्रवाई रिपोर्ट के साथ व्यक्तिगत हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया है. याचिका की अगली सुनवाई 19 मार्च को होगी. यह आदेश जस्टिस रोहित रंजन अग्रवाल ने सतीष कुमार वर्मा की अवमानना याचिका की सुनवाई करते हुए दिया है. याचिका पर अधिवक्ता कल्पनाथ त्रिपाठी ने बहस की.

इनका कहना है कि हाईकोर्ट के आदेश के बावजूद याची के बकाया वेतन व सेवानिवृत्ति परिलाभो (Salary-Pension) का भुगतान नहीं किया जा रहा है. कार्यकारी निदेशक ने कोर्ट को बताया निगम वित्तीय कठिनाइयों से गुजर रहा है. किंतु शीघ्र ही भुगतान किया जाएगा. कोर्ट ने हलफनामा देकर पूरी जानकारी पेश करने का आदेश दिया था. जिस पर हलफनामा दाखिल किया गया किंतु भुगतान (Salary-Pension) का स्पष्ट व्योरा नहीं दिया गया.

बताया कि बकाया 15,71,604 रूपये में से 290185 रूपये व 28900 रूपये प्रोत्साहन अग्रिम व त्योहार अग्रिम, जीएसटी वसूली 56253.38 रूपये, आडिट वसूली 79762 रूपये कुल योग 4,55,100.38 की कटौती के बाद कुल 11,16,504 रूपये का भुगतान किया जाना है.

कोर्ट ने इस हलफनामे को हतप्रभ करने वाला बताया और कहा कि सेवानिवृत्ति परिलाभो से कटौती का कोई उपबंध नहीं है. सरकार से कर्मचारियों को देने के लिए मिली धनराशि (Salary-Pension) का ठीक से वितरण भी नहीं किया गया है. आदेश का पालन नहीं किया गया. भुगतान नहीं किया केवल हलफनामा दिया कि कटौती कर भुगतान किया जाएगा. कोर्ट ने कार्यकारी निदेशक के रवैए पर टिप्पणी की कि वह समय खरीद रहे और कोर्ट को गुमराह कर रहे हैं. वेतन व देयों (Salary-Pension) का भुगतान नहीं कर रहे जिसका याची हकदार हैं.

CMO एटा को निर्देश मलेरिया इंस्पेक्टर याची को सुनकर Salary पुनर्निर्धारित करने का दें आदेश

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने Salary निर्धारण की विभागीय गलती से बिना सुनवाई का मौका दिए, वसूली के खिलाफ याचिका पर सी एम्ओएटा को याची को सुनकर नये सिरे से आदेश पारित करने का निर्देश दिया है और कहा है कि नये आदेश के बाद ही Salary का पुनर्निर्धारण व वसूली कार्यवाही की जाय. यह आदेश जस्टिस विकास बुधवार ने मलेरिया इंस्पेक्टर लोकमान सिंह की याचिका को निस्तारित करते हुए दिया है. याचिका पर अधिवक्ता गणेश मिश्रा व वरुण मिश्रा ने बहस की.

इनका कहना था कि याची की नियुक्ति मृतक आश्रित कोटे में 22 मई 2004 को की गई थी. समय आने पर नियमानुसार दो बार वेतनमान बढ़ाया गया और 18 जून 25 को अपर निदेशक मलेरिया एवं वीडीडी उप्र लखनऊ ने सामान्य आदेश जारी कर दिया गया गलत मान दुरुस्त करने का निर्देश दिया.

जिसके अनुपालन में सीएम्ओ एटा ने 16 जनवरी 26 को प्रश्नगत आदेश दिया. जिसे चुनौती दी गई थी. याची का कहना था कि उसे नोटिस नहीं दी गई और बिना सुने उसके खिलाफ आदेश दिया गया है जिसे रद किया जाय. जिस पर कोर्ट ने याची को सुनकर आदेश पारित करने का सीएमओ को आदेश दिया है.

सेवानिवृत्ति परिलाभो (Salary-Pension) के भुगतान न होने पर जिला समाज कल्याण अधिकारी मऊ से मांगी जानकारी

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने मृतक कर्मचारी का बकाया Salary भुगतान व सेवानिवृत्ति प्रतिलाभों के भुगतान न करने को लेकर दाखिल याचिका पर जिला समाज कल्याण अधिकारी मऊ से जानकारी मांगी है और याचिका की अगली सुनवाई की तिथि 23 फरवरी नियत की है. यह आदेश जस्टिस मंजू रानी चौहान की एकलपीठ ने फुलवा चौहान की याचिका पर अधिवक्ता सुधीर कुमार सिंह को सुनकर दिया है.

मालूम हो कि प्रेम सागर चौहान, डा भीम राव अम्बेडकर प्राथमिक पाठशाला धर्मागत पुर गुलौरी जनपद मऊ में वरिष्ठ सहायक अध्यापक थे, उच्च न्यायालय के आदेश के वावजूद उनका Salary भुगतान न होने पर उन्होंने, विद्यालय प्रबंधक और समाज कल्याण अधिकारी मऊ के विरुद्ध उच्च न्यायालय में अवमानना आवेदन पत्र योजित किया, जिस पर उच्च न्यायालय ने, विद्यालय प्रबंधक और समाज कल्याण अधिकारी मऊ के विरुद्ध अवमानना नोटिस जारी किया, इसी बीच सहायक अध्यापक, प्रेम सागर चौहान की मृत्यु हो गईं, मृतक सहायक अध्यापक की धर्म पत्नी फुलवा चौहान ने पति  के बकाये वेतन और अन्य लाभो की मांग किया.

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